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किनौनी मिल कर्मचारियों ने दिया धरना
Updated Tue, 29 Aug 2017 06:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहटा।
किनौनी चीनी मिल के यूनिट हेड को धमकाने और मिल के बाहर फायरिंग करने के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मंगलवार को मिल के कर्मचारियों ने धरना देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और मिल प्रबंधन पर समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। कर्मचारियों ने तीन दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने की चेतावनी देकर धरना खत्म किया।
बता दें कि किनौनी चीनी मिल में पांच दिन पूर्व भाजपा कार्यकर्ता व पथिक सेना के जिला अध्यक्ष उमेश गुर्जर व किनौनी गांव के पूर्व प्रधान अमित गुर्जर ने मिल में ठेकों को लेकर यूनिट हेड केपी सिह को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद दो गाडियों में सवार दर्जन भर हमलावरों ने मिल के गेट पर जमकर फायरिंग की थी। घटना के बाद यूनिट हेड ने उमेश गुर्जर, अमित प्रधान व दर्जन भर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस ने किसी हमलावर को गिरफ्तार नहीं किया है।
कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
घटना को लेकर मंगलवार सुबह मिल कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया और मिल के गेट पर धरना देकर बैठ गये। आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रही है और हमलावरों को संरक्षण दे रही है। पुलिस दबिश के नाम पर खानापूर्ति कर रही है। सभी हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं। घटों बाद रोहटा पुलिस धरनास्थल पर पहुंची और हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। उसके बाद कर्मचारियों ने ज्ञापन देकर पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों में हमलावरों को नही पकड़ा गया तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। एसओ रोहटा रविन्द्र चंद पंत का कहना है कि अमित और उमेश की तलाश की जा रही है। पुलिस पर समझौते के लिए दबाव बनाने के आरोप बेबुनियाद हैं।
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खास बातें
मिल के बाहर फायरिंग के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर गुस्सा
पुलिस प्रशासन पर आरोपियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप
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रोहटा।
किनौनी चीनी मिल के यूनिट हेड को धमकाने और मिल के बाहर फायरिंग करने के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मंगलवार को मिल के कर्मचारियों ने धरना देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और मिल प्रबंधन पर समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। कर्मचारियों ने तीन दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने की चेतावनी देकर धरना खत्म किया।
बता दें कि किनौनी चीनी मिल में पांच दिन पूर्व भाजपा कार्यकर्ता व पथिक सेना के जिला अध्यक्ष उमेश गुर्जर व किनौनी गांव के पूर्व प्रधान अमित गुर्जर ने मिल में ठेकों को लेकर यूनिट हेड केपी सिह को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद दो गाडियों में सवार दर्जन भर हमलावरों ने मिल के गेट पर जमकर फायरिंग की थी। घटना के बाद यूनिट हेड ने उमेश गुर्जर, अमित प्रधान व दर्जन भर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस ने किसी हमलावर को गिरफ्तार नहीं किया है।
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कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
घटना को लेकर मंगलवार सुबह मिल कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया और मिल के गेट पर धरना देकर बैठ गये। आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रही है और हमलावरों को संरक्षण दे रही है। पुलिस दबिश के नाम पर खानापूर्ति कर रही है। सभी हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं। घटों बाद रोहटा पुलिस धरनास्थल पर पहुंची और हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। उसके बाद कर्मचारियों ने ज्ञापन देकर पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों में हमलावरों को नही पकड़ा गया तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। एसओ रोहटा रविन्द्र चंद पंत का कहना है कि अमित और उमेश की तलाश की जा रही है। पुलिस पर समझौते के लिए दबाव बनाने के आरोप बेबुनियाद हैं।
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खास बातें
मिल के बाहर फायरिंग के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर गुस्सा
पुलिस प्रशासन पर आरोपियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप