{"_id":"5c61da16bdec220833204544","slug":"141549916694-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुला चरण समाप्त, लक्ष्य पूरा करना दूर की कौड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुला चरण समाप्त, लक्ष्य पूरा करना दूर की कौड़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तिथि बढ़े तो किसान सम्मान निधि योजना से पात्रों का सत्यापन हो सकेगा पूरा
1.80 लाख किसानों में से महज 17,585 किसानों के भरे गए घोषणा पत्र
शरद गुप्ता
मवाना। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्रों की सूची तैयार कर फीडिंग कराने का पहला चरण सोमवार को पूरा हो गया। कम स्टॉफ की कमी से जूझ रही मवाना तहसील के लिए लक्ष्य पूरा करना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। बीती सात फरवरी से शुरू हुए इस अभियान के बाद पांच दिन में अब तक मवाना तहसील के लेखपाल महज 17,585 घोषणा पत्र ही भर सके हैं। उनके पास अब दूसरे चरण के केवल तीन दिन शेष हैं।
यह थी योजना
केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में दो हेक्टेयर एवं उससे कम जमीन वाले किसानों को सलाना छह हजार रुपये तीन किस्तों में सीधे खाते में भेजने की व्यवस्था की है। केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले एक किस्त किसानों के खाते में भेजने के लिए पात्रों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए किसानों के घोषणा पत्र भरवाने के लिए प्रथम चरण सात फरवरी से शुरू किया गया था। मवाना तहसील के 46 लेखपाल इस कार्य में लगे हुए हैं।
305 गांव और 1.80 लाख किसान
मवाना तहसील अंर्तगत 305 गांव आते हैं। जिनमें 250 गांव आबाद एवं 55 गैर आबाद हैं। इन गांवों में लगभग 3 लाख 79 हजार 501 किसान हैं, जबकि दो हेक्टेयर भूमि वाले 1 लाख 80 हजार किसान हैं। तहसील कर्मी दिन-रात मेहनत करने के बाद भी आधे किसानों के घोषणा पत्र नहीं भरवा सके। कम समय एवं काम अधिक होने से लेखपाल एवं तहसील अधिकारियों के सामने लक्ष्य पूरा करना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। शनिवार एवं रविवार की छुट्टी के बावजूद तहसील अधिकारियों ने लक्ष्य पूरा करने के लिए कार्य किया। हालांकि मंगलवार से दूसरा चरण शुरू हो जाएगा जो 14 फरवरी तक चलेगा।
विज्ञापन
तिथि बढ़ने पर टिकी निगाह
तीन दिन का समय शेष रहने के कारण अब तहसील के लेखपाल एवं अधिकारियों की निगाह तिथि बढ़ने पर टिकी हुई है। हालांकि अधिकारी एवं लेखपाल अधिक से अधिक घोषणा पत्र भरवाने में जुटे हुए हैं। देखना यह है कि तीन दिन में मवाना तहसील के लेखपाल कितने और पात्र किसानों के घोषणा पत्र भरवा पाते हैं। सवाल यह भी है कि यदि तिथि नहीं बढ़ी और पात्र किसान छूट जाएंगे। उन्हें चुनाव से पहले किस्त कैसे मिल सकेगी। ऐसे में सरकार के लिए भी यह समस्या लोकसभा चुनाव में मुसीबत बन सकती है।
तहसील के कार्य अटके
प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ लघु एवं सीमांत किसानों को मिल सके। इसके लिए लेखपाल से लेकर अधिकारी गांव-गांव जाकर घोषणा पत्र भरवा रहे हैं। वहीं, अधिकारियों एवं लेखपालों के पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं होने के कारण तहसील के कार्य अटके हुए हैं। जिस कारण यहां आने वाले फरियादियों को मायूस लौटना पड़ रहा है।
यह है अब तक की स्थिति
ब्लॉक भरे गए घोषणा पत्र
मवाना 4715
हस्तिनापुर 4002
परीक्षितगढ़ 6266
माछरा 2602
तहसील अंर्तगत 1 लाख 80 हजार किसान हैं
लेखपाल व उनकी पूरी टीम दिन-रात लक्ष्य पूरा करने में जुटी है। रात में भी फीडिंग कराई जा रही है। जिससे लक्ष्य पूरा किया जा सके। अभी तीन दिन शेष हैं।-अशोक कुमार गुप्ता, तहसीलदार मवाना
गांव-गांव जाकर सत्यापन किया
माछरा। किसान सम्मान निधि के तहत पहले चरण का सत्यापन सोमवार को पूरा हो गया। दूसरा चरण 12 से चलेगा। लेखपालों ने सोमवार को गांव-गांव में जाकर घोषणा पत्रों का सत्यापन किया। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अंतरिम बजट में लघु एवं सीमांत किसानों को 6 हजार रुपये सम्मान राशि वार्षिक देने का प्रावधान किया है। इसके लिए सत्यापन के लिए लेखपाल अंशुल एवं अमीन अनिल, पिंटू ने नंगली अब्दुल्ला, कासमपुर, माछरा पहुंचे। पहले चरण में पंजीकृत किसानों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई। इस कार्य में कृषि विभाग के अतिरिक्त राजस्व और पंचायत राज विभाग के कर्मचारी लगाए गए हैं। लेखपाल अंशुल कुमार ने बताया कि इससे किसानों से आधार कार्ड, बैंक खाते के साथ निर्धारित शपथ पत्र लिया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में 12 से टीम द्वारा सत्यापित किए गए किसानों का ब्योरा प्रतिदिन पोर्टल पर अपलोड कर किया जाएगा। यह कार्य शासन के आदेश पर जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
1.80 लाख किसानों में से महज 17,585 किसानों के भरे गए घोषणा पत्र
शरद गुप्ता
मवाना। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्रों की सूची तैयार कर फीडिंग कराने का पहला चरण सोमवार को पूरा हो गया। कम स्टॉफ की कमी से जूझ रही मवाना तहसील के लिए लक्ष्य पूरा करना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। बीती सात फरवरी से शुरू हुए इस अभियान के बाद पांच दिन में अब तक मवाना तहसील के लेखपाल महज 17,585 घोषणा पत्र ही भर सके हैं। उनके पास अब दूसरे चरण के केवल तीन दिन शेष हैं।
यह थी योजना
केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में दो हेक्टेयर एवं उससे कम जमीन वाले किसानों को सलाना छह हजार रुपये तीन किस्तों में सीधे खाते में भेजने की व्यवस्था की है। केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले एक किस्त किसानों के खाते में भेजने के लिए पात्रों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए किसानों के घोषणा पत्र भरवाने के लिए प्रथम चरण सात फरवरी से शुरू किया गया था। मवाना तहसील के 46 लेखपाल इस कार्य में लगे हुए हैं।
विज्ञापन
305 गांव और 1.80 लाख किसान
मवाना तहसील अंर्तगत 305 गांव आते हैं। जिनमें 250 गांव आबाद एवं 55 गैर आबाद हैं। इन गांवों में लगभग 3 लाख 79 हजार 501 किसान हैं, जबकि दो हेक्टेयर भूमि वाले 1 लाख 80 हजार किसान हैं। तहसील कर्मी दिन-रात मेहनत करने के बाद भी आधे किसानों के घोषणा पत्र नहीं भरवा सके। कम समय एवं काम अधिक होने से लेखपाल एवं तहसील अधिकारियों के सामने लक्ष्य पूरा करना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। शनिवार एवं रविवार की छुट्टी के बावजूद तहसील अधिकारियों ने लक्ष्य पूरा करने के लिए कार्य किया। हालांकि मंगलवार से दूसरा चरण शुरू हो जाएगा जो 14 फरवरी तक चलेगा।
विज्ञापन
तिथि बढ़ने पर टिकी निगाह
तीन दिन का समय शेष रहने के कारण अब तहसील के लेखपाल एवं अधिकारियों की निगाह तिथि बढ़ने पर टिकी हुई है। हालांकि अधिकारी एवं लेखपाल अधिक से अधिक घोषणा पत्र भरवाने में जुटे हुए हैं। देखना यह है कि तीन दिन में मवाना तहसील के लेखपाल कितने और पात्र किसानों के घोषणा पत्र भरवा पाते हैं। सवाल यह भी है कि यदि तिथि नहीं बढ़ी और पात्र किसान छूट जाएंगे। उन्हें चुनाव से पहले किस्त कैसे मिल सकेगी। ऐसे में सरकार के लिए भी यह समस्या लोकसभा चुनाव में मुसीबत बन सकती है।
तहसील के कार्य अटके
प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ लघु एवं सीमांत किसानों को मिल सके। इसके लिए लेखपाल से लेकर अधिकारी गांव-गांव जाकर घोषणा पत्र भरवा रहे हैं। वहीं, अधिकारियों एवं लेखपालों के पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं होने के कारण तहसील के कार्य अटके हुए हैं। जिस कारण यहां आने वाले फरियादियों को मायूस लौटना पड़ रहा है।
यह है अब तक की स्थिति
ब्लॉक भरे गए घोषणा पत्र
मवाना 4715
हस्तिनापुर 4002
परीक्षितगढ़ 6266
माछरा 2602
तहसील अंर्तगत 1 लाख 80 हजार किसान हैं
लेखपाल व उनकी पूरी टीम दिन-रात लक्ष्य पूरा करने में जुटी है। रात में भी फीडिंग कराई जा रही है। जिससे लक्ष्य पूरा किया जा सके। अभी तीन दिन शेष हैं।-अशोक कुमार गुप्ता, तहसीलदार मवाना
गांव-गांव जाकर सत्यापन किया
माछरा। किसान सम्मान निधि के तहत पहले चरण का सत्यापन सोमवार को पूरा हो गया। दूसरा चरण 12 से चलेगा। लेखपालों ने सोमवार को गांव-गांव में जाकर घोषणा पत्रों का सत्यापन किया। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अंतरिम बजट में लघु एवं सीमांत किसानों को 6 हजार रुपये सम्मान राशि वार्षिक देने का प्रावधान किया है। इसके लिए सत्यापन के लिए लेखपाल अंशुल एवं अमीन अनिल, पिंटू ने नंगली अब्दुल्ला, कासमपुर, माछरा पहुंचे। पहले चरण में पंजीकृत किसानों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई। इस कार्य में कृषि विभाग के अतिरिक्त राजस्व और पंचायत राज विभाग के कर्मचारी लगाए गए हैं। लेखपाल अंशुल कुमार ने बताया कि इससे किसानों से आधार कार्ड, बैंक खाते के साथ निर्धारित शपथ पत्र लिया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में 12 से टीम द्वारा सत्यापित किए गए किसानों का ब्योरा प्रतिदिन पोर्टल पर अपलोड कर किया जाएगा। यह कार्य शासन के आदेश पर जल्द पूरा कर लिया जाएगा।