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सिविलयन खाएं तो फर्क नहीं सिर्फ सेना के लिए बैन

Thu, 24 May 2018 02:28 AM IST
Updated Thu, 24 May 2018 02:28 AM IST
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सिविलयन खाएं तो फर्क नहीं सिर्फ सेना के लिए बैन
सेना के लिए बैन, आम लोग खाएं तो कोई फर्क नहीं
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मेरठ। कैंट क्षेत्र में स्टेशन हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने तीन रेस्टोरेंटों का खाना सेना के लिए बैन कर दिया है। एकतरफ जहां यहां खाना खाने से सेना के जवानों-अफसरों का स्वास्थ बिगड़ सकता है तो वहीं आम लोगों को सेहत पर शायद कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसको लेकर न स्टेशन हेल्थ आर्गनाइजेशन और न ही कैंट बोर्ड के अफसर कुछ सोच रहे हैं। ये भी तब जबकि कैंट में 100 से ज्यादा रेस्टोरेंट-होटल बिना एनओसी के ही चल रहे हैं।
कैंट क्षेत्र में करीब एक लाख लोग रहते हैं। इनके अलावा सेना के जवान और अफसर हैं। कैंट में छोटे-बड़े मिलाकर सौ से ज्यादा रेस्टोरेंट और होटल हैं। ऐसे में इन सभी के पास कैंट बोर्ड से एनओसी होनी चाहिए लेकिन हैरानी की बात ये है कि किसी ने भी एनओसी नहीं ली हुई है। कुछ ने आवेदन भी किए तो उनकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में इसको कोई देखने वाला नहीं है।
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एकतरफ जहां कैंट बोर्ड अफसर इस सब पर चुप्पी साधे हुए हैं वहीं, दूसरी तरफ कैंट में स्टेशन हेल्थ आर्गनाइजेशन के पास हाइजीन, सेनीटेशन और फूड लाइसेंस आदि जारी करने की जिम्मेदारी है। स्टेशन हेल्थ आर्गनाइजेशन की गाइड लाइन के मुताबिक किचन में काम करने वाले कर्मचारियों का बाकायदा वैक्सीनेशन होना चाहिए। किचन में डिब्बा बंद डस्टबिन हों। धूल कहीं नहीं मिलनी चाहिए। एगजॉस्ट तक साफ हो। कर्मचारियों के टॉयलेट के बाहर साबुन आदि हो। ड्रेस बदलने की जगह अलग हो। स्टेशन हेल्थ आर्गेनाइजेशन की तरफ से हाल ही में कुछ रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया था। जिसके बाद बांबे बाजार में क्वालिटी और अल्फा रेस्टोरेंट के बाहर सेना की तरफ से बोर्ड लगा दिए गए। इन बोर्डों पर लिखा है, किसी भी रैंक के लिए मान्य नहीं यानी कि आर्मी का कोई अफसर या कोई जवान वहां पर जाकर खाना ना खाए, वहां खाना दूषित है।
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मंगलवार को एक बोर्ड आबूलेन पर सागर रत्ना के बाहर लगा दिया गया है। ऐसे में अगर इन रेस्टोरेंट का खाना खराब है तो फिर क्या उससे आम लोगों की हेल्थ पर फर्क नहीं पड़ेगा। ये देखने के लिए कोई नहीं है। स्टेशन हेल्थ आर्गेनाइजेशन और कैंट बोर्ड दोनों ने इस पर चुप्पी साध रखी है। वहीं, इस प्रकरण को लेकर व्यापारियों में गुस्सा है। लेकिन सवाल ये है कि किचेन में खराबी क्या तीन जगहों पर ही है। उन 100 रेस्टोरेंट का क्या जो बिना एनओसी चल रहे हैं।

खास बातें:
- स्टेशन हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने लगाए तीन रेस्टोरेंटों के बाहर प्रवेश पर बैन वाले बोर्ड
- 100 से ज्यादा रेस्टोरेंट चल रहे बिना अनुमति, सिर्फ तीन के बाहर ही लगे बोर्ड
- कैंट बोर्ड ने साध रखी है पूरे मामले में चुप्पी



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