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पूजा से होता है सभी समस्याओं का समाधान
Updated Sat, 06 Jan 2018 02:01 AM IST
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- लक्ष्मीनारायण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास नेे दिए प्रवचन
मेरठ।
कथा व्यास पं. रामचंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान की पूजा करने से भी दुखाें का निवारण होता है। इस प्रकार रोग की निवृत्ति के लिए विभिन्न डॉक्टर होते हैं, ठीक उसी प्रकार विघभन निवारण के लिए गणेश जी, आरोग्य के लिए सूर्य की पूजा करनी चाहिए।
सदर स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में कहा कि भगवान विष्णु से मुक्ति की कामना करनी चाहिए। माया की निवृत्ति के लिए वामन भगवान की उपासना, काम के विनाश के लिए सनकादिक मुनियों का स्मरण करना चाहिए। क्रोध का नाश करने के लिए ऋषि वशिष्ठ का चिंतन करना चाहिए। मोह का नाश सत्संग से होता है। अज्ञान का नाश गुरु की उपासना से होता है। अहंकार की निवृत्ति के लिए प्राणी को समर्पित भाव से सेवा करनी चाहिए। मनोरथों की सिद्धि के लिए अपने इष्ट देव में ही संपूर्ण देवों का दर्शन करना चाहिए। यदि ऐसा संभव न हो तो अपने देवों में अपने इष्ट के दर्शन करने चाहिए। धन के लिए लक्ष्मी, तेज के लिए अग्नि, आयु के लिए शिव, सौभाग्य के लिए गौरी, आपदाओं से रक्षा के लिए दुर्गा, सुंदरता के लिए कृष्ण, संतान के लिए स्कंद, बल केि लिए हनुमान जी, मर्यादा के लिए श्रीराम, जल यात्रा में बाराह एवं मतस्य भगवान का चिंतन करना चाहिए। इस अवसर पर कमल जायसवाल, मनीष अग्रवाल, ऋषिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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मेरठ।
कथा व्यास पं. रामचंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान की पूजा करने से भी दुखाें का निवारण होता है। इस प्रकार रोग की निवृत्ति के लिए विभिन्न डॉक्टर होते हैं, ठीक उसी प्रकार विघभन निवारण के लिए गणेश जी, आरोग्य के लिए सूर्य की पूजा करनी चाहिए।
सदर स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में कहा कि भगवान विष्णु से मुक्ति की कामना करनी चाहिए। माया की निवृत्ति के लिए वामन भगवान की उपासना, काम के विनाश के लिए सनकादिक मुनियों का स्मरण करना चाहिए। क्रोध का नाश करने के लिए ऋषि वशिष्ठ का चिंतन करना चाहिए। मोह का नाश सत्संग से होता है। अज्ञान का नाश गुरु की उपासना से होता है। अहंकार की निवृत्ति के लिए प्राणी को समर्पित भाव से सेवा करनी चाहिए। मनोरथों की सिद्धि के लिए अपने इष्ट देव में ही संपूर्ण देवों का दर्शन करना चाहिए। यदि ऐसा संभव न हो तो अपने देवों में अपने इष्ट के दर्शन करने चाहिए। धन के लिए लक्ष्मी, तेज के लिए अग्नि, आयु के लिए शिव, सौभाग्य के लिए गौरी, आपदाओं से रक्षा के लिए दुर्गा, सुंदरता के लिए कृष्ण, संतान के लिए स्कंद, बल केि लिए हनुमान जी, मर्यादा के लिए श्रीराम, जल यात्रा में बाराह एवं मतस्य भगवान का चिंतन करना चाहिए। इस अवसर पर कमल जायसवाल, मनीष अग्रवाल, ऋषिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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