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Meerut News: कनाडा भेजने के नाम पर 11 लाख की धोखाधड़ी
Wed, 26 Nov 2025 02:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 26 Nov 2025 02:32 AM IST
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मेरठ। रेलवे रोड थाना क्षेत्र के पंकज चुग से पांच आरोपियों ने कनाडा का वर्क वीजा दिलवाने के नाम पर 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पीड़ित ने पांचों आरोपियों सुखदेव सिंह, चरणप्रीत, रमनीक कौर उर्फ महक, गुरसिमरन व किरणदीप कौर पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई। पीड़ित ने पैसे लौटाने की मांग की तो परिवार ने गाली-गलौज कर दी। दोबारा रुपये मांगे पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी।
दिल्ली रोड स्थित देवपुरी निवासी पंकज चुग ने सोमवार को थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया की नवंबर 2023 में उनकी मुलाकात चरणप्रीत सिंह से हुई थी। चरणप्रीत ने उसे कहा कि उसकी रिश्तेदार रमनीक कौर उर्फ महक व गुरसिमरन सिंह कनाडा में रहते है, और वर्क परमिट दिलवाने में मदद कर सकते है। दोनों पक्षों में 34 लाख रूपये में सौदा तय हुआ था। पंकज ने 13 फरवरी 2024 में 50 हजार रूपये ऑनलाइन आरोपी चरणप्रीत के खाते में डालें थे। पंकज ने चार बार में कुल 12 लाख रुपये चरणप्रीत, उसके मामा सुखदेव सिंह और मामी किरणदीप कौर निवासी अमृतसर के खातों में ट्रांसफर किए थे। पंकज ने वीजा न मिलने पर चरणप्रीत से मामले को लेकर जानकारी की। इस पर आरोपी बहाना बनाने लगे। पीड़ित 8 नवंबर 2024 को अमृतसर में सुखदेव और किरणदीप से मिला था। उन्होंने पांच लाख रुपये के चार चेक और छह लाख की आरटीजीएस का वादा किया था। लेकिन केवल एक लाख रुपये पंकज के खाते में भेजे। पीड़ित अपने परिवार के साथ उनके घर गया। आरोपियों ने गाली-गलौज कर उसे धक्का देकर निकाल दिया गया था। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है की प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है। आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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दिल्ली रोड स्थित देवपुरी निवासी पंकज चुग ने सोमवार को थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया की नवंबर 2023 में उनकी मुलाकात चरणप्रीत सिंह से हुई थी। चरणप्रीत ने उसे कहा कि उसकी रिश्तेदार रमनीक कौर उर्फ महक व गुरसिमरन सिंह कनाडा में रहते है, और वर्क परमिट दिलवाने में मदद कर सकते है। दोनों पक्षों में 34 लाख रूपये में सौदा तय हुआ था। पंकज ने 13 फरवरी 2024 में 50 हजार रूपये ऑनलाइन आरोपी चरणप्रीत के खाते में डालें थे। पंकज ने चार बार में कुल 12 लाख रुपये चरणप्रीत, उसके मामा सुखदेव सिंह और मामी किरणदीप कौर निवासी अमृतसर के खातों में ट्रांसफर किए थे। पंकज ने वीजा न मिलने पर चरणप्रीत से मामले को लेकर जानकारी की। इस पर आरोपी बहाना बनाने लगे। पीड़ित 8 नवंबर 2024 को अमृतसर में सुखदेव और किरणदीप से मिला था। उन्होंने पांच लाख रुपये के चार चेक और छह लाख की आरटीजीएस का वादा किया था। लेकिन केवल एक लाख रुपये पंकज के खाते में भेजे। पीड़ित अपने परिवार के साथ उनके घर गया। आरोपियों ने गाली-गलौज कर उसे धक्का देकर निकाल दिया गया था। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है की प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है। आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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