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210 बी पर कैंट बोर्ड और सेना का एक्शन प्लान
Updated Wed, 14 Feb 2018 02:17 AM IST
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मेरठ। बंगला नंबर 210 बी के आरआर मॉल की आठ दुकानों पर कब्जे के मामले को लेकर मंगलवार को कैंट बोर्ड के कार्यवाहक सीईओ और सेना के अफसरों ने एक्शन प्लान बना लिया है।
चार्ज लेने के बाद पहले ही दिन सीईओ आलोक गुप्ता के सब एरिया मुख्यालय जाने से साफ हो गया है कि कैंट बोर्ड इस मामले को जल्द से जल्द निपटाने के मूड में है। वहीं, इस मामले में व्यापारियों द्वारा दुकानों के मामले में कोर्ट के कागजात होने की बात पर कार्यवाहक सीईओ का कहना है कि कागजों का मामला कागजों से निपटेगा। हम पर जो कागज हैं, उन्हें दिखाकर कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को कैंट बोर्ड के कार्यवाहक सीईओ के रूप में दिल्ली के डीईओ आलोक गुप्ता ने चार्ज संभाला था। मंगलवार को वे कैंट बोर्ड के बाद सब एरिया मुख्यालय पहुंचे। यहां पर सेना के अधिकारियों के साथ बंगला नंबर 210 बी को लेकर एक्शन प्लान बनाया गया। अवैध कब्जे और अवैध निर्माण पर भी बहुत जल्द हथौड़ा चलेगा। ये बैठक डीएम की तरफ से बुलाई गई थी। लेकिन उनके बाहर होने की वजह से अब दोबारा बैठक होगी।
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व्यापारी बोले, गलत कर रहा कैंट बोर्ड
इस पूरे मामले को लेकर व्यापारियों की तरफ से भी मंगलवार को प्रेस वार्ता बुलाई गई। इसमें संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि दुकानदारों के पास कोर्ट के सन 2006 के कागजात हैं। ऐसे में कैंट बोर्ड गलत कर रहा है। वो दुकानें गिराकर व्यापार उजाड़ना चाहता है। इसका विरोध किया जाएगा।
15-15 लाख से होंगे जल्द कार्य शुरू
कार्यवाहक सीईओ ने कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा, पार्षद अंजू गोयल, रिनी जैन, विपिन सोढ़ी, धर्मेंद्र सोनकर और नीरज राठौर से मुलाकात की। उपाध्यक्ष और पार्षदों ने कैंट में मोबाइल टावर की समस्या को उठाया तो टूटी सड़कों को लेकर बात की। इस पर कार्यवाहक सीईओ आलोक गुप्ता ने बहुत जल्द बोर्ड बैठक बुलाकर हर वार्ड में 15-15 लाख रुपये इंटरलॉकिंग टाइल्स के लिए स्वीकृत करने की बात कही।
जो कानूनन ठीक होगा
कैंट बोर्ड के कार्यवाहक सीईओ आलोक गुप्ता का कहना है कि व्यापारी जो कह रहे हैं, उनके कागजात देखे जाएंगे। हम भी अपने कागजात दिखाएंगे। कानूनन जो ठीक है, वही होगा। अवैध निर्माण को जल्द ही ध्वस्त किया जाएगा।
खास बातें:
- डीएम के बाहर होने के कारण नहीं हो पाया फाइनल निर्णय
- कार्यवाहक सीईओ ने कहा, कागजों के आधार पर होगी कार्रवाई
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चार्ज लेने के बाद पहले ही दिन सीईओ आलोक गुप्ता के सब एरिया मुख्यालय जाने से साफ हो गया है कि कैंट बोर्ड इस मामले को जल्द से जल्द निपटाने के मूड में है। वहीं, इस मामले में व्यापारियों द्वारा दुकानों के मामले में कोर्ट के कागजात होने की बात पर कार्यवाहक सीईओ का कहना है कि कागजों का मामला कागजों से निपटेगा। हम पर जो कागज हैं, उन्हें दिखाकर कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार को कैंट बोर्ड के कार्यवाहक सीईओ के रूप में दिल्ली के डीईओ आलोक गुप्ता ने चार्ज संभाला था। मंगलवार को वे कैंट बोर्ड के बाद सब एरिया मुख्यालय पहुंचे। यहां पर सेना के अधिकारियों के साथ बंगला नंबर 210 बी को लेकर एक्शन प्लान बनाया गया। अवैध कब्जे और अवैध निर्माण पर भी बहुत जल्द हथौड़ा चलेगा। ये बैठक डीएम की तरफ से बुलाई गई थी। लेकिन उनके बाहर होने की वजह से अब दोबारा बैठक होगी।
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व्यापारी बोले, गलत कर रहा कैंट बोर्ड
इस पूरे मामले को लेकर व्यापारियों की तरफ से भी मंगलवार को प्रेस वार्ता बुलाई गई। इसमें संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि दुकानदारों के पास कोर्ट के सन 2006 के कागजात हैं। ऐसे में कैंट बोर्ड गलत कर रहा है। वो दुकानें गिराकर व्यापार उजाड़ना चाहता है। इसका विरोध किया जाएगा।
15-15 लाख से होंगे जल्द कार्य शुरू
कार्यवाहक सीईओ ने कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा, पार्षद अंजू गोयल, रिनी जैन, विपिन सोढ़ी, धर्मेंद्र सोनकर और नीरज राठौर से मुलाकात की। उपाध्यक्ष और पार्षदों ने कैंट में मोबाइल टावर की समस्या को उठाया तो टूटी सड़कों को लेकर बात की। इस पर कार्यवाहक सीईओ आलोक गुप्ता ने बहुत जल्द बोर्ड बैठक बुलाकर हर वार्ड में 15-15 लाख रुपये इंटरलॉकिंग टाइल्स के लिए स्वीकृत करने की बात कही।
जो कानूनन ठीक होगा
कैंट बोर्ड के कार्यवाहक सीईओ आलोक गुप्ता का कहना है कि व्यापारी जो कह रहे हैं, उनके कागजात देखे जाएंगे। हम भी अपने कागजात दिखाएंगे। कानूनन जो ठीक है, वही होगा। अवैध निर्माण को जल्द ही ध्वस्त किया जाएगा।
खास बातें:
- डीएम के बाहर होने के कारण नहीं हो पाया फाइनल निर्णय
- कार्यवाहक सीईओ ने कहा, कागजों के आधार पर होगी कार्रवाई