{"_id":"5bb28f5f867a55113f3400dd","slug":"11538428767-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हस्तिनापुर में छात्रों को भ्रमण कराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हस्तिनापुर में छात्रों को भ्रमण कराया
Updated Tue, 02 Oct 2018 02:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृपया सिटी में भी ले लें
----------------
बच्चों ने जंगल में देखें वन्य जीव-जंतु
- वन विभाग की तरफ से हुई वन्य जीव सप्ताह की शुरुआत
हस्तिनापुर। वन विभाग व डब्लूडब्लूएफ द्वारा क्षेत्र के स्कूली बच्चों को सोमवार को सात दिनों तक वन्य जीव सप्ताह के तहत वन जंगल क्षेत्र का भ्रमण कराना प्रारंभ कर दिया गया है। पहले दिन राजकीय आदर्श विद्यालय के बच्चों जंगल का भ्रमण कराया व उन्हें वन व वन्य जीवों और गंगा के बारे में जानकारी दी। इस दौरान 85 बच्चों ने वन रेंजर व अन्य अफसरों से मन में आ रहे सवाल पूछ कर अपनी जिज्ञासा शांत की। वन रेंजर अशोक कुमार ने वन्य क्षेत्र संबन्धी जानकारी देते हुए बताया कि यहां जंगल में दुर्लभ वन्य जीवों व तमाम प्रजातियों के पक्षियाें के रहवास हैं। इनके संरक्षण के लिए 30 जुलाई 1986 को प्रदेश सरकार ने हस्तिापुर वन क्षेत्र को वन्य जीव विहार घोषित किया था। इसका क्षेत्रफल 2073 वर्ग किलोमीटर है। घड़ियाल पुनर्वास अधिकारी संजीव यादव ने स्कूली बच्चों को जलीय जीवों के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में डिप्टी रेंजर हरनारायण सिंह, एसके चौधरी विद्यालय शिक्षिका जनक देवी, मनु रस्तोगी सुभाष चंद आदि मौजूद रहे। डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि सात अक्तूबर तक रोजाना एक स्कूल के बच्चों को जंगल में ट्रैक पर भ्रमण कराया जाएगा।
विज्ञापन
----------------
बच्चों ने जंगल में देखें वन्य जीव-जंतु
- वन विभाग की तरफ से हुई वन्य जीव सप्ताह की शुरुआत
हस्तिनापुर। वन विभाग व डब्लूडब्लूएफ द्वारा क्षेत्र के स्कूली बच्चों को सोमवार को सात दिनों तक वन्य जीव सप्ताह के तहत वन जंगल क्षेत्र का भ्रमण कराना प्रारंभ कर दिया गया है। पहले दिन राजकीय आदर्श विद्यालय के बच्चों जंगल का भ्रमण कराया व उन्हें वन व वन्य जीवों और गंगा के बारे में जानकारी दी। इस दौरान 85 बच्चों ने वन रेंजर व अन्य अफसरों से मन में आ रहे सवाल पूछ कर अपनी जिज्ञासा शांत की। वन रेंजर अशोक कुमार ने वन्य क्षेत्र संबन्धी जानकारी देते हुए बताया कि यहां जंगल में दुर्लभ वन्य जीवों व तमाम प्रजातियों के पक्षियाें के रहवास हैं। इनके संरक्षण के लिए 30 जुलाई 1986 को प्रदेश सरकार ने हस्तिापुर वन क्षेत्र को वन्य जीव विहार घोषित किया था। इसका क्षेत्रफल 2073 वर्ग किलोमीटर है। घड़ियाल पुनर्वास अधिकारी संजीव यादव ने स्कूली बच्चों को जलीय जीवों के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में डिप्टी रेंजर हरनारायण सिंह, एसके चौधरी विद्यालय शिक्षिका जनक देवी, मनु रस्तोगी सुभाष चंद आदि मौजूद रहे। डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि सात अक्तूबर तक रोजाना एक स्कूल के बच्चों को जंगल में ट्रैक पर भ्रमण कराया जाएगा।