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पिता के हत्यारे को आजीवन कारावास
Updated Thu, 28 Jun 2018 02:48 AM IST
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मेरठ। पिता की हत्या करने के आरोपी अनुराग शर्मा को अपर जिला जज-11 मनजीत सिंह श्यौरान ने दोषी पाते हुए उम्रकैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। घटना कोतवाली क्षेत्र में तीन साल पहले घटी थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी शैल कुमारी शर्मा ने 12 मार्च 2015 को रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि वह अपने भतीजे देवपुरी निवासी शिवांशु शर्मा के साथ नगर निगम परिसर में गृहकर जमा कराने गई थीं। घर पर पति प्रेम किशन शर्मा और पुत्र अनुराग शर्मा को छोड़कर गई थी। करीब ढाई घंटे घर लौटीं तो पति का खून से सना शव बरामद हुआ। बताया गया कि प्रेमकिशन बिजली विभाग में क्लर्क थे। पुत्र अनुराग नशा करता था, जो पिता से अक्सर पैसे के लिए झगड़ा करता था। वह उस समय घर से गायब था। प्रेमकिशन की सिर में हथौड़ा मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्यारोपी अनुराग को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई, जहां पर सरकारी वकील पंकज भारद्वाज ने आठ गवाह पेश किए।
पुत्र मोह में बयानों से बदलीं
मुकदमे की वादिनी शैलकुमारी ने पत्नी व मां होने का दोनों धर्म निभाया। शैलकुमारी ने पति प्रेमकिशन की मौत के बाद पत्नी धर्म निभाते हुए अपने पुत्र अनुराग को नशे का आदि बताया था कि वह अपने पिता से अक्सर पैसे के लिये झगड़ा करता था। वहीं, जब अदालत में सरकारी वकील द्वारा जिरह की गई तो उन्होंने मां की भूमिका निभाते हुए कहा कि अनुराग नशा नहीं करता था। उसे नींद न आने की बीमारी थी, जिसका इलाज चल रहा था तथा ऐसा कहकर अपने पूर्व के बयानों से पुत्र मोह में बदल गईं। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी शैलकुमारी ने अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया। जिन्हें पक्षद्रोही घोषित किया गया। इस मामले में एडीजे-11 मनजीत सिंह श्यौरान ने अनुराग शर्मा को पिता की हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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खास बातें:
तीन साल पहले हुई थी बिजली विभाग के क्लर्क की हत्या
वादिनी हुई पक्षद्रोही, बयान बदले, पत्नी और मां दोनों धर्म निभाए
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अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी शैल कुमारी शर्मा ने 12 मार्च 2015 को रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि वह अपने भतीजे देवपुरी निवासी शिवांशु शर्मा के साथ नगर निगम परिसर में गृहकर जमा कराने गई थीं। घर पर पति प्रेम किशन शर्मा और पुत्र अनुराग शर्मा को छोड़कर गई थी। करीब ढाई घंटे घर लौटीं तो पति का खून से सना शव बरामद हुआ। बताया गया कि प्रेमकिशन बिजली विभाग में क्लर्क थे। पुत्र अनुराग नशा करता था, जो पिता से अक्सर पैसे के लिए झगड़ा करता था। वह उस समय घर से गायब था। प्रेमकिशन की सिर में हथौड़ा मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्यारोपी अनुराग को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई, जहां पर सरकारी वकील पंकज भारद्वाज ने आठ गवाह पेश किए।
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पुत्र मोह में बयानों से बदलीं
मुकदमे की वादिनी शैलकुमारी ने पत्नी व मां होने का दोनों धर्म निभाया। शैलकुमारी ने पति प्रेमकिशन की मौत के बाद पत्नी धर्म निभाते हुए अपने पुत्र अनुराग को नशे का आदि बताया था कि वह अपने पिता से अक्सर पैसे के लिये झगड़ा करता था। वहीं, जब अदालत में सरकारी वकील द्वारा जिरह की गई तो उन्होंने मां की भूमिका निभाते हुए कहा कि अनुराग नशा नहीं करता था। उसे नींद न आने की बीमारी थी, जिसका इलाज चल रहा था तथा ऐसा कहकर अपने पूर्व के बयानों से पुत्र मोह में बदल गईं। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी शैलकुमारी ने अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया। जिन्हें पक्षद्रोही घोषित किया गया। इस मामले में एडीजे-11 मनजीत सिंह श्यौरान ने अनुराग शर्मा को पिता की हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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खास बातें:
तीन साल पहले हुई थी बिजली विभाग के क्लर्क की हत्या
वादिनी हुई पक्षद्रोही, बयान बदले, पत्नी और मां दोनों धर्म निभाए