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अपशिष्ट पदार्थो के प्रयोग से बढ़ सकती है किसानों की आय
Updated Wed, 20 Dec 2017 02:41 AM IST
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अपशिष्ट पदार्थों के प्रयोग से बढ़ सकती है किसानों की आय
मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी द्वारा कृषि अपशिष्ट पदार्थों से किसानों की आय बढ़ सकती है। इस दिशा में बीटेक के छात्र कार्य कर रहे है। बीटेक चतुर्थ वर्ष के छात्र राहुल कुमार, अनुराग पटेल, हरिओम चौरसिया, अनुराग, विद्यार्थी ने बताया कि प्रयोगशाला में चल रहे प्रोजेक्ट से अच्छे परिणाम सामने आए हैं। पोस्ट हार्वेस्टिंग कृषि अपशिष्ट जैसे धान का पुआल, धान की भूसी, गेहूं का भूसा, मक्के का ठंठल केले का छिलका, संतरे का छिलका आदि तथा अन्य अपशिष्ट जिनका किसानों को कोई आर्थिक लाभ नहीं मिलता है। इन कृषि अपशिष्ट पदार्थों को विशिष्ट तरह के एन्जाइम के माध्यम से काम में लिया जा सकता है। किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा और वह अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं।
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मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी द्वारा कृषि अपशिष्ट पदार्थों से किसानों की आय बढ़ सकती है। इस दिशा में बीटेक के छात्र कार्य कर रहे है। बीटेक चतुर्थ वर्ष के छात्र राहुल कुमार, अनुराग पटेल, हरिओम चौरसिया, अनुराग, विद्यार्थी ने बताया कि प्रयोगशाला में चल रहे प्रोजेक्ट से अच्छे परिणाम सामने आए हैं। पोस्ट हार्वेस्टिंग कृषि अपशिष्ट जैसे धान का पुआल, धान की भूसी, गेहूं का भूसा, मक्के का ठंठल केले का छिलका, संतरे का छिलका आदि तथा अन्य अपशिष्ट जिनका किसानों को कोई आर्थिक लाभ नहीं मिलता है। इन कृषि अपशिष्ट पदार्थों को विशिष्ट तरह के एन्जाइम के माध्यम से काम में लिया जा सकता है। किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा और वह अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं।