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अवैध कट चौराहों पर बनी मुसीबत, भीषण जाम
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- बेलगाम ट्रैफिक को कंट्रोल नहीं कर पा रही मेरठ पुलिस
- कई चौराहों पर कब्जे तो कई अवैध कट पर अराजकता
मेरठ।
बेलगाम ट्रैफिक को पुलिस भी जानबूझकर कंट्रोल नहीं करना चाहती। बार बार रोडवेज बसों पर ठीकरा फोड़ देती है। हकीकत है कि अवैध कट शहर के चौराहों के लिए मुसीबत बने हैं। चौराहों पर अतिक्रमण खूब हो रहा है। जिसके चलते भीषण जाम लगता है। इसकी जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को भी है, लेकिन सब खामोश हैं।
शहर के ट्रैफिक का मानो बैंड बजा हो। सुबह 10 बजते ही दिल्ली रोड, हापुड़ रोड और शहर के अंदर चौराहे पर जाम लगने लगता है। शहर में जाम की समस्या नासूर बन गई है। ट्रैफिक पुलिस पल्ला झाड़ लेती कि रोडवेज बस दिल्ली रोड पर जब तक बंद नहीं होगी, तब तक जाम से निजात नहीं मिल सकता। यह बात प्रशासन मानने को तैयार नहीं। थोड़ा धरातल पर गौर फरमाया जाए तो शायद जाम से लोगों को मुक्ति मिल जाए।
रोजाना देखा जा रहा कि दिल्ली रोड के अवैध कट भी चौराहों पर जाम लगने का मुख्य कारण हैं। कई बार तो अवैध कट के चलते हादसे तक हो चुके हैं। बृहस्पतिवार भी ऐसा ही सीन दिल्ली रोड पर कई जगह देखने को मिला। चौराहों पर जाम लगा हुआ था। अवैध कट से वाहन निकल रहे थे, जिसके चलते चौराहों पर वाहनों की लंबी लाइन लगी थी। कोई पुलिसकर्मी देखने वाला नहीं था। कई जगहों पर लोग खुद ट्रैफिक से निकलने के लिए जूझते नजर आए।
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चौराहों पर अतिक्रमण का बोलबाला
बच्चा पार्क, बुढ़ाना गेट, रेलवे रोड चौराहा, भूमिया पुल, हापुड़ अड्डा, बेगमपुल समेत कई शहर के चौराहों पर अतिक्रमण का बोलबाला है। कई दुकानदारों ने फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है। चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्सा वालों का बोलबाला है। पुलिस ने इक्का दुक्का बार अतिक्रमण हटवाने का प्रयास किया, लेकिन हालात फिर जस के तस हो गए।
समस्या नासूर बनीं तो उतरे सड़क पर
दिल्ली रोड स्थित सोतीगंज, केसरगंज समेत कई जगहों पर जाम की असली वजह अतिक्रमण है। अतिक्रमण की समस्या नासूर बन गई तो ट्रैफिक पुलिस को कानून याद आया। बृहस्पतिवार दिल्ली रोड पर सदर बाजार थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। सोतीगंज में सड़क से कबाड़ियों का सामान हटवाया। पुलिस ने कई कबाड़ियों को फटकार भी लगाई। सामान में लात मारकर सड़क पर फैलाया। करीब एक घंटे पुलिस का यह अभियान चला।
व्यवस्था देखकर भड़के एसएसपी
कमिश्नर आवास चौराहे से होकर दोपहर को एसएसपी जेल चुंगी की तरफ जा रहे थे। कई जगहों पर अवैध तरीके से वाहनों को जाते और ट्रैफिक पुलिस को खड़ा देखकर एसएसपी ने अपनी गाड़ी रुकवाई। एसएसपी ने ट्रैफिक पुलिस को फटकार लगाई। बोले कि थोड़ा चौराहा और लोगों को भी देख लें। ताकि यातायात ठीक हो सके। जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस अलर्ट हुई।
जाम पर आयुक्त गंभीर
मेरठ। शहर में जाम पर अमर उजाला के अभियान को लेकर आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने गंभीरता दिखाई है। उन्हाेंने तीन मई को पुलिस, एमडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई आदि विभागों की बैठक बुलाई है। इसके अलावा राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल इकनॉमिक सर्विस) के एक्सपर्ट भी बुलाए हैं। दरअसल राइट्स ने मेट्रो ट्रेन की डीपीआर बनाते समय शहर के ट्रैफिक सिस्टम पर काम्प्रीहेंसिव मोबिलिटी प्लान बनाया था। यह प्लान तो बना पर इस पर काम कुछ नहीं हुआ। आयुक्त ने कहा है कि इस पर काम होना चाहिए ताकि शहर के इस कुंद हो चुके सिस्टम को दुरुस्त किया जा सके। इसके लिए सभी विभागों के साथ मंथन होगा।
