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पलायन परिवार
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:31 AM IST
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नजीबाबाद। पानी की निकासी अवरुद्ध होने और पड़ोसियों द्वारा मनगढ़ंत आरोप लगाने से आहत एक परिवार दरियापुर से पलायन कर गया। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर भी मदद न करने और उल्टे कहीं अन्यत्र जाकर रहने की सलाह देने का आरोप लगाया।
ग्राम पंचायत शेखपुरगढ़ के दरियापुर क्षेत्र में वयोवृद्घ दंपति जय सिंह व आशा का परिवार रहता था। रविवार सुबह जय सिंह का परिवार दरियापुर छोड़कर जाब्तागंज के लिए पलायन कर गया। आंखों में आंसू लिए जय सिंह दंपति ने बताया कि अब तक वे किराए के मकान में रहते आ रहे थे। कई परेशानियों से जूझते हुए बामुश्किल अपना मकान बनाया था। घर छोड़ने की बाबत जय सिंह के पुत्र रीनू ने बताया कि पड़ोसी वीर सिंह घर के सामने से नाली नहीं निकलने देता है। घर से सटे निजी प्लॉट में गड्ढा खोदकर उसमें पानी की निकासी की, तब भी वीर सिंह व उसके परिजन आए दिन अभद्रता पर आमादा हैं। रीनू ने दूसरे पड़ोसी अनिल पर पुलिस से पुत्री को परेशान करने की झूठी शिकायतें कर पुलिस द्वारा प्रताड़ित कराने का आरोप लगाया।
रीनू का कहना था कि वह मजदूरी कर परिवार के लिए रोजी-रोटी कमाता है और अक्सर बीमार रहता है। आए दिन पुलिस उत्पीड़न और पड़ोसियों के झगड़ों से उसके छोटे भाई रविंद्र की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि छोटी बहन चिंकी की शादी की तैयारियां रुक गईं। उधर, पड़ोसी वीर सिंह व अनिल ने आरोपों को गलत बताया।
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वहीं थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि तीन परिवारों का आपस का विवाद है। पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप गलत है। पुलिस ने शांतिभंग की आशंका को देखते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की। कार्रवाई को एक परिवार पुलिस द्वारा उत्पीड़न मानकर पलायन करने की बात कह रहा है, जो सही नहीं है।
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ग्राम पंचायत शेखपुरगढ़ के दरियापुर क्षेत्र में वयोवृद्घ दंपति जय सिंह व आशा का परिवार रहता था। रविवार सुबह जय सिंह का परिवार दरियापुर छोड़कर जाब्तागंज के लिए पलायन कर गया। आंखों में आंसू लिए जय सिंह दंपति ने बताया कि अब तक वे किराए के मकान में रहते आ रहे थे। कई परेशानियों से जूझते हुए बामुश्किल अपना मकान बनाया था। घर छोड़ने की बाबत जय सिंह के पुत्र रीनू ने बताया कि पड़ोसी वीर सिंह घर के सामने से नाली नहीं निकलने देता है। घर से सटे निजी प्लॉट में गड्ढा खोदकर उसमें पानी की निकासी की, तब भी वीर सिंह व उसके परिजन आए दिन अभद्रता पर आमादा हैं। रीनू ने दूसरे पड़ोसी अनिल पर पुलिस से पुत्री को परेशान करने की झूठी शिकायतें कर पुलिस द्वारा प्रताड़ित कराने का आरोप लगाया।
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रीनू का कहना था कि वह मजदूरी कर परिवार के लिए रोजी-रोटी कमाता है और अक्सर बीमार रहता है। आए दिन पुलिस उत्पीड़न और पड़ोसियों के झगड़ों से उसके छोटे भाई रविंद्र की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि छोटी बहन चिंकी की शादी की तैयारियां रुक गईं। उधर, पड़ोसी वीर सिंह व अनिल ने आरोपों को गलत बताया।
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वहीं थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि तीन परिवारों का आपस का विवाद है। पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप गलत है। पुलिस ने शांतिभंग की आशंका को देखते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की। कार्रवाई को एक परिवार पुलिस द्वारा उत्पीड़न मानकर पलायन करने की बात कह रहा है, जो सही नहीं है।