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दिव्यांगों के जांच शिविर में उमड़ रही भीड़
Updated Sat, 23 Sep 2017 02:19 AM IST
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मेरठ। दिव्यांगों को कृत्रिम अंग और उपकरण उपलब्ध कराने के लिए सरकारी स्तर पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शुक्रवार को तहसील सदर में 117 दिव्यांगों की जांच की गई।
केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एडिप योजना के तहत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) कानपुर दिव्यांगों को नि:शुल्क कृत्रिम अंग और उपकरण उपलब्ध कराएगी। इससे पहले दिव्यांगों की जांच के लिए तहसील स्तर पर शिविर आयोजित हो रहे हैं। बुधवार को मवाना और बृहस्पतिवार को सुरधना तहसील में आयोजित शिविर में 109-109 दिव्यांगों की जांच हुई। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि वह दिव्यांगों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण सरकारी स्तर से दिलाने के लिए 2005 से लड़ाई लड़ रहे हैं। इसमें अब सफलता हाथ लगी। तहसील सदर में शिविर पूरा होने के बाद डा. वाजपेयी टीम को अपने साथ बाईपास स्थित दिव्यांग स्कूल लेकर गए। स्कूल के 24 बच्चों की जांच हुई। इसके बाद जागृति विहार स्थित नेत्रहीन विद्यालय के भी 19 में से 12 बच्चों की जांच हुई। शनिवार को बाकी दिव्यांगों के साथ ही इन दोनों स्कूलों के शेष बालकों और सदर स्थित मूक बधिर विद्यालय के 210 बच्चों की भी जांच होगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि दिव्यांग प्रमाण पत्र दिए गए।
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केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एडिप योजना के तहत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) कानपुर दिव्यांगों को नि:शुल्क कृत्रिम अंग और उपकरण उपलब्ध कराएगी। इससे पहले दिव्यांगों की जांच के लिए तहसील स्तर पर शिविर आयोजित हो रहे हैं। बुधवार को मवाना और बृहस्पतिवार को सुरधना तहसील में आयोजित शिविर में 109-109 दिव्यांगों की जांच हुई। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि वह दिव्यांगों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण सरकारी स्तर से दिलाने के लिए 2005 से लड़ाई लड़ रहे हैं। इसमें अब सफलता हाथ लगी। तहसील सदर में शिविर पूरा होने के बाद डा. वाजपेयी टीम को अपने साथ बाईपास स्थित दिव्यांग स्कूल लेकर गए। स्कूल के 24 बच्चों की जांच हुई। इसके बाद जागृति विहार स्थित नेत्रहीन विद्यालय के भी 19 में से 12 बच्चों की जांच हुई। शनिवार को बाकी दिव्यांगों के साथ ही इन दोनों स्कूलों के शेष बालकों और सदर स्थित मूक बधिर विद्यालय के 210 बच्चों की भी जांच होगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि दिव्यांग प्रमाण पत्र दिए गए।
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