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घूंघट वाली महिला प्रत्याशी मतदान केन्द्रो पर नजर नही आयी।
Updated Wed, 22 Nov 2017 07:18 PM IST
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माछरा। नगर पंचायत शाहजहांपुर एवं किठौर में मतदान के दौरान बूथों पर घूंघट वाली महिला प्रत्याशी नजर नहीं आईं। इनकी जिम्मेदारी उनके पतियों एवं परिजनों ने निभाई।
नगर पंचायत किठौर एवं शाहजहांपुर अध्यक्ष पद चुनाव आयोग ने महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया था। जिसके चलते नगर पंचायत शाहजहांपुर से 18 महिला प्रत्याशी तथा नगर पंचायत किठौर में 10 प्रत्याशी महिला चुनाव लड़ रही हैं। इसी तरह से नगर पंचायत के पार्षद पदों पर भी घूंघट वाली महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी महिला प्रत्याशी घर की चारदीवारी से बाहर कम निकली हैं। उनका ज्यादातर कामकाज पति एवं परिजनों ने किया। महिला प्रत्याशी मतदान के दौरान भी स्थिति का जायजा लेेने केन्द्रों पर नहीं पहुंचीं। वहां पर भी उनके पति ही मौजूद रहे। प्रत्याशी घरों में रहकर फोन द्वारा जायजा लेती रहीं। हालांकि उनके समर्थक जुटे रहे। उधर, मतदाताओं का कहना था कि चुनाव जीतने के बाद भी ये महिलाएं घर की चौखट लांघकर बाहर नहीं आ पाएंगी। ऐसे में वे जनता की समस्याओं से किस प्रकार रूबरू हो पाएंगी। ऐसी स्थिति में जनसमस्याओं का समाधान हो पाना संभव नहीं है।
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नगर पंचायत किठौर एवं शाहजहांपुर अध्यक्ष पद चुनाव आयोग ने महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया था। जिसके चलते नगर पंचायत शाहजहांपुर से 18 महिला प्रत्याशी तथा नगर पंचायत किठौर में 10 प्रत्याशी महिला चुनाव लड़ रही हैं। इसी तरह से नगर पंचायत के पार्षद पदों पर भी घूंघट वाली महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी महिला प्रत्याशी घर की चारदीवारी से बाहर कम निकली हैं। उनका ज्यादातर कामकाज पति एवं परिजनों ने किया। महिला प्रत्याशी मतदान के दौरान भी स्थिति का जायजा लेेने केन्द्रों पर नहीं पहुंचीं। वहां पर भी उनके पति ही मौजूद रहे। प्रत्याशी घरों में रहकर फोन द्वारा जायजा लेती रहीं। हालांकि उनके समर्थक जुटे रहे। उधर, मतदाताओं का कहना था कि चुनाव जीतने के बाद भी ये महिलाएं घर की चौखट लांघकर बाहर नहीं आ पाएंगी। ऐसे में वे जनता की समस्याओं से किस प्रकार रूबरू हो पाएंगी। ऐसी स्थिति में जनसमस्याओं का समाधान हो पाना संभव नहीं है।
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