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लोक अदालत में निपटे 14058 मुकदमें
Updated Sun, 10 Dec 2017 02:41 AM IST
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मेेरठ आपसी सुलह समझौते के आधार पर शनिवार को लोक अदालत के मौके पर सिविल, फौजदारी, राजस्व सहित तमाम प्रकार के 14058 वादों का निस्तारण मेरठ, मवाना और सरधना में हुआ।
लोक अदालत का शुभारंभ न्यायमूर्ति प्रशासनिक जज पंकज मित्तल ने किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामानंद ने बताया कि लोक अदालत में जिला जज आलोक सक्सेना ने एमएसी के 24 वादों का निस्तारण करते हुए करीब 1.20 करोड़ रुपये पीडितो को दिलवाए। अपर जिला जजों ने एमएसी के 58 वादों का निस्तारण करते हुए करीब 1.81 करोड़ रुपये पीडितों को दिलवाए। जिला जज ने 4 अन्य सिविल प्रकृति के मुकदमों का निस्तारण किया।
परिवार न्यायालयों ने कुल 81 वैवाहिक मुकदमों का निस्तारण कर 12 दंपतियों को फिर एक साथ रहने भेजा। वहीं पीडिताओं को 1.32 करोड़ रुपये की धनराशि दिलवाई। एक वैवाहिक वाद त्वरित न्यायालय द्वारा निस्तारित किया गया। वैवाहिक प्रकृति के 325 वाद, फौजदारी के 11505 वाद,138 एनआईएक्ट के 5 वादों का निस्तारण किया गया। राजस्व प्रकृति के 86 व प्रीलिटीगेशन स्तर के बैंक व सिविल के 226 वाद व अन्य प्रकृति के 864 वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों द्वारा इस मौके पर कुल 1,21 करोड़ रुपये की वसूली समझौते के आधार पर की गई। इस मौके पर प्रथम एडीजे एके पांडे, अपर जिला जज पीयूष शर्मा, सिविल जज (सीडि) प्रकाश तिवारी, सीजेएम तबरेज अहमद सहित तमाम न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।
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लोक अदालत का शुभारंभ न्यायमूर्ति प्रशासनिक जज पंकज मित्तल ने किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामानंद ने बताया कि लोक अदालत में जिला जज आलोक सक्सेना ने एमएसी के 24 वादों का निस्तारण करते हुए करीब 1.20 करोड़ रुपये पीडितो को दिलवाए। अपर जिला जजों ने एमएसी के 58 वादों का निस्तारण करते हुए करीब 1.81 करोड़ रुपये पीडितों को दिलवाए। जिला जज ने 4 अन्य सिविल प्रकृति के मुकदमों का निस्तारण किया।
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परिवार न्यायालयों ने कुल 81 वैवाहिक मुकदमों का निस्तारण कर 12 दंपतियों को फिर एक साथ रहने भेजा। वहीं पीडिताओं को 1.32 करोड़ रुपये की धनराशि दिलवाई। एक वैवाहिक वाद त्वरित न्यायालय द्वारा निस्तारित किया गया। वैवाहिक प्रकृति के 325 वाद, फौजदारी के 11505 वाद,138 एनआईएक्ट के 5 वादों का निस्तारण किया गया। राजस्व प्रकृति के 86 व प्रीलिटीगेशन स्तर के बैंक व सिविल के 226 वाद व अन्य प्रकृति के 864 वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों द्वारा इस मौके पर कुल 1,21 करोड़ रुपये की वसूली समझौते के आधार पर की गई। इस मौके पर प्रथम एडीजे एके पांडे, अपर जिला जज पीयूष शर्मा, सिविल जज (सीडि) प्रकाश तिवारी, सीजेएम तबरेज अहमद सहित तमाम न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।
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