{"_id":"5a29a64b4f1c1ba12d8b7339","slug":"15126791214-city-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोरना मे पहुंची शोचालयो की जांच के लिए टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोरना मे पहुंची शोचालयो की जांच के लिए टीम
Updated Fri, 08 Dec 2017 02:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। रजपुरा ब्लॉक के गांव मोरना में बनाए गए शौचालयों आदि के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत पर टीम ने गांव पहुंचकर जांच की। इस दौरान एक शौचालय को दरवाजा खोला तो वह टूट गया।
भावनपुर थाना के गांव मोरना निवासी मोहित कांबोज, निशांत शर्मा और राजकुमार त्यागी ने गांव में बने 234 शौचालय, लोहिया योजना के अंतर्गत बने सात भवनों के निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगाया था। बृहस्पतिवार को उप निदेशक कृषि विभाग सुरेंद्र सिंह चौधरी, अवर अभियंता फतेह चंद्र, लेखापाल भोपाल सिंह और शशी शर्मा सहित अन्य अधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने मौके पर बने 10 शौचालयों की जांच की और ग्रामीणों से जानकारी ली। इस दौरान लाभार्थी अल्ला बक्श, ननुवा, सुक्के, आदि ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वही जांच के दौरान एक शौचालय का गेट खोला तो वह टूटकर अधिकारियों के हाथों में आ गया। पंचायत घर में पुताई और मरम्मत के बारे में भी मौके पर पहुंचकर टीम ने जांच की। इस दौरान ग्राम प्रधान शहजाद भी मौजूद रहे।
ओडीएफ में शामिल हो चुका है गांव
ग्रामीणों ने बताया कि गत वर्ष उनका गांव मोरना ओडीएफ में भी शामिल हो चुका है। जिस पर ग्राम प्रधान शहजाद को जिला अधिकारी की तरफ से सम्मानित किया गया था। जबकि अभी तक भी गांव में बने हुए शौचालय चालू भी नहीं हो सके हैं। इस संबंध में उप निदेशक कृषि विभाग सुरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
खास बात
मोरना के ग्रामीणों ने लगाया था घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
उप निदेशक कृषि विभाग, अवर अभियंता और लेखापाल ने की जांच
विज्ञापन
भावनपुर थाना के गांव मोरना निवासी मोहित कांबोज, निशांत शर्मा और राजकुमार त्यागी ने गांव में बने 234 शौचालय, लोहिया योजना के अंतर्गत बने सात भवनों के निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगाया था। बृहस्पतिवार को उप निदेशक कृषि विभाग सुरेंद्र सिंह चौधरी, अवर अभियंता फतेह चंद्र, लेखापाल भोपाल सिंह और शशी शर्मा सहित अन्य अधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने मौके पर बने 10 शौचालयों की जांच की और ग्रामीणों से जानकारी ली। इस दौरान लाभार्थी अल्ला बक्श, ननुवा, सुक्के, आदि ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वही जांच के दौरान एक शौचालय का गेट खोला तो वह टूटकर अधिकारियों के हाथों में आ गया। पंचायत घर में पुताई और मरम्मत के बारे में भी मौके पर पहुंचकर टीम ने जांच की। इस दौरान ग्राम प्रधान शहजाद भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
ओडीएफ में शामिल हो चुका है गांव
ग्रामीणों ने बताया कि गत वर्ष उनका गांव मोरना ओडीएफ में भी शामिल हो चुका है। जिस पर ग्राम प्रधान शहजाद को जिला अधिकारी की तरफ से सम्मानित किया गया था। जबकि अभी तक भी गांव में बने हुए शौचालय चालू भी नहीं हो सके हैं। इस संबंध में उप निदेशक कृषि विभाग सुरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
खास बात
मोरना के ग्रामीणों ने लगाया था घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
उप निदेशक कृषि विभाग, अवर अभियंता और लेखापाल ने की जांच