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प्रवासी पक्षियों का सेंक्चूरी क्षेत्र में आना शुरु हुए।

Sat, 19 Aug 2017 02:15 AM IST
Updated Sat, 19 Aug 2017 02:15 AM IST
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प्रवासी पक्षियों का सेंक्चूरी क्षेत्र में आना शुरु हुए।
चीन, जापान समेत कई देशों से पहुंचने लगे हैं पक्षी
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अमर उजाला ब्यूरो
हस्तिनापुर।
गंगा किनारे बसे महाभारतकालीन हस्तिनापुर सुंदरतम स्थलों में शुमार है। यहां कलकल बहती पतित पावन गंगा और अन्य छोटी-छोटी नदियां, जड़ी बूटी तथा दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु की अभ्यारण्य में बहुतायत में है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भौगोलिक स्थिति इतनी आकर्षक है कि देश के कोने-कोने से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। विश्व के कई देशों से पक्षी यहां आकर शरद ऋतु में प्रवास करते हैं। इस समय यहां ये पक्षी आने प्रारंभ हो गए हैं।
यहां आरक्षित वन जंगल एवं झीले होने से प्राकृतिक सौंदर्य अनुपम है। हस्तिनापुर जैन, हिंदू एवं सिख धर्म की पवित्र स्थली है। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु इस धार्मिक स्थल के दर्शन करने आते हैं। मौसम में आ रहे बदलाव से इन दिनों यहां वन्य जीव अभ्यारण्य के बीच से निकली गंगा के आसपास झीलों में प्रवासी पक्षी आने प्रारंभ हो गए हैं। शरद ऋतु में तो इनका यहां रेला रहता है। नदी के आसपास मनोहरपुर, भीकुंड, बधुवा, किशोरपुर एवं श्री श्वेताम्बर मंदिर के निशियां जी के समीप विशाल झील और वन आरक्षित जंगल में इन दिनों लाल चोंच की चिड़ियां किंगफिशर, एरोन डक, टीलस एवं कई प्रजाति के सारस समेत दर्जनों तरह के रंग-बिरंगे पक्षी चीन, जापान आदि देशों से हजारों किलोमीटर की यात्रा कर पहुंचने प्रारंभ हो गए हैं। ये नवंबर तक लाखों की संख्या में हो जाते हैं। जिला वन अधिकारी अदिति शर्मा का कहना है कि इस बार मौसम पक्षियों के अनुकूल होने के कारण आवक अधिक होने की आशा है। इन पक्षियों को शिकारियों और अन्य परेशानियों से बचाने के लिए विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वनकर्मियों को पक्षियों की सख्त निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं। यदि इन सैलानी पक्षियों की सुरक्षा में कोई कमी करता पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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इस बार फिर बहार आनी तय
गत वर्ष हुई कम वर्षा के चलते और झीलों के सूखने से किसानों द्वारा उनमें फसलें बुवाई करने से झीलों में कमी आ गई थी। इस बार हुई कुछ वर्षा से फिर से झीलों में पानी भरने से वातावरण पक्षियों के अनुकूल हो गया है। इससे प्रवासी पक्षियों के जीवन में फिर से बहार आनी तय है। इस वर्ष किशोरपुर, मिर्जापुर, जलालपुर, सैनपुर, चूहापुर, हस्तिनापुर के आसपास झीलों में अच्छा पानी और दलदल हो जाने से दुर्लभ प्रजाति के जंगली जीव बारहसिंगा, चीतल, सांभर के अच्छा प्रजनन होने की भी उम्मीद जग गई है।
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किशोरी की चोटी कटी
हस्तिनापुर। क्षेत्र में महिलाओं की चोटी कटने के मामले बंद नहीं हो रहे हैं। कस्बे की अनाज मंडी में एक किशोरी की दोपहर बाद लगभग तीन बजे चोटी कट गई। उस समय वह अपनी बहन के साथ घर में थी। वह चोटी कटने के बाद बेहोश हो गई। किशोरी मनीषा पुत्री ब्रजपाल सिंह है। इसकी जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाया। किशोरी के चाचा सुरेश ने बताया कि घटना के बाद से ही किशोरी सहमी हुई है।

रजवाहे की सफाई शुरू
हस्तिनापुर। क्षेत्र के ग्राम तजपुरा, नंगला चांद के निकट स्थित रहवाहे में अरसे से पानी नहीं आने से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। वे कई बार अधिकारियों से इसे चालू कराने की मांग कर चुके थे। दो दिन पूर्व क्षेत्र ग्राम रानी नंगला, गणेशपुर, तजपुरा एवं माखनगर, रहमापुर, सैफपुर कर्मचंदपुर के ग्रामीण और किसान विधायक दिनेश खटीक से मिले थे। उन्होंने समस्या के समाधान की मांग की थी। जिस पर विधायक दिनेश खटीक ने इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। इस पर शुक्रवार सिंचाई विभाग द्वारा रजवाहे की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही सफाई होने के बाद रजवाहे में जल प्रवाह शुरू कर दिया जाएगा।
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