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रोड परखर्च होंगे अस्सी करोड़
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:32 AM IST
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मेरठ। बारिश के बाद दिल्ली-मेरठ मार्ग पर काम करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मेरठ से लेकर दिल्ली तक इस पर काम होगा। मेरठ और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए-जीडीए) मिलकर इस पर काम करेंगे। साथ ही रैपिड ट्रेन के लिए मार्ग को चौड़ा कर रही एनसीआरटीसी भी इस पर काम करेगी। इस पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मेरठ से दिल्ली के बीच चौड़ीकरण का काम होना है। दरअसल इस मार्ग पर रैपिड ट्रेन का एलाइनमेंट है। रैपिड पर काम शुरू करने से पहले एनसीआरटीसी इसे चौड़ा करने की बात कह रहा है। इसके अलावा इसे पूरी तरह से गड्ढा मुक्त भी किया जाएगा। जहां आवश्यक होगा वहां पूरी रोड बनाई जाएगी। इस बाबत एमडीए, लोनिवि तथा जीडीए काम करेगा। एनसीआरटीसी ने संयुक्त रूप से सभी विभागों के साथ यह प्लान तैयार किया है। सितंबर माह के अंत में ही इस पर काम शुरू होना है।
ट्रैफिक पर भी होगा काम
इस पूरे मार्ग पर ट्रैफिक प्लान पर भी काम होगा। इस योजना में विभिन्न काम होंगे। जंक्शन इंप्रूवमेंट किया जाएगा। साइनेज लगाना, आईटी क्षेत्र में डिमांड रिस्पोंसिव ट्रैफिक सिग्नल आदि इसमें शुमार किए जाएंगे। साथ ही पैलिकन सिग्नल, ट्रैफिक सर्विलांस कैमरा, रेड लाइट वालेशन डिटेक्शन, वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड, एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट, कॉरीडोर मैनेजमेंट आदि पर काम करने की बात कही जा रही है। इसमें मेरठ मंडल के गाजियाबाद में 88 करोड़ रुपये, गौतमबुद्धनगर में 134 करोड़, मेरठ में 58 करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान है। इस योजना में भी पुलिस अफसर, एमडीए, नगर निगम, एनएचएआई तथा लोक निर्माण विभाग काम करेंगे। शासन स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है।
मेरठ से दिल्ली के बीच चौड़ीकरण का काम होना है। दरअसल इस मार्ग पर रैपिड ट्रेन का एलाइनमेंट है। रैपिड पर काम शुरू करने से पहले एनसीआरटीसी इसे चौड़ा करने की बात कह रहा है। इसके अलावा इसे पूरी तरह से गड्ढा मुक्त भी किया जाएगा। जहां आवश्यक होगा वहां पूरी रोड बनाई जाएगी। इस बाबत एमडीए, लोनिवि तथा जीडीए काम करेगा। एनसीआरटीसी ने संयुक्त रूप से सभी विभागों के साथ यह प्लान तैयार किया है। सितंबर माह के अंत में ही इस पर काम शुरू होना है।
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ट्रैफिक पर भी होगा काम
इस पूरे मार्ग पर ट्रैफिक प्लान पर भी काम होगा। इस योजना में विभिन्न काम होंगे। जंक्शन इंप्रूवमेंट किया जाएगा। साइनेज लगाना, आईटी क्षेत्र में डिमांड रिस्पोंसिव ट्रैफिक सिग्नल आदि इसमें शुमार किए जाएंगे। साथ ही पैलिकन सिग्नल, ट्रैफिक सर्विलांस कैमरा, रेड लाइट वालेशन डिटेक्शन, वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड, एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट, कॉरीडोर मैनेजमेंट आदि पर काम करने की बात कही जा रही है। इसमें मेरठ मंडल के गाजियाबाद में 88 करोड़ रुपये, गौतमबुद्धनगर में 134 करोड़, मेरठ में 58 करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान है। इस योजना में भी पुलिस अफसर, एमडीए, नगर निगम, एनएचएआई तथा लोक निर्माण विभाग काम करेंगे। शासन स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है।
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