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नगर निगम
Updated Tue, 05 Sep 2017 03:11 AM IST
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मेरठ। जनता नगर में नाले की पटरी ही नहीं बल्कि गढ़ रोड पर तेजगढ़ी चौपले के निकट हरित पटटी को भी नगर निगम ने बेच दिया है। भ्रष्टाचार के लिए नगर निगम से संपत्ति की मूल फाइलों ही गायब कर दी गयी हैं। ताकी भविष्य में किसी भी कार्रवाई से स्वयं बचा जा सके और भूमि पर कब्जा करने वालों को न्यायालय में भी लाभ हो सके। जनता नगर का मामला कमिश्नर के संज्ञान में आने के बाद नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। सोमवार को संपत्ति विभाग में संबंधित भूमि से जुड़ी फाइलें खंगाली गयी। नगर निगम में इसका कोई रिकार्ड ही नहीं मिला।
रविवार को कमिश्नर डा. प्रभात कुमार ने आबूनाले का निरीक्षण किया था। इस दौरान जनता नगर में नाले की पटरी पर अवैध कब्जा पाया गया। इनमें एक पटाखा फैक्ट्री भी मिली। नाला पटरी पर आठ फैक्ट्री संचालित हैं। निरीक्षण के दौरान इक्टठा व्यापारियों ने दावा किया था कि सभी फैक्ट्री मालिकों ने नाला पटरी किनारे की सरकारी भूमि नगर निगम से खरीदी हुई है। जिसके सभी अभिलेख उनके पास हैं। सोमवार को एक फैक्ट्री मालिक ने संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार को 93 वर्ग मीटर भूमि खरीद के अभिलेख दिखाए। लेकिन जब संबंधित अभिलेखों की मूल फाइल नगर निगम में तलाश की गयी तो मूल फाइल ही नहीं मिली। इनके अलावा अन्य सात फैक्ट्री मालिकों के नाम से भूमि संबंधित नगर निगम में कोई रिकार्ड नहीं है।
इसके अलावा संपत्ति विभाग में गढ़ रोड स्थित एसएम अस्पताल के पास हरित पटटी को बेचे जाने का भी रिकार्ड खंगाला। इस संपत्ति की फाइल की फोटो कॉपी तो नगर निगम रिकार्ड में मिली है।
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संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि हमने पूरा रिकार्ड देख लिया है। नाला पटरी पर किसी भी संपत्ति के बेचे जाने का रिकार्ड नगर निगम में नहीं है। पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गयी है। हालांकि अभी रिपोर्ट मंडलायुक्त द्वारा मांगी नहीं गयी है।
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रविवार को कमिश्नर डा. प्रभात कुमार ने आबूनाले का निरीक्षण किया था। इस दौरान जनता नगर में नाले की पटरी पर अवैध कब्जा पाया गया। इनमें एक पटाखा फैक्ट्री भी मिली। नाला पटरी पर आठ फैक्ट्री संचालित हैं। निरीक्षण के दौरान इक्टठा व्यापारियों ने दावा किया था कि सभी फैक्ट्री मालिकों ने नाला पटरी किनारे की सरकारी भूमि नगर निगम से खरीदी हुई है। जिसके सभी अभिलेख उनके पास हैं। सोमवार को एक फैक्ट्री मालिक ने संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार को 93 वर्ग मीटर भूमि खरीद के अभिलेख दिखाए। लेकिन जब संबंधित अभिलेखों की मूल फाइल नगर निगम में तलाश की गयी तो मूल फाइल ही नहीं मिली। इनके अलावा अन्य सात फैक्ट्री मालिकों के नाम से भूमि संबंधित नगर निगम में कोई रिकार्ड नहीं है।
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इसके अलावा संपत्ति विभाग में गढ़ रोड स्थित एसएम अस्पताल के पास हरित पटटी को बेचे जाने का भी रिकार्ड खंगाला। इस संपत्ति की फाइल की फोटो कॉपी तो नगर निगम रिकार्ड में मिली है।
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संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि हमने पूरा रिकार्ड देख लिया है। नाला पटरी पर किसी भी संपत्ति के बेचे जाने का रिकार्ड नगर निगम में नहीं है। पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गयी है। हालांकि अभी रिपोर्ट मंडलायुक्त द्वारा मांगी नहीं गयी है।