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बाबा के काफिले में चलती ओडी और फॉरच्यूनर
Updated Tue, 18 Jul 2017 01:03 AM IST
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22 गाडिय़ों के काफिले ओर 250 लोगों के साथ हरिद्वार से ला रहे है कांवड़
अमर उजाला ब्यूरो
मोदीपुरम। गोल्डन बाबा हरिद्वार से जल लेकर सोमवार को मोदीपुरम पहुंचे। काफिले में ओडी और फॉरच्यूनर समेत 22 वाहन चल रहे हैं। गोल्डन बाबा के साथ तीस कांवडिये, 30 निजी सुरक्षाकर्मी, एबुलेंस, रसोई वाहन, पुलिस सुरक्षा सभी कुछ शामिल हैं। गोल्डन बाबा को देखने और उनके साथ सेल्फी के लिए भीड़ भी बेकाबू रही। पुलिस ने किसी को भी उसके पास तक आने नहीं दिया। अपनी फॉरच्यूनर गाड़ी पर चढ़कर बाबा डांस करते हुए अपने भक्तों का अभिवादन कर रहे थे।
दिल्ली के रहने वाले गोल्डन बाबा (सुधीर कुमार) का गारमेंट का कारोबार था। बाबा ने बातचीत में बताया कि लगभग डेढ सौ करोड़ रुपये की प्रोपट्री को छोड़कर वह शिवभक्ति में लीन हो गए। उनकी पत्नी राधा स्वामी सत्संग में सेवा कर रही है। लगभग 24 साल से लगातार वह हरिद्वार से कांवड़ ला रहे है। वह 15 किलो सोना पहनते है। लेकिन गले के आपरेशन के चलते अब उन्होंने 13 किलो सोना पहनना शुरू कर दिया। हाल ही में सवा दो किलो सोने की माला बनवायी है। उनकी कांवड़ यात्रा में 80 से लेकर 90 लाख रुपये तक का खर्च आता है। यात्रा के लिए खर्चा भोलेनाथ के नाम से पहले खरीदी गई प्रोपर्टी को बेचकर यात्रा में लगाते है। उनके कोई संतान नहीं है। सोने उनके लिए कोई महत्व नहीं है, वह सिर्फ इसलिए सोने को पहनते है कि वह गोल्डन बाबा के नाम से मशहूर हो गए। वह 16 मणि जूना आखडा के श्री महंत भी है। वह 21 जुलाई को दिल्ली के गांधीनगर लक्ष्मी नारायण मंदिर में अपने काफिले के साथ पहुंचेगें ओर वहां जलाभिषेक करेगें।
हरकी पैड़ी पर बेची माला
गोल्डन बाबा ने बताया कि सन 1981-82 में उन्होंने हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर माला भी बेची है। छह साल की उम्र में परिवार वालों ने उन्हे गुरु कुल महाविद्यालय ज्वालापुर हरिद्वार छोड़ दिया था तभी से जनेऊ धारण कर लिया था। वह पहली कांवड़ सन 1972-73 में मात्र 250 रुपये में लाए थे।
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ये गाडिय़ां है बाबा के काफिले में
मोदीपुरम।
ओडी- 2
फॉरच्यूनर 2
अन्य वाहन 18
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अमर उजाला ब्यूरो
मोदीपुरम। गोल्डन बाबा हरिद्वार से जल लेकर सोमवार को मोदीपुरम पहुंचे। काफिले में ओडी और फॉरच्यूनर समेत 22 वाहन चल रहे हैं। गोल्डन बाबा के साथ तीस कांवडिये, 30 निजी सुरक्षाकर्मी, एबुलेंस, रसोई वाहन, पुलिस सुरक्षा सभी कुछ शामिल हैं। गोल्डन बाबा को देखने और उनके साथ सेल्फी के लिए भीड़ भी बेकाबू रही। पुलिस ने किसी को भी उसके पास तक आने नहीं दिया। अपनी फॉरच्यूनर गाड़ी पर चढ़कर बाबा डांस करते हुए अपने भक्तों का अभिवादन कर रहे थे।
दिल्ली के रहने वाले गोल्डन बाबा (सुधीर कुमार) का गारमेंट का कारोबार था। बाबा ने बातचीत में बताया कि लगभग डेढ सौ करोड़ रुपये की प्रोपट्री को छोड़कर वह शिवभक्ति में लीन हो गए। उनकी पत्नी राधा स्वामी सत्संग में सेवा कर रही है। लगभग 24 साल से लगातार वह हरिद्वार से कांवड़ ला रहे है। वह 15 किलो सोना पहनते है। लेकिन गले के आपरेशन के चलते अब उन्होंने 13 किलो सोना पहनना शुरू कर दिया। हाल ही में सवा दो किलो सोने की माला बनवायी है। उनकी कांवड़ यात्रा में 80 से लेकर 90 लाख रुपये तक का खर्च आता है। यात्रा के लिए खर्चा भोलेनाथ के नाम से पहले खरीदी गई प्रोपर्टी को बेचकर यात्रा में लगाते है। उनके कोई संतान नहीं है। सोने उनके लिए कोई महत्व नहीं है, वह सिर्फ इसलिए सोने को पहनते है कि वह गोल्डन बाबा के नाम से मशहूर हो गए। वह 16 मणि जूना आखडा के श्री महंत भी है। वह 21 जुलाई को दिल्ली के गांधीनगर लक्ष्मी नारायण मंदिर में अपने काफिले के साथ पहुंचेगें ओर वहां जलाभिषेक करेगें।
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हरकी पैड़ी पर बेची माला
गोल्डन बाबा ने बताया कि सन 1981-82 में उन्होंने हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर माला भी बेची है। छह साल की उम्र में परिवार वालों ने उन्हे गुरु कुल महाविद्यालय ज्वालापुर हरिद्वार छोड़ दिया था तभी से जनेऊ धारण कर लिया था। वह पहली कांवड़ सन 1972-73 में मात्र 250 रुपये में लाए थे।
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ये गाडिय़ां है बाबा के काफिले में
मोदीपुरम।
ओडी- 2
फॉरच्यूनर 2
अन्य वाहन 18