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सपाइयों-पुलिस में भिड़ंत, एसपी सिटी कार्यालय पर तालाबंदी
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सपाइयों-पुलिस में भिड़ंत, एसपी सिटी कार्यालय पर तालाबंदी
मेरठ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रयागराज जाते समय लखनऊ एयरपोर्ट पर रोकने के विरोध में मंगलवार को सपाई सड़कों पर उतर गए। एसपी सिटी कार्यालय पर तालाबंदी कर स्टाफ को बंधक बना लिया गया। कमिश्नरी चौराहा, कलक्ट्रेट और घंटाघर पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और यूपी सरकार का पुतला फूंकने के दौरान सपाइयों की पुलिस से जमकर धक्कामुक्की हुई। पुलिस ने सपाइयों को लाठीचार्ज कर दौड़ा लिया। देहली गेट थाना पुलिस ने 25 सपाइयों को नामजद और 60 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कमिश्नरी चौराहा और कचहरी में पुतला फूंकने के दौरान पुलिसकर्मियों से हुई धक्कामुक्की में एक सपाई घायल हो गया, जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि सिसौली निवासी सपा नेता विजय राज की पुलिस ने पिटाई की। पेट में रायफल की बट मारी। सबसे पहले सपा के छात्र नेताओं ने कमिश्नरी पर पुतला फूंका, इसके बाद कचहरी और मध्याह्न में घंटाघर पर पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। घंटाघर पर पुतला फूंककर एसपी सिटी कार्यालय पर कब्जा करने वाले सपाइयों को देहली गेट पुलिस ने दौड़ा लिया।
कमिश्नरी पार्क में सपाइयों ने दोपहर 12 से शाम चार बजे तक धरना दिया। राष्ट्रीय सचिव आकिल मुर्तजा, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, मौ. अब्बास, अतुल प्रधान, विपिन मनोठिया, परविंदर इशु, संगीता राहुल, रिहानुद्दीन, सम्राट मलिक, वसीम राहुल, आदिल सिद्दीकी, अजय अधाना, अरुण यादव, दयाचंद, मृदुला यादव, यूसुफ सैफी, उदित यादव, संजीव यादव, पूनिया, नेहा गौड़, शेरा जाट, शबाब आलम, बाहर चौहान, विजय मलिक और प्रदीप कसाना आदि मौजूद रहे।
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‘मुंहतोड़ जवाब देंगे’
प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस प्रकार लोकतंत्र की हत्या एवं प्रजातंत्र पर कुठाराघात करेगी तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। मुख्य विपक्षी पार्टी के बड़े नेता को इस प्रकार कार्यक्रम में जाने से रोकना उत्तर प्रदेश सरकार का तानाशाही एवं हिटलरशाही रवैया साबित करता है। सपाइयों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट पर दिया।
गिरफ्तारी के डर से दिल्ली भागे सपाई
घंटाघर पर पुतला फूंकने और इसके बाद एसपी सिटी कार्यालय पर तालाबंदी के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर की बात सुनकर कुछ सपाई दिल्ली भाग गए। सूत्रों ने बताया कि सपाइयों को एफआईआर की उम्मीद नहीं थी। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला तो शहर से गायब हो गए।
मची रही पुतला फूंकने की होड़
पार्टी में अपने नंबर बढ़ाने के लिए सपाइयों में पुतला फूंकने की होड़ मची रही। पहले छात्र नेताओं ने पुतला फूंका तो फिर सपा जिलाध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं ने। इसके बाद सपा नेता अतुल प्रधान, बाद में राष्ट्रीय सचिव आकिल मुर्तजा और पूर्व सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह आदि ने घंटाघर पर पुतला फूंका। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस विरोध से पार्टी को नई ताकत मिलेगी।
खास बातें:
- सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ में प्रयागराज जाने से रोकने पर भड़के सपाई
- कमिश्नरी और कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन, एसपी सिटी कार्यालय पर स्टाफ को बंधक बनाया
- प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का पुतला फूंकने को लेकर पुलिस से धक्कामुक्की, लाठीचार्ज
- 25 पर नामजद 60 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज, तीन गिरफ्तार, गिरफ्तारी के डर से दिल्ली भागे सपाई
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मेरठ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रयागराज जाते समय लखनऊ एयरपोर्ट पर रोकने के विरोध में मंगलवार को सपाई सड़कों पर उतर गए। एसपी सिटी कार्यालय पर तालाबंदी कर स्टाफ को बंधक बना लिया गया। कमिश्नरी चौराहा, कलक्ट्रेट और घंटाघर पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और यूपी सरकार का पुतला फूंकने के दौरान सपाइयों की पुलिस से जमकर धक्कामुक्की हुई। पुलिस ने सपाइयों को लाठीचार्ज कर दौड़ा लिया। देहली गेट थाना पुलिस ने 25 सपाइयों को नामजद और 60 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कमिश्नरी चौराहा और कचहरी में पुतला फूंकने के दौरान पुलिसकर्मियों से हुई धक्कामुक्की में एक सपाई घायल हो गया, जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि सिसौली निवासी सपा नेता विजय राज की पुलिस ने पिटाई की। पेट में रायफल की बट मारी। सबसे पहले सपा के छात्र नेताओं ने कमिश्नरी पर पुतला फूंका, इसके बाद कचहरी और मध्याह्न में घंटाघर पर पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। घंटाघर पर पुतला फूंककर एसपी सिटी कार्यालय पर कब्जा करने वाले सपाइयों को देहली गेट पुलिस ने दौड़ा लिया।
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कमिश्नरी पार्क में सपाइयों ने दोपहर 12 से शाम चार बजे तक धरना दिया। राष्ट्रीय सचिव आकिल मुर्तजा, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, मौ. अब्बास, अतुल प्रधान, विपिन मनोठिया, परविंदर इशु, संगीता राहुल, रिहानुद्दीन, सम्राट मलिक, वसीम राहुल, आदिल सिद्दीकी, अजय अधाना, अरुण यादव, दयाचंद, मृदुला यादव, यूसुफ सैफी, उदित यादव, संजीव यादव, पूनिया, नेहा गौड़, शेरा जाट, शबाब आलम, बाहर चौहान, विजय मलिक और प्रदीप कसाना आदि मौजूद रहे।
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‘मुंहतोड़ जवाब देंगे’
प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस प्रकार लोकतंत्र की हत्या एवं प्रजातंत्र पर कुठाराघात करेगी तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। मुख्य विपक्षी पार्टी के बड़े नेता को इस प्रकार कार्यक्रम में जाने से रोकना उत्तर प्रदेश सरकार का तानाशाही एवं हिटलरशाही रवैया साबित करता है। सपाइयों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट पर दिया।
गिरफ्तारी के डर से दिल्ली भागे सपाई
घंटाघर पर पुतला फूंकने और इसके बाद एसपी सिटी कार्यालय पर तालाबंदी के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर की बात सुनकर कुछ सपाई दिल्ली भाग गए। सूत्रों ने बताया कि सपाइयों को एफआईआर की उम्मीद नहीं थी। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला तो शहर से गायब हो गए।
मची रही पुतला फूंकने की होड़
पार्टी में अपने नंबर बढ़ाने के लिए सपाइयों में पुतला फूंकने की होड़ मची रही। पहले छात्र नेताओं ने पुतला फूंका तो फिर सपा जिलाध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं ने। इसके बाद सपा नेता अतुल प्रधान, बाद में राष्ट्रीय सचिव आकिल मुर्तजा और पूर्व सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह आदि ने घंटाघर पर पुतला फूंका। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस विरोध से पार्टी को नई ताकत मिलेगी।
खास बातें:
- सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ में प्रयागराज जाने से रोकने पर भड़के सपाई
- कमिश्नरी और कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन, एसपी सिटी कार्यालय पर स्टाफ को बंधक बनाया
- प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का पुतला फूंकने को लेकर पुलिस से धक्कामुक्की, लाठीचार्ज
- 25 पर नामजद 60 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज, तीन गिरफ्तार, गिरफ्तारी के डर से दिल्ली भागे सपाई