{"_id":"5cc8b5a9bdec2207680ea1ca","slug":"101556657577-meerut-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मेरठ: जिला अस्पताल में झड़प होने पर युवती ने पकड़ा बिजली का तार, झुलसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ: जिला अस्पताल में झड़प होने पर युवती ने पकड़ा बिजली का तार, झुलसी
Wed, 01 May 2019 02:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 01 May 2019 02:22 AM IST
विज्ञापन
मदद के लिए चिल्लाती युवती को बाद में इमरजेंसी में भर्ती कराया गया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ जिला अस्पताल में मेडिकल कराने आई युवतीने डॉक्टर से झड़प होने पर बाहर जाकर ट्रांसफार्मर का तार पकड़ लिया और बुरी तरह झुलस गई। यह देखकर हड़कंप मच गया। युवती वहीं पड़ी तड़पती रही, लेकिन किसी ने भी उसे भर्ती कराने की जहमत नहीं उठाई। सूचना पर मीडियाकर्मी पहुंचे तो अस्पताल का स्टाफ और चिकित्सक हरकत में आए और युवती को इमरजेंसी में भर्ती कराया। करीब 25 प्रतिशत तक झुलसी महिला को देर शाम मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, महिला पुलिसकर्मी एक महिला को मारपीट के मामले में कंकरखेड़ा से जिला अस्पताल मेडिकल परीक्षण कराने के लिए लेकर पहुंची थी। यहां डॉ. प्रदीप ने मेडिकल परीक्षण किया। युवती ने कुछ और निजी समस्या बताई तो उसे महिला जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। वहां युवती चिकित्सक डॉ. किरण ने मेडिकल करने से पहले एफआईआर का नंबर मांगा।
बकौल डॉ. किरण, महिला पुलिसकर्मी को एफआईआर नंबर नहीं पता था, तो उससे कहा कि वह थाने फोन करके पता कर लें। यह सुनकर महिला भड़क गई और चिल्लाने लगी कि मेरा इलाज नहीं किया जा रहा है। कभी कहते हैं यहां चले जाओ, कभी वहां चले जाओ। मेरे साथ इस तरह का व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। स्टाफ से कहासुनी होने पर यह युवती वहां से वापस जिला अस्पताल आ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, महिला पुलिसकर्मी एक महिला को मारपीट के मामले में कंकरखेड़ा से जिला अस्पताल मेडिकल परीक्षण कराने के लिए लेकर पहुंची थी। यहां डॉ. प्रदीप ने मेडिकल परीक्षण किया। युवती ने कुछ और निजी समस्या बताई तो उसे महिला जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। वहां युवती चिकित्सक डॉ. किरण ने मेडिकल करने से पहले एफआईआर का नंबर मांगा।
विज्ञापन
बकौल डॉ. किरण, महिला पुलिसकर्मी को एफआईआर नंबर नहीं पता था, तो उससे कहा कि वह थाने फोन करके पता कर लें। यह सुनकर महिला भड़क गई और चिल्लाने लगी कि मेरा इलाज नहीं किया जा रहा है। कभी कहते हैं यहां चले जाओ, कभी वहां चले जाओ। मेरे साथ इस तरह का व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। स्टाफ से कहासुनी होने पर यह युवती वहां से वापस जिला अस्पताल आ गई।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि स्टाफ पर गलत व्यवहार का आरोप लगाकर युवती दीवार फांदकर अस्पताल के बिजलीघर में घुस गई। चंद मिनट बाद ही एक धमाका हुआ। लोगों ने वहां जाकर देखा तो महिला झुलस चुकी थी और चिल्ला रही थी कि ‘मुझे बचा लो, मुझे बचा लो।’ बिजलीघर में 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगे हैं। उसने ट्रांसफार्मर का केबिल पकड़ लिया, जिस कारण यह घटना हुई।
कंकरखेड़ा थाने की एसएसआई समेत पांच पुलिसकर्मी करा दिए थे सस्पेंड
कंकरखेड़ा निवासी जिस युवती के साथ जिला अस्पताल में यह घटना हुई, इस युवती के साथ तीन माह पहले कंकरखेड़ा थाने में भी अभद्रता की गई थी। उस मामले में कंकरखेड़ा थाने की एसएसआई समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित किए गये थे। दो अप्रैल 2018 को हुए बखेड़े में भी पुलिस ने इस युवती को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोप था कि युवती ने हाईवे पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया और आग लगाने की कोशिश की। कई बार यह युवती इंसाफ को लेकर डीएम और एसएसपी ऑफिस के चक्कर लगाती थी।
बिजलीघर में तैनात स्टाफ की लापरवाही
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल का कहना है कि ऐसा नहीं लगता कि महिला ने आत्महत्या की कोशिश की होगी। वह पहले भी कई बार हंगामा कर चुकी है। इस घटना में बिजलीघर पर तैनात स्टाफ की भी लापरवाही है। कोई कैसे बिजलीघर में ट्रांसफार्मर के बीच जा सकता है। इसकी जांच कराई जाएगी।
कंकरखेड़ा थाने की एसएसआई समेत पांच पुलिसकर्मी करा दिए थे सस्पेंड
कंकरखेड़ा निवासी जिस युवती के साथ जिला अस्पताल में यह घटना हुई, इस युवती के साथ तीन माह पहले कंकरखेड़ा थाने में भी अभद्रता की गई थी। उस मामले में कंकरखेड़ा थाने की एसएसआई समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित किए गये थे। दो अप्रैल 2018 को हुए बखेड़े में भी पुलिस ने इस युवती को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोप था कि युवती ने हाईवे पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया और आग लगाने की कोशिश की। कई बार यह युवती इंसाफ को लेकर डीएम और एसएसपी ऑफिस के चक्कर लगाती थी।
बिजलीघर में तैनात स्टाफ की लापरवाही
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल का कहना है कि ऐसा नहीं लगता कि महिला ने आत्महत्या की कोशिश की होगी। वह पहले भी कई बार हंगामा कर चुकी है। इस घटना में बिजलीघर पर तैनात स्टाफ की भी लापरवाही है। कोई कैसे बिजलीघर में ट्रांसफार्मर के बीच जा सकता है। इसकी जांच कराई जाएगी।