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55 हजार में से 20 हजार एलईडी लाइट बंद, सड़कों पर पसरा अंधेरा
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55 हजार में से 20 हजार एलईडी लाइट बंद, सड़कों पर पसरा अंधेरा
- ईईएसएल और बीओटी ठेकेदार पर निगम के नोटिस का नहीं हो रहा कोई असर
- कुछ स्थानों पर 24 घंटे जलती हैं लाइटें
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। शहर के बीओटी मार्ग ही नहीं बल्कि गली मोहल्लों में भी अंधेरा छाया है। कहीं पर एक सिरे से सभी एलईडी बंद हैं तो कहीं पर लाइट जलती-बुझती रहती हैं। कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां पर लगी एलईडी 24 घंटे चलती रहती हैं। शहर में लगभग 20 हजार एलईडी लाइट बंद पड़ी हैं। जिनके कारण लोग परेशान हैं।
सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए सोडियम लाइटों के स्थान पर एलईडी लाइट लगवाईं थीं। शहर में 55 हजार से भी अधिक एलईडी लगाए जाने का दावा अफसर करते हैं। लाइट लगाने की जिम्मेदारी ईईएसएल को दी गयी थी। हालांकि इस कंपनी ने दूसरी कंपनियों को लाइट जलाने और बुझाने, ठीक करने का ठेका दे दिया, लेकिन इन कंपनियों के कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं, जिसके चलते शहर के अधिकांश इलाकों में अंधेरा पसरा है। कई मार्गों पर तो पूरे के पूरे सर्किट बंद पड़े हैं।
बंद हो गयी 20 हजार लाइटें
- शहर के बिजली बंबा बाईपास, दिल्ली रोड, बागपत रोड, हापुड़ रोड, किला रोड, गढ़ रोड, रुड़की रोड, कंकरखेड़ा, मोदीपुरम, गंगानगर, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, शहर के पुराने इलाके आदि सभी इलाकों में लगी एलईडी लाइटों में से लगभग 20 हजार लाइटें ऐसी हैं जो खराब हो चुकी हैं। लोगों के तमाम बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार इन लाइटों को ठीक करावाने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में रात में अंधेरे के कारण हादसे का डर बना रहता है।
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नोटिस का नहीं कोई असर
नगर निगम प्रशासन ने ईईएसएल और बीओटी ठेकेदार को बंद पड़ी लाइटों को जलाने के निर्देश जारी किए हैं। एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी के साथ नोटिस भी जारी किया गया हैं, लेकिन दोनों में से किसी भी संस्था पर निगम के नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। यानि सरकार के निर्देश और निगम अधिकारियों की चेतावनी का कंपनियों पर कोई असर नहीं है।
कहीं पर 24 घंटे लाइट जल रहीं लाइटें
ईईएसएल और बीओटी कंपनी अभिनव एडवरटाइजिंग ने सरकार की मंशा पर ही पानी फेर दिया है। कई स्थानों पर 24 घंटे लाइटें जल रहीं हैं। ऐसे में ऊर्जा की क्षति तो हो ही रही है साथ ही लाइट भी जल्दी खराब हो रही है। शहर मेें कहीं पर भी स्ट्रीट लाइट के सर्किट तक नहीं बनाए गए हैं।
सोमवार को होगा निरीक्षण
हमने दोनों कंपनियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। सोमवार को फिर से पथ प्रकाश इंस्पेक्टर से लाइटों का निरीक्षण कराया जाएगा। अगर सुधार नहीं हुआ तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - अमित सिंह, अपर नगरायुक्त।
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- ईईएसएल और बीओटी ठेकेदार पर निगम के नोटिस का नहीं हो रहा कोई असर
- कुछ स्थानों पर 24 घंटे जलती हैं लाइटें
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। शहर के बीओटी मार्ग ही नहीं बल्कि गली मोहल्लों में भी अंधेरा छाया है। कहीं पर एक सिरे से सभी एलईडी बंद हैं तो कहीं पर लाइट जलती-बुझती रहती हैं। कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां पर लगी एलईडी 24 घंटे चलती रहती हैं। शहर में लगभग 20 हजार एलईडी लाइट बंद पड़ी हैं। जिनके कारण लोग परेशान हैं।
सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए सोडियम लाइटों के स्थान पर एलईडी लाइट लगवाईं थीं। शहर में 55 हजार से भी अधिक एलईडी लगाए जाने का दावा अफसर करते हैं। लाइट लगाने की जिम्मेदारी ईईएसएल को दी गयी थी। हालांकि इस कंपनी ने दूसरी कंपनियों को लाइट जलाने और बुझाने, ठीक करने का ठेका दे दिया, लेकिन इन कंपनियों के कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं, जिसके चलते शहर के अधिकांश इलाकों में अंधेरा पसरा है। कई मार्गों पर तो पूरे के पूरे सर्किट बंद पड़े हैं।
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बंद हो गयी 20 हजार लाइटें
- शहर के बिजली बंबा बाईपास, दिल्ली रोड, बागपत रोड, हापुड़ रोड, किला रोड, गढ़ रोड, रुड़की रोड, कंकरखेड़ा, मोदीपुरम, गंगानगर, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, शहर के पुराने इलाके आदि सभी इलाकों में लगी एलईडी लाइटों में से लगभग 20 हजार लाइटें ऐसी हैं जो खराब हो चुकी हैं। लोगों के तमाम बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार इन लाइटों को ठीक करावाने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में रात में अंधेरे के कारण हादसे का डर बना रहता है।
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नोटिस का नहीं कोई असर
नगर निगम प्रशासन ने ईईएसएल और बीओटी ठेकेदार को बंद पड़ी लाइटों को जलाने के निर्देश जारी किए हैं। एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी के साथ नोटिस भी जारी किया गया हैं, लेकिन दोनों में से किसी भी संस्था पर निगम के नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। यानि सरकार के निर्देश और निगम अधिकारियों की चेतावनी का कंपनियों पर कोई असर नहीं है।
कहीं पर 24 घंटे लाइट जल रहीं लाइटें
ईईएसएल और बीओटी कंपनी अभिनव एडवरटाइजिंग ने सरकार की मंशा पर ही पानी फेर दिया है। कई स्थानों पर 24 घंटे लाइटें जल रहीं हैं। ऐसे में ऊर्जा की क्षति तो हो ही रही है साथ ही लाइट भी जल्दी खराब हो रही है। शहर मेें कहीं पर भी स्ट्रीट लाइट के सर्किट तक नहीं बनाए गए हैं।
सोमवार को होगा निरीक्षण
हमने दोनों कंपनियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। सोमवार को फिर से पथ प्रकाश इंस्पेक्टर से लाइटों का निरीक्षण कराया जाएगा। अगर सुधार नहीं हुआ तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - अमित सिंह, अपर नगरायुक्त।