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कथा केवल सुनने का नहीं आत्मा का विषय
Updated Wed, 28 Mar 2018 02:03 AM IST
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मेरठ। मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा जागृति विहार की ओर से मंगलवार को शांति पैलेस गुरुद्वारा रोड शास्त्रीनगर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्मकथा महायज्ञ प्रारंभ हुआ।
कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई ने कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कथा केवल सुनने का विषय नहीं बल्कि आत्मा का विषय है। जिस तरह राजा परीक्षित ने सात दिन लगातार मन, कर्म और वचन से एकनिष्ठ होकर कथा रसपान किया। उस सत्यनाम का जो सबको अमरत्व प्रदान करने वाला है और यमराज को भी आज्ञा देने वाला है। उसी परमशक्ति को अपने ह्रदय में जानकर उसका गुणगान सुनकर आत्मसात किया। कथा व्यास साध्वी ने कथा के माध्यम से ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के प्रसंग पर विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि उस परमात्मा का पावन नाम जानने के हम सभी अधिकारी हैं। बिना परमात्मा के पावन नाम को जाने जीव का कल्याण संभव नहीं है। कथा के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई।
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कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई ने कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कथा केवल सुनने का विषय नहीं बल्कि आत्मा का विषय है। जिस तरह राजा परीक्षित ने सात दिन लगातार मन, कर्म और वचन से एकनिष्ठ होकर कथा रसपान किया। उस सत्यनाम का जो सबको अमरत्व प्रदान करने वाला है और यमराज को भी आज्ञा देने वाला है। उसी परमशक्ति को अपने ह्रदय में जानकर उसका गुणगान सुनकर आत्मसात किया। कथा व्यास साध्वी ने कथा के माध्यम से ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के प्रसंग पर विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि उस परमात्मा का पावन नाम जानने के हम सभी अधिकारी हैं। बिना परमात्मा के पावन नाम को जाने जीव का कल्याण संभव नहीं है। कथा के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई।
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