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शीघ्र पूरा होगा इनर रिंग रोड का निर्माण
Updated Wed, 06 Sep 2017 02:47 AM IST
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शीघ्र शुरू होगा इनर रिंग रोड का निर्माण
मेरठ।
शहर के विकास की महत्वाकांक्षी योजना इनर रिंग रोड का निर्माण शीघ्र शुरू होने की संभावना है। मंडलायुक्त ने भू अर्जन के लिए धनराशि अवमुक्त करने को शासन को पत्र लिखा है। इनर रिंग रोड का निर्माण दो चरण में पूरा होना है, लेकिन अभी तक भू अर्जन के लिए धनराशि अवमुक्त न होने से काम शुरू नहीं हो पाया है।
शहर के भीतर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए इनर रिंग रोड की योजना स्वीकृत हुई थी। 34.380 किमी लंबी और 45 मीटर चौड़ी इस सड़क का निर्माण दो चरणों में प्रस्तावित है। लेकिन अभी तक भू अर्जन के लिए शासन से धनराशि अवमुक्त न होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। यदि यह इनर रिंग रोड तैयार हो जाती है तो शहर के भीतर से गुजरने वाले ट्रैफिक का लोड न केवल कम होगा, बल्कि जाम की समस्या से भी निजात मिल जाएगी। क्योंकि यह इनर रिंग रोड शहर के चारो तरफ से गुजरेगी।
इस मामले में मंगलवार को मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग सदाकांत को पत्र लिखते हुए भू अर्जन के लिए 160.602 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त करने का अनुरोध किया। डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि इनर रिंग रोड का निर्माण दो चरणों में किया जाना प्रस्तावित है। प्रथम चरण में 15.050 किमी तथा द्वितीय चरण में 19.330 किमी निर्माण प्रस्तावित है। प्रथम चरण में 4.100 किमी का निर्माण मेरठ विकास प्राधिकरण तथा आवास विकास परिषद् द्वारा निर्माणाधीन है, शेष 10.950 किमी का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
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उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में अवशेष लंबाई 10.950 किमी की कुल लागत 375.92 करोड़ रुपये है। प्रथम चरण के 15.050 किमी लंबे मार्ग में मेरठ हापुड़ मार्ग (नेशनल हाईवे 235) से दिल्ली हरिद्वार बाईपास (एनएच 58) तक कुल लंबाई 10.950 किमी है। जिसका निर्माण लोनिवि द्वारा किया जाएगा। मेरठ गढ़ मार्ग (स्टेट हाईवे 14) से मेरठ हापुड़ मार्ग (एनएच 235) तक कुल लंबाई 4.100 किमी है, जिसका निर्माण मेरठ विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद द्वारा किया जा रहा है। मंडलायुक्त ने बताया कि द्वितीय चरण में इस मार्ग मार्ग की लंबाई 19.330 किमी है। जिसमें मेरठ गढ़ मार्ग (एसएच 14) से दिल्ली हरिद्वार मार्ग (एनएच 58) तक होगा, यह कार्य लोनिवि द्वारा किया जाएगा। इनर रिंग रोड के निर्माण के अंतर्गत दो फ्लाई ओवर, जिसमें एक मेरठ से परतापुर मार्ग पर व द्वितीय मेरठ से हापुड़ रोड पर बनाया जाएगा तथा दो आरओबी भी बनाए जाएंगे। इसमें से एक दिल्ली मेरठ रेलवे लाइन पर तथा दूसरा मेरठ हापुड़ रेलवे लाइन पर बनाया जाएगा।
खास बात
मंडलायुक्त ने शासन को लिखा भू-अर्जन के लिए धनराशि अवमुक्त करने को पत्र
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मेरठ।
शहर के विकास की महत्वाकांक्षी योजना इनर रिंग रोड का निर्माण शीघ्र शुरू होने की संभावना है। मंडलायुक्त ने भू अर्जन के लिए धनराशि अवमुक्त करने को शासन को पत्र लिखा है। इनर रिंग रोड का निर्माण दो चरण में पूरा होना है, लेकिन अभी तक भू अर्जन के लिए धनराशि अवमुक्त न होने से काम शुरू नहीं हो पाया है।
शहर के भीतर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए इनर रिंग रोड की योजना स्वीकृत हुई थी। 34.380 किमी लंबी और 45 मीटर चौड़ी इस सड़क का निर्माण दो चरणों में प्रस्तावित है। लेकिन अभी तक भू अर्जन के लिए शासन से धनराशि अवमुक्त न होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। यदि यह इनर रिंग रोड तैयार हो जाती है तो शहर के भीतर से गुजरने वाले ट्रैफिक का लोड न केवल कम होगा, बल्कि जाम की समस्या से भी निजात मिल जाएगी। क्योंकि यह इनर रिंग रोड शहर के चारो तरफ से गुजरेगी।
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इस मामले में मंगलवार को मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग सदाकांत को पत्र लिखते हुए भू अर्जन के लिए 160.602 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त करने का अनुरोध किया। डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि इनर रिंग रोड का निर्माण दो चरणों में किया जाना प्रस्तावित है। प्रथम चरण में 15.050 किमी तथा द्वितीय चरण में 19.330 किमी निर्माण प्रस्तावित है। प्रथम चरण में 4.100 किमी का निर्माण मेरठ विकास प्राधिकरण तथा आवास विकास परिषद् द्वारा निर्माणाधीन है, शेष 10.950 किमी का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
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उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में अवशेष लंबाई 10.950 किमी की कुल लागत 375.92 करोड़ रुपये है। प्रथम चरण के 15.050 किमी लंबे मार्ग में मेरठ हापुड़ मार्ग (नेशनल हाईवे 235) से दिल्ली हरिद्वार बाईपास (एनएच 58) तक कुल लंबाई 10.950 किमी है। जिसका निर्माण लोनिवि द्वारा किया जाएगा। मेरठ गढ़ मार्ग (स्टेट हाईवे 14) से मेरठ हापुड़ मार्ग (एनएच 235) तक कुल लंबाई 4.100 किमी है, जिसका निर्माण मेरठ विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद द्वारा किया जा रहा है। मंडलायुक्त ने बताया कि द्वितीय चरण में इस मार्ग मार्ग की लंबाई 19.330 किमी है। जिसमें मेरठ गढ़ मार्ग (एसएच 14) से दिल्ली हरिद्वार मार्ग (एनएच 58) तक होगा, यह कार्य लोनिवि द्वारा किया जाएगा। इनर रिंग रोड के निर्माण के अंतर्गत दो फ्लाई ओवर, जिसमें एक मेरठ से परतापुर मार्ग पर व द्वितीय मेरठ से हापुड़ रोड पर बनाया जाएगा तथा दो आरओबी भी बनाए जाएंगे। इसमें से एक दिल्ली मेरठ रेलवे लाइन पर तथा दूसरा मेरठ हापुड़ रेलवे लाइन पर बनाया जाएगा।
खास बात
मंडलायुक्त ने शासन को लिखा भू-अर्जन के लिए धनराशि अवमुक्त करने को पत्र