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कूड़ा निस्तारण प्लांट को लेकर नगरायुक्त से मंथन
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:29 AM IST
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मेरठ। शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण को लेकर गांवड़ी में लगाए जाने वाले कूड़ा निस्तारण प्लांट पर भी अभी नगर निगम प्रशासन अंतिम निर्णय नहीं ले पाया है। महाराष्ट्र की कंपनी के अधिकारियोें ने बुधवार को मेरठ पहुंचकर नगरायुक्त से वार्ता की और प्लांट लगाने की अनुमति मांगी। नगरायुक्त ने दो-तीन बिदुंओं पर कंपनी से अपना स्पष्टीकरण मांगा है।
महानगर से लगभग 800 मीट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है। कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन न होने के कारण शहर के कूड़े को सड़कों के किनारे डाला जा रहा है। इससे गंदगी फैलने के साथ बीमारी भी बढ़ रही है। शहर की सड़क और दिल्ली रोड पर मंगतपुरम के निकट खाली पड़ी भूमि पर कूड़े की पहाड़ियों को लेकर न्यायालय में भी निगम प्रशासन को फटकार लग चुकी है। नगर निगम प्रशासन ने 2016 में महाराष्ट्र की कंपनी आर्गेनिक रिसाइक्लिंग सिस्टम के साथ अनुबंध किया था। इसके तहत एक जनवरी 2017 को प्लांट के लिए गांवड़ी में निगम की भूमि पर भूमि पूजन भी किया गया था। तीन-चार माह के भीतर प्लांट भी चालू होने की बात कही, लेकिन एक साल होने के बाद भी अभी प्लांट नहीं लगा। कंपनी ने प्लांट लगाने के लिए 250 करोड़ रुपये के ऋण के लिए शासन से सहयोग मांगा था। कंपनी के अधिकारियों की माने तो कंपनी को प्लांट लगाने के लिए ऋण की व्यवस्था हो चुकी है। अब शासन और नगर निगम प्रशासन के बीच मामला अटका हुआ है।
बुधवार को कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अशोक कपूर टीम के साथ नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान से मिले। उन्होंने प्लांट लगाने के लिए अनुमति देने की मांग की। दोनों पक्षों में काफी देर तक वार्ता चली। अशोक कपूर का कहना है कि धन की कोई दिक्कत नहीं है। अगर नगर निगम प्रशासन आदेश दे तो एक सप्ताह के भीतर प्लांट निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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वर्जन...........
स्थायी समाधान का प्रयास
नगर निगम और कंपनी के बीच पूर्व में हुए अनुबंध की शर्तों में कुछ फेरबदल की जरूरत है। ताकि भविष्य में प्लांट चलता रहे। स्थायी समाधान का प्रयास किया जा रहा है। कंपनी के अधिकारियोें से कुछ बिंदुओं पर पक्ष स्पष्ट करने की बात कही गई है। प्रयास है कि शीघ्र कूड़ा निस्तारण प्लाट लगेगा। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
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महानगर से लगभग 800 मीट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है। कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन न होने के कारण शहर के कूड़े को सड़कों के किनारे डाला जा रहा है। इससे गंदगी फैलने के साथ बीमारी भी बढ़ रही है। शहर की सड़क और दिल्ली रोड पर मंगतपुरम के निकट खाली पड़ी भूमि पर कूड़े की पहाड़ियों को लेकर न्यायालय में भी निगम प्रशासन को फटकार लग चुकी है। नगर निगम प्रशासन ने 2016 में महाराष्ट्र की कंपनी आर्गेनिक रिसाइक्लिंग सिस्टम के साथ अनुबंध किया था। इसके तहत एक जनवरी 2017 को प्लांट के लिए गांवड़ी में निगम की भूमि पर भूमि पूजन भी किया गया था। तीन-चार माह के भीतर प्लांट भी चालू होने की बात कही, लेकिन एक साल होने के बाद भी अभी प्लांट नहीं लगा। कंपनी ने प्लांट लगाने के लिए 250 करोड़ रुपये के ऋण के लिए शासन से सहयोग मांगा था। कंपनी के अधिकारियों की माने तो कंपनी को प्लांट लगाने के लिए ऋण की व्यवस्था हो चुकी है। अब शासन और नगर निगम प्रशासन के बीच मामला अटका हुआ है।
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बुधवार को कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अशोक कपूर टीम के साथ नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान से मिले। उन्होंने प्लांट लगाने के लिए अनुमति देने की मांग की। दोनों पक्षों में काफी देर तक वार्ता चली। अशोक कपूर का कहना है कि धन की कोई दिक्कत नहीं है। अगर नगर निगम प्रशासन आदेश दे तो एक सप्ताह के भीतर प्लांट निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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स्थायी समाधान का प्रयास
नगर निगम और कंपनी के बीच पूर्व में हुए अनुबंध की शर्तों में कुछ फेरबदल की जरूरत है। ताकि भविष्य में प्लांट चलता रहे। स्थायी समाधान का प्रयास किया जा रहा है। कंपनी के अधिकारियोें से कुछ बिंदुओं पर पक्ष स्पष्ट करने की बात कही गई है। प्रयास है कि शीघ्र कूड़ा निस्तारण प्लाट लगेगा। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त