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- कई चौराहों पर कब्जे तो कई अवैध कट पर अराजकता
मेरठ।
बेलगाम ट्रैफिक को पुलिस भी जानबूझकर कंट्रोल नहीं करना चाहती। बार बार रोडवेज बसों पर ठीकरा फोड़ देती है। हकीकत है कि अवैध कट शहर के चौराहों के लिए मुसीबत बने हैं। चौराहों पर अतिक्रमण खूब हो रहा है। जिसके चलते भीषण जाम लगता है। इसकी जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को भी है, लेकिन सब खामोश हैं।
शहर के ट्रैफिक का मानो बैंड बजा हो। सुबह 10 बजते ही दिल्ली रोड, हापुड़ रोड और शहर के अंदर चौराहे पर जाम लगने लगता है। शहर में जाम की समस्या नासूर बन गई है। ट्रैफिक पुलिस पल्ला झाड़ लेती कि रोडवेज बस दिल्ली रोड पर जब तक बंद नहीं होगी, तब तक जाम से निजात नहीं मिल सकता। यह बात प्रशासन मानने को तैयार नहीं। थोड़ा धरातल पर गौर फरमाया जाए तो शायद जाम से लोगों को मुक्ति मिल जाए।
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रोजाना देखा जा रहा कि दिल्ली रोड के अवैध कट भी चौराहों पर जाम लगने का मुख्य कारण हैं। कई बार तो अवैध कट के चलते हादसे तक हो चुके हैं। बृहस्पतिवार भी ऐसा ही सीन दिल्ली रोड पर कई जगह देखने को मिला। चौराहों पर जाम लगा हुआ था। अवैध कट से वाहन निकल रहे थे, जिसके चलते चौराहों पर वाहनों की लंबी लाइन लगी थी। कोई पुलिसकर्मी देखने वाला नहीं था। कई जगहों पर लोग खुद ट्रैफिक से निकलने के लिए जूझते नजर आए।
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चौराहों पर अतिक्रमण का बोलबाला
बच्चा पार्क, बुढ़ाना गेट, रेलवे रोड चौराहा, भूमिया पुल, हापुड़ अड्डा, बेगमपुल समेत कई शहर के चौराहों पर अतिक्रमण का बोलबाला है। कई दुकानदारों ने फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है। चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्सा वालों का बोलबाला है। पुलिस ने इक्का दुक्का बार अतिक्रमण हटवाने का प्रयास किया, लेकिन हालात फिर जस के तस हो गए।
समस्या नासूर बनीं तो उतरे सड़क पर
दिल्ली रोड स्थित सोतीगंज, केसरगंज समेत कई जगहों पर जाम की असली वजह अतिक्रमण है। अतिक्रमण की समस्या नासूर बन गई तो ट्रैफिक पुलिस को कानून याद आया। बृहस्पतिवार दिल्ली रोड पर सदर बाजार थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। सोतीगंज में सड़क से कबाड़ियों का सामान हटवाया। पुलिस ने कई कबाड़ियों को फटकार भी लगाई। सामान में लात मारकर सड़क पर फैलाया। करीब एक घंटे पुलिस का यह अभियान चला।
व्यवस्था देखकर भड़के एसएसपी
कमिश्नर आवास चौराहे से होकर दोपहर को एसएसपी जेल चुंगी की तरफ जा रहे थे। कई जगहों पर अवैध तरीके से वाहनों को जाते और ट्रैफिक पुलिस को खड़ा देखकर एसएसपी ने अपनी गाड़ी रुकवाई। एसएसपी ने ट्रैफिक पुलिस को फटकार लगाई। बोले कि थोड़ा चौराहा और लोगों को भी देख लें। ताकि यातायात ठीक हो सके। जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस अलर्ट हुई।
जाम पर आयुक्त गंभीर
मेरठ। शहर में जाम पर अमर उजाला के अभियान को लेकर आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने गंभीरता दिखाई है। उन्हाेंने तीन मई को पुलिस, एमडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई आदि विभागों की बैठक बुलाई है। इसके अलावा राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल इकनॉमिक सर्विस) के एक्सपर्ट भी बुलाए हैं। दरअसल राइट्स ने मेट्रो ट्रेन की डीपीआर बनाते समय शहर के ट्रैफिक सिस्टम पर काम्प्रीहेंसिव मोबिलिटी प्लान बनाया था। यह प्लान तो बना पर इस पर काम कुछ नहीं हुआ। आयुक्त ने कहा है कि इस पर काम होना चाहिए ताकि शहर के इस कुंद हो चुके सिस्टम को दुरुस्त किया जा सके। इसके लिए सभी विभागों के साथ मंथन होगा।