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वीर सैनिक
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आतंकियों ने बुझा दिए थे घर के चिराग
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के हमले में देश के जवानों की शहादत से लोग गुस्से में हैं। पुलवामा में सीआरपीएफ के 42 जवानों के बलिदान के बाद से दूधली गांव के मास्टर रामपाल सिंह उद्वेलित हो गए हैं। पुलवामा में ही दहशतगर्दों ने अगवा कर उनके दोनों बेटों की हत्या कर दी थी। उनका एक बेटा रेलवे में इंजीनियर था। दोनों बेटों की हत्या से उनके परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। बेटों को खोने के बाद उनकी पत्नी भी चल बसीं। आतंकियों का दिया असहनीय दर्द लिए वे किसी तरह से अपनी जिंदगी काट रहे हैं।
कश्मीर में आतंकी हमलों में देश के हजारों परिवारों ने अपने बेटों को देश की रक्षा में खो दिए हैं। चरथावल ब्लॉक के गांव दूधली के ठाकुर रामपाल सिंह के दो बेटे सुधीर और संदीप पुंडीर थे। बताते हैं कि इंजीनियर बनने के बाद बड़े बेटे सुधीर पुंडीर की नियुक्ति इरकॉन कंपनी में हो गई थी। उनकी कंपनी को उधमपुर कटरा रेलवे लाइन बनाने का प्रोजेक्ट मिला। सुधीर पुलवामा में ही रहता था। यह वर्ष 2004 की बात है। छोटा भाई संदीप अपनी माँ रामवती के साथ 18 जून को वैष्णो देवी माता दर्शन को कश्मीर गए थे। 23 जून को काजीगुड़-बारामुला रेलवे लाइन का निरीक्षण करना था। बड़े भाई के साथ कश्मीर देखने की चाह में संदीप भी चला गया। आतंकियों ने दोनों भाइयों को अगवा कर लिया। 25 जून को दोनों की सिर कटी लाशें बारामुला के जंगल में मिली। बेटों के साथ अगवा किए रेलवे ठेकेदार अशरफ और ड्राइवर को आतंकियों ने छोड़ दिया। बेटों को खो देने का वियोग मां रामवती सहन नहीं कर पाई। छह साल पहले वह गुजर गईं। दो बेटियां है, उन्हीं के सहारे जिंदगी कट रही है। रामपाल ने कहा कि पता नहीं क्या कसूर रहा कि आतंकियों ने घर के चिराग बुझा दिए। पुलवामा आतंकी हमले में जिन परिवारों के बेटे वतन की खातिर शहीद हो गए, उनका दर्द मुझे सोने नहीं देता। खेतीबाड़ी बटाई पर दे रखी है। जैसे तैसे जिंदगी की सांझ को बिता रहा हूं। वह कहते है कि जब तक कश्मीर में आतंकवाद जड़ से खत्म नहीं होगा, देश के बेटों की शहादत नहीं रुकेगी।
पीएम मोदी ने सुधीर की स्मृति में किया था कटरा पुल का नामकरण
चरथावल। रेलवे मंत्रालय ने शहीद इंजीनियर सुधीर पुंडीर की स्मृति में उधमपुर-कटरा रेलवे लाइन पर बने एक पुल का नामकरण उन्हें समर्पित किया है। चार जुलाई, 2014 को पीएम नरेंद्र मोदी ने इस लाइन पर माता वैष्णो देवी श्रद्धालुओं के लिए कटरा रेलवे ट्रैक का लोकार्पण किया था।
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चरथावल (मुजफ्फरनगर)। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के हमले में देश के जवानों की शहादत से लोग गुस्से में हैं। पुलवामा में सीआरपीएफ के 42 जवानों के बलिदान के बाद से दूधली गांव के मास्टर रामपाल सिंह उद्वेलित हो गए हैं। पुलवामा में ही दहशतगर्दों ने अगवा कर उनके दोनों बेटों की हत्या कर दी थी। उनका एक बेटा रेलवे में इंजीनियर था। दोनों बेटों की हत्या से उनके परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। बेटों को खोने के बाद उनकी पत्नी भी चल बसीं। आतंकियों का दिया असहनीय दर्द लिए वे किसी तरह से अपनी जिंदगी काट रहे हैं।
कश्मीर में आतंकी हमलों में देश के हजारों परिवारों ने अपने बेटों को देश की रक्षा में खो दिए हैं। चरथावल ब्लॉक के गांव दूधली के ठाकुर रामपाल सिंह के दो बेटे सुधीर और संदीप पुंडीर थे। बताते हैं कि इंजीनियर बनने के बाद बड़े बेटे सुधीर पुंडीर की नियुक्ति इरकॉन कंपनी में हो गई थी। उनकी कंपनी को उधमपुर कटरा रेलवे लाइन बनाने का प्रोजेक्ट मिला। सुधीर पुलवामा में ही रहता था। यह वर्ष 2004 की बात है। छोटा भाई संदीप अपनी माँ रामवती के साथ 18 जून को वैष्णो देवी माता दर्शन को कश्मीर गए थे। 23 जून को काजीगुड़-बारामुला रेलवे लाइन का निरीक्षण करना था। बड़े भाई के साथ कश्मीर देखने की चाह में संदीप भी चला गया। आतंकियों ने दोनों भाइयों को अगवा कर लिया। 25 जून को दोनों की सिर कटी लाशें बारामुला के जंगल में मिली। बेटों के साथ अगवा किए रेलवे ठेकेदार अशरफ और ड्राइवर को आतंकियों ने छोड़ दिया। बेटों को खो देने का वियोग मां रामवती सहन नहीं कर पाई। छह साल पहले वह गुजर गईं। दो बेटियां है, उन्हीं के सहारे जिंदगी कट रही है। रामपाल ने कहा कि पता नहीं क्या कसूर रहा कि आतंकियों ने घर के चिराग बुझा दिए। पुलवामा आतंकी हमले में जिन परिवारों के बेटे वतन की खातिर शहीद हो गए, उनका दर्द मुझे सोने नहीं देता। खेतीबाड़ी बटाई पर दे रखी है। जैसे तैसे जिंदगी की सांझ को बिता रहा हूं। वह कहते है कि जब तक कश्मीर में आतंकवाद जड़ से खत्म नहीं होगा, देश के बेटों की शहादत नहीं रुकेगी।
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पीएम मोदी ने सुधीर की स्मृति में किया था कटरा पुल का नामकरण
चरथावल। रेलवे मंत्रालय ने शहीद इंजीनियर सुधीर पुंडीर की स्मृति में उधमपुर-कटरा रेलवे लाइन पर बने एक पुल का नामकरण उन्हें समर्पित किया है। चार जुलाई, 2014 को पीएम नरेंद्र मोदी ने इस लाइन पर माता वैष्णो देवी श्रद्धालुओं के लिए कटरा रेलवे ट्रैक का लोकार्पण किया था।
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