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सब इंस्पेक्टर
Updated Tue, 29 Aug 2017 02:16 AM IST
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पुलिस प्रशासन में अनुशासन बहुत जरूरी
मेरठ। मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) गोपाल गुप्ता ने उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज से उनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। जनता के प्रति जिम्मेदारी बढ़ गई है। पुलिस के लिए जनता का विश्वास जीतना जरूरी है। अपराधी क्राइम के नए तरीके अपना रहे हैं। साइबर क्राइम आने वाले समय की बड़ी चुनौती है। एक समय था जब श्रीलंका में मानव बम बड़ी चुनौती थे लेकिन वहां की पुलिस ने अपने बेहतर प्रशिक्षण के बूते इसे खत्म किया। इसी तरह हमारी पुलिस भी समय के हिसाब से खुद को अपडेट करें। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन में अनुशासन बेहद जरूरी है। अनुशासन ही प्रशिक्षण में सिखाया जाता है। समारोह में एडीजी जोन प्रशांत कुमार ,आईजी रामकुमार, एसएसपी मंजिल सैनी दहिया, एसपी अशोक कुमार, सीओ ज्ञानवती, वंदना मिश्रा आदि मौजूद रहे।
सब इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती का पहला बैच
सब इंस्पेक्टरों की ये नियुक्ति प्रक्रिया भले ही विवादों में फंसी रही हो, लेकिन मेरठ पीटीएस के लिए ये एक एतिहासिक मौका रहा। पीटीएस अधिकारियों के अनुसार 1995 में स्थापित इस प्रशिक्षण स्कूल में सब इंस्पेक्टरों की सीधी भर्ती का ये पहला बैच पास आउट हुआ है। ये खुद इस केंद्र के लिए गौरव की बात है।
33 जिलों के अभ्यर्थी हुए शामिल
पीटीएस अधिकारियों के अनुसार पास आउट हुए अभ्यर्थियों में मेरठ, हाथरस, बुलंदशहर ,गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, आजमगढ़, गोंडा, हापुड़, उन्नाव, जौनपुर, बाराबंकी, बांदा, महाराजगंज, आगरा, मथुरा समेत करीब 33 जनपदों के अभ्यर्थी थे।
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छह साल का सफर
2011 प्री एग्जाम
2013 रिजल्ट आउट
2015 प्रशिक्षण शुरू हुआ
2016 11 महीने के प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षण रुका
2017 प्रशिक्षण शुरू
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मेरठ। मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) गोपाल गुप्ता ने उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज से उनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। जनता के प्रति जिम्मेदारी बढ़ गई है। पुलिस के लिए जनता का विश्वास जीतना जरूरी है। अपराधी क्राइम के नए तरीके अपना रहे हैं। साइबर क्राइम आने वाले समय की बड़ी चुनौती है। एक समय था जब श्रीलंका में मानव बम बड़ी चुनौती थे लेकिन वहां की पुलिस ने अपने बेहतर प्रशिक्षण के बूते इसे खत्म किया। इसी तरह हमारी पुलिस भी समय के हिसाब से खुद को अपडेट करें। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन में अनुशासन बेहद जरूरी है। अनुशासन ही प्रशिक्षण में सिखाया जाता है। समारोह में एडीजी जोन प्रशांत कुमार ,आईजी रामकुमार, एसएसपी मंजिल सैनी दहिया, एसपी अशोक कुमार, सीओ ज्ञानवती, वंदना मिश्रा आदि मौजूद रहे।
सब इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती का पहला बैच
सब इंस्पेक्टरों की ये नियुक्ति प्रक्रिया भले ही विवादों में फंसी रही हो, लेकिन मेरठ पीटीएस के लिए ये एक एतिहासिक मौका रहा। पीटीएस अधिकारियों के अनुसार 1995 में स्थापित इस प्रशिक्षण स्कूल में सब इंस्पेक्टरों की सीधी भर्ती का ये पहला बैच पास आउट हुआ है। ये खुद इस केंद्र के लिए गौरव की बात है।
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33 जिलों के अभ्यर्थी हुए शामिल
पीटीएस अधिकारियों के अनुसार पास आउट हुए अभ्यर्थियों में मेरठ, हाथरस, बुलंदशहर ,गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, आजमगढ़, गोंडा, हापुड़, उन्नाव, जौनपुर, बाराबंकी, बांदा, महाराजगंज, आगरा, मथुरा समेत करीब 33 जनपदों के अभ्यर्थी थे।
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छह साल का सफर
2011 प्री एग्जाम
2013 रिजल्ट आउट
2015 प्रशिक्षण शुरू हुआ
2016 11 महीने के प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षण रुका
2017 प्रशिक्षण शुरू