घूसखोरी का मामला: मोनिका जिंदल और रितु काजला से जुड़े 12 मुकदमों की फिर से होगी जांच
दअरसल, दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में लगी दुष्कर्म धारा 376 हटाने के एवज में महिला थाना प्रभारी मोनिका और विवेचक दरोगा रितु काजला ने सेना के जवान से एक लाख रुपये की मांग की थी। इसमें से 40 हजार रुपये लिए गए थे। मामले की जानकारी लगने पर एसएसपी के निर्देश पर दोनों को निलंबित कर दिया गया और मुकदमा भी दर्ज हुआ। आरोप है कि इनकी ओर से अब समझौता करने का दबाव बनाया गया और ऐसा न करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है।
तीन घंटे थाने में बैठाया, बिना बयान लिए लौटाया
बुधवार को मुकदमे की वादी और होमगार्ड के बयान के लिए बुधवार सिविल लाइन थाने बुलाया गया। तीन घंटे दोनों थाने में बैठे रहे, लेकिन दरोगा ने बयान नहीं लिए। दरोगा ने यह कहकर दोनों को टरका दिया कि बृहस्पतिवार सुबह थाने आओ, तब बयान लूंगा। इसके बाद वह लौट गए। सेना के जवान की पत्नी का कहना है कि मुकदमे की जांच कर रहे दरोगा पुलिस उनको परेशान कर रहे हैं।
जांच कराने रितु के साथ चलता था उसका पति
घूसखोरी लेने की वीडियो बनाने वाले होमगार्ड ने बताया है कि दरोगा रितु के पति को सेना के जवान की पत्नी ने पहचान लिया। दहेज उत्पीड़न की जांच करने के दौरान रितु के साथ उसका पति भी उनके गांव में आया था। सवाल उठता है कि महिला दरोगा के साथ उसके पति का साथ जाना क्या कानून की दृष्टि में उचित है।
किसका मिल रहा था संरक्षण
घूसखोरी के मामले में मोनिका जिंदल और रितु को किसका संरक्षण मिल रहा था। इसका जवाब अब तक नहीं मिला है। भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने के बाद अब उनसे जुड़े अन्य मुदकमों की विवेचना भी फिर से कराई जा रही है।