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बड़े स्कूलों में पढ़ेंगे 12 अनाथ बच्चे, कमिश्नर बनीं अभिभावक

Fri, 27 Jul 2018 02:00 AM IST
Updated Fri, 27 Jul 2018 02:00 AM IST
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बड़े स्कूलों में पढ़ेंगे 12 अनाथ बच्चे, कमिश्नर बनीं अभिभावक
मेरठ। मां-बाप और शिक्षा की रोशनी से महरूम 12 अनाथ बच्चों का जीवन भी अब जगमग होगा। शिक्षा जहां सरकारी पाठशाला के बजाय शहर के नामचीन स्कूलों में मिलेगी तो अभिभावक के कॉलम में नाम लिखा जाएगा आयुक्त। मंडलायुक्त अनीता सी. मेश्राम ने राजकीय बाल संरक्षण गृह के 12 बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने की यह अनूठी मुहिम शुरू की है।
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सूरजकुंड स्थित बाल संरक्षण गृह में फिलहाल 12 अनाथ बच्चे हैं। इन सभी को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की बात आई तो सरकारी कर्मचारियों ने सुझाव दिया कि इनके दाखिले सरकारी पाठशालाओं में करा दिए जाएं। कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। कहा कि बच्चे पढ़ेंगे तो शहर के बेहतरीन स्कूलों में। इसके लिए शहर के स्कूलों में नाम सुझाए गए। सहमति बनी कि बच्चों के दाखिले केएल इंटरनेशनल एवं बीडीएस स्कूल में कराए जाएंगे। चूंकि दोनों स्कूल पास-पास हैं तो इसका भी लाभ मिलेगा।
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सहर्ष तैयार हो गए स्कूल संचालक
इस बाबत स्कूल प्रबंधकों से बात हुई तो वह सहर्ष तैयार हो गए। आयुक्त ने बताया कि इन बच्चों की फीस, यूनिफार्म, ट्रांसपोर्ट, बुक्स आदि का सभी खर्च स्कूल ही उठाएंगे। उनकी बसों में बच्चे स्कूल आएंगे-जाएंगे। दोनों स्कूलों में छह-छह बच्चे पढ़ेंगे।
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अलग अलग कक्षाओं में मिलेगा प्रवेश
बच्चों को आयु वर्ग के आधार पर एडमिशन मिलेगा। हालांकि सभी प्राइमरी सेक्शन के ही हैं। स्कूलों की टीम उनकी क्षमता का आकलन करेगी और उसी आधार पर उन्हें कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा में पूरी कोशिश यह रहेगी कि बच्चे पूरी तरह से दूसरे बच्चों के रंग में रंग जाएं।
...किसे कॉल करें, आयुक्त बोलीं मुझे
इन स्कूल प्रबंधकों के साथ हुई मीटिंग में प्रबंधकों ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी तो प्रबंधन की है ही। लेकिन स्कूल में जब किसी बच्चे की तबीयत खराब हो जाती है तो वे उनके पैरेंट्स को फोन करते हैं। यदि इनमें से किसी बच्चे की तबीयत आदि खराब हुई तो किसे बुलाया जाए। इस पर आयुक्त ने कहा कि इन बच्चों की अभिभावक अब सरकार है। प्रोबेशन अधिकारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट इस रजिस्टर में मेरा नाम लिख ले। यदि ऐसा हुआ तो सीधे मुझे कॉल की जाए।
छह बच्चों को मिल चुके हैं पैरेंट्स
बाल संरक्षण गृह में कुल 18 बच्चे अनाथ थे। इनमें से छह बच्चों को पहले ही पैरेंट्स मिल चुके हैं। बाकी बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता जताई जा रही थी। यही कारण रहा कि बाकी बच्चाें को भी जब तक कोई गोद नहीं ले लेता, उनकी एजुकेशन का बेहतर इंतजाम किया जाएगा।

भविष्य का तय होगा आधार
12 अनाथ बच्चों को केएल एवं बीडीएस में शिक्षा दिलाई जाएगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन ने सहमति जता दी है। यह शिक्षा इन बच्चों के बेहतर भविष्य का आधार तय करेगी। -अनीता सी. मेश्राम, कमिश्नर


खास बातें:
- केएल और बीडीएस में कराए जाएंगे बाल संरक्षण गृह के इन बच्चों के दाखिले
- कमिश्नर ने की पहल, दोनों स्कूल बच्चों की पढ़ाई का सारा खर्च उठाने को तैयार
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