{"_id":"664fc3416a6383be730b9ea4","slug":"15-thousand-population-is-facing-electricity-crisis-meerut-news-c-31-1-smrt1003-109838-2024-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: बिजली संकट से जूझ रही 15 हजार की आबादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: बिजली संकट से जूझ रही 15 हजार की आबादी
Fri, 24 May 2024 03:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 24 May 2024 03:59 AM IST
विज्ञापन
बड़ौत। बिजली आपूर्ति के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद आज भी शहर की 15 हजार से अधिक की आबादी बिजली संकट से जूझ रही है। लोग लगातार बिजली संकट से निजात दिलाने के लिए शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई व समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसको लेकर उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति रोष है।
शहर में बिजली आपूर्ति को दुरूस्त करने के लिए वर्ष 2020-2021 में प्रदेश सरकार की एपीडीआरपी योजना के तहत दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित 132केवीए बिजलीघर से सराय रोड तक 11केवीए की लगभग 800 मीटर अंडरग्राउड लाइन बिछाई गई थी और फीडर नंबर छह बनाया गया था। इस काम में विभाग ने तकरीबन 25 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन आरोप है कि एक्सईएन द्वितीय कार्यालय व मुख्य शिकायत केंद्र पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से यह लाइन मात्र पांच से छह माह ही सुचारु रह सकी और उसके बाद खराब हो गई। इस वजह से बिजली संकट गहरा गया और लोगों ने हंगामा किया। इसके बाद उक्त फीडर नंबर छह को फीडर नंबर दो से जोड़ दिया गया। इन दोनों फीडर से शहर की गुराना रोड, गांधी रेाड, शिवपुरी, नेहरू रोड, रेलवे स्टेशन समेत 12 से अधिक काॅलोनियों में रहने वाले लोगों को बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई। वार्ड नंबर 15 के सभासद प्रमोद शर्मा ने 12 जुलाई 2023 में यूपीसीएलएमडी लखनऊ, एमडी मेरठ, अधिशासी अभियंता द्वितीय को लिखित शिकायत की थी, कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में एक साथ दो फीडर बंद होने से लोग बिजली आूपर्ति को लेकर बिलबिला उठे। सभासद प्रमोद शर्मा का आरोप है कि वर्ष 2023 में मुख्य शिकायत केंद्र पर तैनात अवर अभियंता ने इस कार्य में घोर लापरवाही बरती, जिस कारण आज तक इन दोनों फीडरों से जुड़ी आबादी बिजली संकट से जूझ रही है। हाल में फिर से सभासद ने शिकायत कर समस्या का समाधान कराएं जाने की मांग की।
वर्जन-- --
कुछ महीने पहले यहां पर तैनात हुई है। जैसे ही शिकायत प्राप्त हुई, वैसे ही फीडर नंबर दो व फीडर नंबर छह को अलग करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही दोनों फीडरों को अलग-अलग कर दिया जाएगा, ताकि ओवरलोड की समस्या समाप्त हो जाए और लोगोें को पहले से बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सके- गुलशन कन्नौजिया अवर अभियंता बड़ौत।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में बिजली आपूर्ति को दुरूस्त करने के लिए वर्ष 2020-2021 में प्रदेश सरकार की एपीडीआरपी योजना के तहत दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित 132केवीए बिजलीघर से सराय रोड तक 11केवीए की लगभग 800 मीटर अंडरग्राउड लाइन बिछाई गई थी और फीडर नंबर छह बनाया गया था। इस काम में विभाग ने तकरीबन 25 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन आरोप है कि एक्सईएन द्वितीय कार्यालय व मुख्य शिकायत केंद्र पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से यह लाइन मात्र पांच से छह माह ही सुचारु रह सकी और उसके बाद खराब हो गई। इस वजह से बिजली संकट गहरा गया और लोगों ने हंगामा किया। इसके बाद उक्त फीडर नंबर छह को फीडर नंबर दो से जोड़ दिया गया। इन दोनों फीडर से शहर की गुराना रोड, गांधी रेाड, शिवपुरी, नेहरू रोड, रेलवे स्टेशन समेत 12 से अधिक काॅलोनियों में रहने वाले लोगों को बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई। वार्ड नंबर 15 के सभासद प्रमोद शर्मा ने 12 जुलाई 2023 में यूपीसीएलएमडी लखनऊ, एमडी मेरठ, अधिशासी अभियंता द्वितीय को लिखित शिकायत की थी, कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में एक साथ दो फीडर बंद होने से लोग बिजली आूपर्ति को लेकर बिलबिला उठे। सभासद प्रमोद शर्मा का आरोप है कि वर्ष 2023 में मुख्य शिकायत केंद्र पर तैनात अवर अभियंता ने इस कार्य में घोर लापरवाही बरती, जिस कारण आज तक इन दोनों फीडरों से जुड़ी आबादी बिजली संकट से जूझ रही है। हाल में फिर से सभासद ने शिकायत कर समस्या का समाधान कराएं जाने की मांग की।
विज्ञापन
वर्जन
कुछ महीने पहले यहां पर तैनात हुई है। जैसे ही शिकायत प्राप्त हुई, वैसे ही फीडर नंबर दो व फीडर नंबर छह को अलग करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही दोनों फीडरों को अलग-अलग कर दिया जाएगा, ताकि ओवरलोड की समस्या समाप्त हो जाए और लोगोें को पहले से बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सके- गुलशन कन्नौजिया अवर अभियंता बड़ौत।
विज्ञापन