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महा यज्ञ के तीसरे दिन पिता पुत्र व गुरू शिष्य के बारे में बताया
Updated Wed, 27 Dec 2017 02:25 AM IST
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कस्बे में सात दिवसीय चतुर्वेद परायण महायज्ञ का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। कस्बे के मोहल्ला तिहाई में चल रहे सात दिवसीय चतुर्वेद परायण महायज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार को आचार्यों ने यज्ञ के बाद भक्तों को प्रवचन दिए। मंगलवार को दोनों पहर यज्ञ का आयोजन हुआ। इसमें यजुर्वेद वेदी पर अश्वनी, अथर्ववेद वेदी पर विजय गुप्ता, सामवेद वेदी पर राकेश त्यागी व ऋग्वेद वेदी पर विपिन त्यागी यजमान रहे। यज्ञ के बाद गुरूवचन शास्त्री का प्रवचन हुआ। इस दौरान आचार्य ने बताया कि पिता को सबसे अधिक खुशी उस समय होती है जब उसका पुत्र उससे ज्यादा तरक्की करता है। गुरु को सर्वाधिक खुशी तब होती है जब उसका शिष्य संसार में उसका नाम करता है। एक माता को खुशी उस समय होती है जब उसकी बेटी घर के कार्य में दक्ष हो जाती है और उसका मान करती है। अंत में महेश त्यागी ने भजन सुनाए। शाम को आचार्य राजकुमार आदित्य ने योग कराया। इस मौके पर मुकेश त्यागी, देवेंद्र पहलवान, अवधेश स्वामी, अशोक त्यागी, रविदत्त त्यागी, जगदेेव त्यागी, जयप्रकाश त्यागी, पवन त्यागी व राजू त्यागी आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। कस्बे के मोहल्ला तिहाई में चल रहे सात दिवसीय चतुर्वेद परायण महायज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार को आचार्यों ने यज्ञ के बाद भक्तों को प्रवचन दिए। मंगलवार को दोनों पहर यज्ञ का आयोजन हुआ। इसमें यजुर्वेद वेदी पर अश्वनी, अथर्ववेद वेदी पर विजय गुप्ता, सामवेद वेदी पर राकेश त्यागी व ऋग्वेद वेदी पर विपिन त्यागी यजमान रहे। यज्ञ के बाद गुरूवचन शास्त्री का प्रवचन हुआ। इस दौरान आचार्य ने बताया कि पिता को सबसे अधिक खुशी उस समय होती है जब उसका पुत्र उससे ज्यादा तरक्की करता है। गुरु को सर्वाधिक खुशी तब होती है जब उसका शिष्य संसार में उसका नाम करता है। एक माता को खुशी उस समय होती है जब उसकी बेटी घर के कार्य में दक्ष हो जाती है और उसका मान करती है। अंत में महेश त्यागी ने भजन सुनाए। शाम को आचार्य राजकुमार आदित्य ने योग कराया। इस मौके पर मुकेश त्यागी, देवेंद्र पहलवान, अवधेश स्वामी, अशोक त्यागी, रविदत्त त्यागी, जगदेेव त्यागी, जयप्रकाश त्यागी, पवन त्यागी व राजू त्यागी आदि मौजूद रहे।