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संविदा लाइनमैनों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, बिजली संकट गहराया
Updated Fri, 31 Aug 2018 03:00 AM IST
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हड़ताल जारी, बिजली संकट गहराया
मेरठ। गृह तहसीलों के बिजलीघरों से हटाकर दूसरी तहसीलों के बिजलीघरों पर भेजने के विरोध में पीवीवीएनएल के संविदा लाइनमैनों की हड़ताल बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस कारण शहर से लेकर गांव तक हुए फाल्ट ठीक करने में दिक्कत हो रही है।
प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के चेयरमैन आलोक कुमार ने गृह तहसीलों में जमे संविदा लाइनमैनों को हटाकर दूसरी तहसीलों के बिजलीघरों पर तैनात करने के आदेश दिए हैं। इसके विरोध में संविदा कर्मी बुधवार से हड़ताल पर हैं। जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों पर कार्यरत लाइनमैन सुबह दस बजे ही ऊर्जा भवन पहुंच जाते हैं। बृहस्पतिवार को भी लाइनमैन धरने पर पहुंचे। धरना शाम पांच बजे तक चला। निविदा-संविदा कर्मचारी सेवा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और महासचिव अमित खारी ने कहा कि प्रमुख सचिव ने अपने आदेश में संविदा कर्मियों की शिकायत मिलने पर लाइनमैनों को गृह तहसील से हटाकर दूसरी तहसील क्षेत्र में भेजने को कहा है। कुछ संविदा लाइनमैनों की गलती सभी लाइनमैन क्यों भुगतें। इस मौके पर मोहम्मद कासिफ, रामभूल सैनी, विनोद कुमार, रियाजुद्दीन, गौरव कुमार, देवेंद्र कुमार मौजूद रहे।
असरदार साबित नहीं हो रही वैकल्पिक व्यवस्था
विभाग ने संविदा कर्मियों की हड़ताल से निपटने के लिए ठेकेदारों से कर्मचारियों की वैकल्पिक व्यवस्था कराई है। लेकिन ये व्यवस्था ज्यादा कारगर साबित नहीं हो पा रही है। कर्मचारी नए होने के चलते इलाकों में हाने वाले फाल्ट ढूंढने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी हालात खराब रहे। शहर में शताब्दीनगर, काजीपुर, गंगानगर, नौचंदी, लिसाड़ी गेट, लिसाड़ी रोड, एमईएस, रोहटा रोड, पुराना आरटीओ, बेगमपुल, टाउन हाल, रामलीला ग्राउंड, शारदा रोड, लेडीज पार्क, टीपीनगर, मलियाना, माधवपुरम, हापुड़ रोड आदि बिजलीघर क्षेत्रों में फाल्ट हुए। नए कर्मचारियों को फाल्ट ढूंढने में मशक्कत करनी पड़ी। यही हाल गांवों के बिजलीघरों का भी रहा।
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धरने पर चल रही रागिनी
संविदा कर्मियों के धरने पर भाषण के साथ ही रागिनी भी गाई जा रही है। संविदा कर्मचारियों का कहना है कि स्थायी लाइनमैन 15 से 20 साल से एक ही बिजलीघर पर जमे हैं। इन्हेें नहीं हटाया जा रहा है। कुछ कर्मचारियों की शिकायत पर सभी का बिजलीघर बदलना सही नहीं है। वहीं अधीक्षण अभियंता शहर संजीव राणा ने बताया कि संविदा लाइनमैनों की हड़ताल से बिजली तो प्रभावित हो रही है, लेकिन इसे दुरुस्त भी कराया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो ज्यादा लोग लगाकर व्यवस्था कराई जाएगी।
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मेरठ। गृह तहसीलों के बिजलीघरों से हटाकर दूसरी तहसीलों के बिजलीघरों पर भेजने के विरोध में पीवीवीएनएल के संविदा लाइनमैनों की हड़ताल बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस कारण शहर से लेकर गांव तक हुए फाल्ट ठीक करने में दिक्कत हो रही है।
प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के चेयरमैन आलोक कुमार ने गृह तहसीलों में जमे संविदा लाइनमैनों को हटाकर दूसरी तहसीलों के बिजलीघरों पर तैनात करने के आदेश दिए हैं। इसके विरोध में संविदा कर्मी बुधवार से हड़ताल पर हैं। जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों पर कार्यरत लाइनमैन सुबह दस बजे ही ऊर्जा भवन पहुंच जाते हैं। बृहस्पतिवार को भी लाइनमैन धरने पर पहुंचे। धरना शाम पांच बजे तक चला। निविदा-संविदा कर्मचारी सेवा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और महासचिव अमित खारी ने कहा कि प्रमुख सचिव ने अपने आदेश में संविदा कर्मियों की शिकायत मिलने पर लाइनमैनों को गृह तहसील से हटाकर दूसरी तहसील क्षेत्र में भेजने को कहा है। कुछ संविदा लाइनमैनों की गलती सभी लाइनमैन क्यों भुगतें। इस मौके पर मोहम्मद कासिफ, रामभूल सैनी, विनोद कुमार, रियाजुद्दीन, गौरव कुमार, देवेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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असरदार साबित नहीं हो रही वैकल्पिक व्यवस्था
विभाग ने संविदा कर्मियों की हड़ताल से निपटने के लिए ठेकेदारों से कर्मचारियों की वैकल्पिक व्यवस्था कराई है। लेकिन ये व्यवस्था ज्यादा कारगर साबित नहीं हो पा रही है। कर्मचारी नए होने के चलते इलाकों में हाने वाले फाल्ट ढूंढने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी हालात खराब रहे। शहर में शताब्दीनगर, काजीपुर, गंगानगर, नौचंदी, लिसाड़ी गेट, लिसाड़ी रोड, एमईएस, रोहटा रोड, पुराना आरटीओ, बेगमपुल, टाउन हाल, रामलीला ग्राउंड, शारदा रोड, लेडीज पार्क, टीपीनगर, मलियाना, माधवपुरम, हापुड़ रोड आदि बिजलीघर क्षेत्रों में फाल्ट हुए। नए कर्मचारियों को फाल्ट ढूंढने में मशक्कत करनी पड़ी। यही हाल गांवों के बिजलीघरों का भी रहा।
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धरने पर चल रही रागिनी
संविदा कर्मियों के धरने पर भाषण के साथ ही रागिनी भी गाई जा रही है। संविदा कर्मचारियों का कहना है कि स्थायी लाइनमैन 15 से 20 साल से एक ही बिजलीघर पर जमे हैं। इन्हेें नहीं हटाया जा रहा है। कुछ कर्मचारियों की शिकायत पर सभी का बिजलीघर बदलना सही नहीं है। वहीं अधीक्षण अभियंता शहर संजीव राणा ने बताया कि संविदा लाइनमैनों की हड़ताल से बिजली तो प्रभावित हो रही है, लेकिन इसे दुरुस्त भी कराया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो ज्यादा लोग लगाकर व्यवस्था कराई जाएगी।