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नवीना महोत्सव के दूसरे दिन ईसाई समुदाय के लोगों ने मनाई मुर्दो की ईदस्ड्ड1द्ग
Updated Thu, 02 Nov 2017 09:06 PM IST
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सरधना।
नगर के देवी मंदिर के निकट लोकप्रिय रोड स्थित कैथोलिक कब्रिस्तान में बृहस्पतिवार को ईसाई समुदाय के लोगों ने मुर्दों की ईद मनाई। उन्होंने अपनों से बिछड़ों की कब्र को पुष्पों से सजाकर मोमबत्ती जलाई। इसके बाद उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ मांगी। इस मौके पर फादर पाक्या नाथन और फादर ससिन बाबू ने विशेष प्रार्थना कराकर मिस्सा बलिदान कराया।
नवीना महोत्सव के दूसरे दिन प्रत्येक वर्ष की भांति ईसाई समुदाय ने मुर्दों की ईद मनाई। कैथोलिक समुदाय के लोग बच्चों और महिलाओं के साथ नए-नए कपडे़ पहनकर सुबह से ही कब्रिस्तान में पहुंचने लगे थे। उन्होंने यहां पर कब्र की मिट्टी तरीके से लगाकर उसकी सफाई की। उन्होंने कब्रों को बडे़ ही सुंदर ढंग से पुष्पों से सजाया। शाम करीब चार बजे कब्रिस्तान में विशेष प्रार्थना हुई। इसी कब्रिस्तान में बेगम समरू के वंशजों का भी मकबरा बना हुआ है। फादर पाक्या नाथन और फादर ससिन बाबू ने विशेष प्रार्थना कराकर मिस्सा बलिदान कराया। इस मौके पर माता मरियम एवं प्रभु यशु को याद कर श्रद्धालुओं ने अलहे लुईया, अलहे लुईया के जयकारे लगाए। ईसाई समुदाय के लोगों का देर रात तक कब्रिस्तान में पहुंचने का सिलसिला जारी था।
मुख्य बातें
कैथोलिक कब्रिस्तान में ईसाई समुदाय के लोगों ने मनाई मुर्दों की ईद
देवी मंदिर के निकट कब्रिस्तान पहुंचकर अपनों की कब्रों पर मोमबत्तियां जलाईं
फूलों से कब्र सजाकर, मृतकों की आत्मा की शांति की दुआ मांगी
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नगर के देवी मंदिर के निकट लोकप्रिय रोड स्थित कैथोलिक कब्रिस्तान में बृहस्पतिवार को ईसाई समुदाय के लोगों ने मुर्दों की ईद मनाई। उन्होंने अपनों से बिछड़ों की कब्र को पुष्पों से सजाकर मोमबत्ती जलाई। इसके बाद उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ मांगी। इस मौके पर फादर पाक्या नाथन और फादर ससिन बाबू ने विशेष प्रार्थना कराकर मिस्सा बलिदान कराया।
नवीना महोत्सव के दूसरे दिन प्रत्येक वर्ष की भांति ईसाई समुदाय ने मुर्दों की ईद मनाई। कैथोलिक समुदाय के लोग बच्चों और महिलाओं के साथ नए-नए कपडे़ पहनकर सुबह से ही कब्रिस्तान में पहुंचने लगे थे। उन्होंने यहां पर कब्र की मिट्टी तरीके से लगाकर उसकी सफाई की। उन्होंने कब्रों को बडे़ ही सुंदर ढंग से पुष्पों से सजाया। शाम करीब चार बजे कब्रिस्तान में विशेष प्रार्थना हुई। इसी कब्रिस्तान में बेगम समरू के वंशजों का भी मकबरा बना हुआ है। फादर पाक्या नाथन और फादर ससिन बाबू ने विशेष प्रार्थना कराकर मिस्सा बलिदान कराया। इस मौके पर माता मरियम एवं प्रभु यशु को याद कर श्रद्धालुओं ने अलहे लुईया, अलहे लुईया के जयकारे लगाए। ईसाई समुदाय के लोगों का देर रात तक कब्रिस्तान में पहुंचने का सिलसिला जारी था।
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मुख्य बातें
कैथोलिक कब्रिस्तान में ईसाई समुदाय के लोगों ने मनाई मुर्दों की ईद
देवी मंदिर के निकट कब्रिस्तान पहुंचकर अपनों की कब्रों पर मोमबत्तियां जलाईं
फूलों से कब्र सजाकर, मृतकों की आत्मा की शांति की दुआ मांगी