यूपी: मेरठ के 1350 चिकित्सक आज हड़ताल पर, 272 अस्पताल रहेंगे बंद
आईएमए राष्ट्र्रीय मुख्यालय के निर्देशानुसार मंगलवार शाम चार बजे आईएमए सभागार में आपातकालीन बैठक बुलाई गई। इसमें केंद्र सरकार द्वारा एनएमसी बिल को पारित करने के विरोध में 24 घंटे की मेडिकल सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया है। मेडिकल सेवाएं बुधवार (31 जुलाई) सुबह छह बजे से लेकर अगले दिन बृहस्पतिवार (एक अगस्त) सुबह छह बजे तक बंद रहेंगी।
इस दौरान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) मेरठ शाखा के सचिव डॉ. संदीप जैन, उपाध्यक्ष आईएमए यूपी स्टेट डॉ. अनिल कपूर डॉ. एसएम शर्मा, डॉ. पीकेगुप्ता, डॉ. राजीव प्रकाश, डॉ. मेधावी तोमर और डॉ. आशु मित्तल आदि रहे।
चिकित्सकों ने यह बताई विरोध की वजह
- आईएमए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की स्वायत्ता को भंग करने का विरोध करती है।
- नए बिल के मुताबिक एलोपैथी चिकित्सा की डिग्री न होने के बावजूद सिर्फ रजिस्ट्रेशन करा कर होम्योपैथी, आयुर्वेद व अन्य ऐसे ही लोग एलोपैथी की प्रैक्टिस कर सकेंगे।
- एमबीबीएस छात्रों द्वारा अपना कोर्स पूरा करने के बाद एग्जिट एग्जाम देना होगा।
- प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की आंत्रिक सीटों के वार्षिक शुल्क पर सरकार का नियंत्रण न रहना।
सरकारी चिकित्सालयों में रहेगी सुदृढ़ व्यवस्था : सीएमओ
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सभी सीएचसी-पीएचसी के जिम्मेदारों को इससे अवगत करा दिया गया है। सभी सरकारी चिकित्सालयों में सुदृढ़ व्यवस्था रहेगी, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। सभी ओपीडी चलेंगी। मरीजों की भीड़ बढ़ने के मद्देनजर तमाम तरह के इंतजाम करने की हिदायत दी गई है।