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एक मंच से लड़ाई लड़कर ही मिल सकता है हक : वीएम सिंह

Mon, 28 Jan 2019 02:46 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jan 2019 02:46 AM IST
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एक मंच से लड़ाई लड़कर ही मिल सकता है हक : वीएम सिंह
किसान परिवार से जुड़े किसान नेताओं को भी मिले भारत रत्न : वीएम सिंह
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- मवाना के कृषक इंटर कॉलेज में हुआ किसान सम्मेलन
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। कृषक इंटर कॉलेज में रविवार को संयुक्त किसान सम्मेलन हुआ। जिसमें कई जिलों के किसान पहुंच सम्मेलन में किसानों ने एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़ने की बात कहीं। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रुप में भारतीय किसान मजदूर संगठन के सरदार वीएम सिंह रहे। दिल्ली से आए किसान नेता पुष्पेंद्र शर्मा ने कहा कि सत्ता में सरकार किसी की भी आई हो सब ने किसानों को छलने का काम किया है। प्रदेश की भाजपा सरकार गाय, राम मंदिर व धर्म विभाजन की राजनीति से नहीं उभर सकी है। किसान किशोर कुमार ने कहा कि यह सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। इस सरकार में किसानों का जमकर उत्पीड़न हो रहा है। शुगर मिलों को बिना ब्याज के लोन दिया जा रहा है और किसान को ग्रीन कार्ड पर ब्याज पर लोन दिया जाता है। जबकि इस देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के पीछे सबसे बड़ा हाथ किसान का होता है। लोकेश सिरोही ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी समेत कई लोगों को भारत रत्न देने की घोषणा की है। किसानों की लड़ाई लड़ने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह व महेंद्र टिकैत का कहीं कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने किसान के घर जन्में ऐसे ही किसानों को भी भारत रत्न दिए जाने की मांग की। सरदार वीएम सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान विभिन्न संगठनों से जुड़े है। जिस कारण हम एकजुट नहीं हो पा रहे है। जिसका फायदा सरकार उठा रही है। उन्होंने बताया कि राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में किसान एकजुट हुए और वहां तख्ता पलट हो गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के किसानों को भी एक ही बैनर तले लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अपने हक के लिए हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट का रुख करो। ताकि सरकार कोर्ट के आगे झुक सके। किसान को अपने गन्ने का भुगतान प्राप्त करने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। सम्मेलन में दिल्ली, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ व मवाना आदि जगहों से किसान पहुंचे। सम्मेलन में उपेंद्र, गुलाम मोहम्मद, रविंद्र दौरालियां, हरवीर निलोहा, कलदीप त्यागी, मौ. अरशी, भूपेंद्र, मुकुल त्यागी, नरेंद्र, मेजर हिमांशु, करमवीर सिंह, उमेश, जितेंद्र, सतीश, जल सिंह, ठा. गिरीश चौधरी व रामवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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