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निगम के तत्कालीन स्टोर इंचार्ज निलंबित
Updated Thu, 08 Mar 2018 02:24 AM IST
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चूना खरीद घोटाले में स्टोर इंचार्ज निलंबित
मेरठ। नगर निगम स्वास्थ्य विभाग में चूना और अन्य सामान खरीद की फाइलें जांच टीम को न दिए जाने के आरोप में नामजद तत्कालीन स्टोर इंचार्ज अख्तर अली को नगरायुक्त ने निलंबित कर दिया। उधर लिपिक को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है।
भाजपा के पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने आरोप लगाया था कि नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में पिछले पांच साल में खरीदे गए चूने में घोटाला हुआ है। शिकायत पर कमिश्नर डा. प्रभात कुमार ने अपर आयुक्त राधेश्याम मिश्रा को जांच सौंपी थी। आरोप है कि जांच टीम को लिपिक अख्तर अली ने चूना खरीद की समस्त फाइलें उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने लिपिक के खिलाफ थाना देहली गेट में एफआईआर दर्ज कराई थी। लिपिक ने स्टे आर्डर के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। वहीं बुधवार को नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने लिपिक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी। इस संबंध में लिपिक अख्तर अली का कहना है कि चूना खरीद नियमों के तहत अधिकारियों की स्वीकृति के बाद खरीदा गया। इसका प्रतिवर्ष ऑडिट भी हुआ। सभी फाइलें निगम में हैं। मुझे फंसाने के लिए षडयंत्र रचा जा रहा है। न्यायालय से मुझे न्याय की पूरी उम्मीद है। यह बात सही है कि मुझे न्यायालय से स्टे नहीं मिला है।
अपर आयुक्त ने गठित की जांच कमेटी
अपर आयुक्त राधेश्याम मिश्रा ने नगर निगम में चूना टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए जिला प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गठित की है। यह वर्ष 2011 से माह सितंबर 2015 तक चूना खरीद के अभिलेखों की जांच करेंगे।
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खास बातें:
चूना खरीद की फाइलें गायब होने के मामले में नामजद है स्टोर इंचार्ज अख्तर
लिपिक को हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
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मेरठ। नगर निगम स्वास्थ्य विभाग में चूना और अन्य सामान खरीद की फाइलें जांच टीम को न दिए जाने के आरोप में नामजद तत्कालीन स्टोर इंचार्ज अख्तर अली को नगरायुक्त ने निलंबित कर दिया। उधर लिपिक को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है।
भाजपा के पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने आरोप लगाया था कि नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में पिछले पांच साल में खरीदे गए चूने में घोटाला हुआ है। शिकायत पर कमिश्नर डा. प्रभात कुमार ने अपर आयुक्त राधेश्याम मिश्रा को जांच सौंपी थी। आरोप है कि जांच टीम को लिपिक अख्तर अली ने चूना खरीद की समस्त फाइलें उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने लिपिक के खिलाफ थाना देहली गेट में एफआईआर दर्ज कराई थी। लिपिक ने स्टे आर्डर के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। वहीं बुधवार को नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने लिपिक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी। इस संबंध में लिपिक अख्तर अली का कहना है कि चूना खरीद नियमों के तहत अधिकारियों की स्वीकृति के बाद खरीदा गया। इसका प्रतिवर्ष ऑडिट भी हुआ। सभी फाइलें निगम में हैं। मुझे फंसाने के लिए षडयंत्र रचा जा रहा है। न्यायालय से मुझे न्याय की पूरी उम्मीद है। यह बात सही है कि मुझे न्यायालय से स्टे नहीं मिला है।
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अपर आयुक्त ने गठित की जांच कमेटी
अपर आयुक्त राधेश्याम मिश्रा ने नगर निगम में चूना टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए जिला प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गठित की है। यह वर्ष 2011 से माह सितंबर 2015 तक चूना खरीद के अभिलेखों की जांच करेंगे।
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खास बातें:
चूना खरीद की फाइलें गायब होने के मामले में नामजद है स्टोर इंचार्ज अख्तर
लिपिक को हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत