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मिड-डे मील
Updated Sun, 20 May 2018 12:25 AM IST
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शेरकोट(बिजनौर)। मिड-डे मील की दाल में कीड़े मिलने पर ग्रामीणों ने प्रधान व विभागीय अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर डॉयल 100 को बुला लिया। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते प्रधान बच्चों को मिड-डे मील के नाम पर खराब भोजन दे रहा है। ग्रामीणों ने मामले में डीएम से जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गांव भनौटी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय में छात्र छात्राओं के लिए मिड-डे मील स्कूलों मे ही तैयार होता है। मिड-डे मील की सामग्री प्रधान देता है। रसोइयां बच्चों को खाना पकाकर खिलाती हैं। शनिवार को प्रधान ने स्कूल में बनने के लिए दाल दी थी। प्रधान ने बच्चों के लिए मिक्स दाल बनाने के लिए रसोइयों को दी थी। दोनों स्कूलों का खाना अलग बनाया जाता है। रसोइयां दाल को लेकर बराबर बराबर करने के लिए दुकान पर चली गई। रसोईयां दाल की दुकान पर तौल ही करा रहीं थी कि इतने में ग्रामीण आकर दाल देखने लगे। दाल घुनी हुई थी, उसमें कीड़े चल रहे थे। एकाएक अभिभावक जमा हो गए। अभिभावकों ने मामले को लेकर डायल 100 को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस की सूचना पर बीआरसी इस्तेहसन व एनपीआरसी संजीव कौशिक ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो ग्रामीणों के आरोप सही पाए गए। बीआरसी ने खराब दाल को प्रधान को वापस कर दिया। मेन्यू के अनुसार स्कूल के लिए सब्जी, चावल मंगा कर दिया। बीआरसी ने मामले को उच्च अधिकारियों से अवगत करा दिया है। ग्रामीणों ने प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, ग्राम प्रधान हनीफ ने सभी आरोप निराधार बताए हैं। प्रधान का कहना है कि उसने रसोईयों को दाल लाने के लिए पैसे दे दिए थे। प्रदर्शनकारियों में तेजपाल सिंह, ह्देश कुमार, जय प्रकाश, रमेश सिंह, नत्थू सिंह, दीपक कुमार, अरविंद सिंह, भूपेंद्र, विजयपाल,अवनीश रहे।
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गांव भनौटी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय में छात्र छात्राओं के लिए मिड-डे मील स्कूलों मे ही तैयार होता है। मिड-डे मील की सामग्री प्रधान देता है। रसोइयां बच्चों को खाना पकाकर खिलाती हैं। शनिवार को प्रधान ने स्कूल में बनने के लिए दाल दी थी। प्रधान ने बच्चों के लिए मिक्स दाल बनाने के लिए रसोइयों को दी थी। दोनों स्कूलों का खाना अलग बनाया जाता है। रसोइयां दाल को लेकर बराबर बराबर करने के लिए दुकान पर चली गई। रसोईयां दाल की दुकान पर तौल ही करा रहीं थी कि इतने में ग्रामीण आकर दाल देखने लगे। दाल घुनी हुई थी, उसमें कीड़े चल रहे थे। एकाएक अभिभावक जमा हो गए। अभिभावकों ने मामले को लेकर डायल 100 को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस की सूचना पर बीआरसी इस्तेहसन व एनपीआरसी संजीव कौशिक ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो ग्रामीणों के आरोप सही पाए गए। बीआरसी ने खराब दाल को प्रधान को वापस कर दिया। मेन्यू के अनुसार स्कूल के लिए सब्जी, चावल मंगा कर दिया। बीआरसी ने मामले को उच्च अधिकारियों से अवगत करा दिया है। ग्रामीणों ने प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, ग्राम प्रधान हनीफ ने सभी आरोप निराधार बताए हैं। प्रधान का कहना है कि उसने रसोईयों को दाल लाने के लिए पैसे दे दिए थे। प्रदर्शनकारियों में तेजपाल सिंह, ह्देश कुमार, जय प्रकाश, रमेश सिंह, नत्थू सिंह, दीपक कुमार, अरविंद सिंह, भूपेंद्र, विजयपाल,अवनीश रहे।
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