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झोपड़ियों में रहने वालों का तैयार होगा रिकॉर्ड
Updated Wed, 28 Mar 2018 01:35 AM IST
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झोपड़ियों में रहने वालों का तैयार होगा रिकॉर्ड
मेरठ। लिसाड़ी गेट की आशियाना कालोनी में खाक हुईं 200 से ज्यादा झुग्गी झोपड़ियों के मामले में मंगलवार को सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मो. असलम जांच करने पहुंचे। पुलिस के अनुसार सभी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों का सत्यापन कर रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
सीओ का कहना है कि लिसाड़ी गेट और हापुड़ रोड पर कई हजार झुग्गी झोपड़ियां हैं। कुछ झोपड़ी खरखौदा थाना क्षेत्र में आ रही है। यहां रहने वाले लोग मूलत: आसाम और पश्चिम बंगाल के बताए जाते हैं, जिनके पास आईडी भी हैं। ऐसे में पुलिस थाना स्तर पर सत्यापन कर सभी का रिकॉर्ड तैयार करेगी। इसमें सभी रहने वाले लोगों की आईडी, आधार कार्ड, फोटो, पेशा और अन्य जानकारी दर्ज होंगी। सीओ एलआईयू ने भी सभी लोगों की जांच कराने की बात कही है। सीओ का कहना है कि जांच में आग का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। लेकिन पूछताछ में किसी ने यह नहीं बताया कि आग साजिशन लगाई गई है। वहीं, युवा सेवा समिति के बदर अली आदि ने बस्ती में पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की।
200-300 रुपये वसूल रहे किराया
इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट ने बताया कि आशियाना कालोनी में जहां झोपड़ियों में आग लगी थी, वह जमीन नगर निगम की नहीं बल्कि लिसाड़ी गेट निवासी रफीक और दो अन्य लोगों की है। जमीन मालिक किराए के नाम पर प्रत्येक झुग्गी झोपड़ी मालिक से 200-300 रुपये प्रति माह वसूल रहे हैं।
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खास बातें:
जांच करने पहुंचे सीओ कोतवाली और इंस्पेक्टर
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मेरठ। लिसाड़ी गेट की आशियाना कालोनी में खाक हुईं 200 से ज्यादा झुग्गी झोपड़ियों के मामले में मंगलवार को सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मो. असलम जांच करने पहुंचे। पुलिस के अनुसार सभी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों का सत्यापन कर रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
सीओ का कहना है कि लिसाड़ी गेट और हापुड़ रोड पर कई हजार झुग्गी झोपड़ियां हैं। कुछ झोपड़ी खरखौदा थाना क्षेत्र में आ रही है। यहां रहने वाले लोग मूलत: आसाम और पश्चिम बंगाल के बताए जाते हैं, जिनके पास आईडी भी हैं। ऐसे में पुलिस थाना स्तर पर सत्यापन कर सभी का रिकॉर्ड तैयार करेगी। इसमें सभी रहने वाले लोगों की आईडी, आधार कार्ड, फोटो, पेशा और अन्य जानकारी दर्ज होंगी। सीओ एलआईयू ने भी सभी लोगों की जांच कराने की बात कही है। सीओ का कहना है कि जांच में आग का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। लेकिन पूछताछ में किसी ने यह नहीं बताया कि आग साजिशन लगाई गई है। वहीं, युवा सेवा समिति के बदर अली आदि ने बस्ती में पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की।
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200-300 रुपये वसूल रहे किराया
इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट ने बताया कि आशियाना कालोनी में जहां झोपड़ियों में आग लगी थी, वह जमीन नगर निगम की नहीं बल्कि लिसाड़ी गेट निवासी रफीक और दो अन्य लोगों की है। जमीन मालिक किराए के नाम पर प्रत्येक झुग्गी झोपड़ी मालिक से 200-300 रुपये प्रति माह वसूल रहे हैं।
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खास बातें:
जांच करने पहुंचे सीओ कोतवाली और इंस्पेक्टर