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टीकरी में 100 बीघा ईख की फसल जलकर राख
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टीकरी में 100 बीघा ईख की फसल जलकर राख
जानीखुर्द। गांव टीकरी में रविवार को करीब 22 किसानों की खेतों में खड़ी 100 बीघा फल जलकर राख हो गई। किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने मुआवजे की मांग की है। साथ ही जानी थाने में घटना की तहरीर दी है।
गांव टीकरी के जंगल में रविवार दोपहर बाद ग्रामीणों को आसमान में आग की ऊंची लपटें दिखाई दीं। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो देखा कि ईख के खेतों में आग लगी हुई है, जो कि तेजी से फैलती जा रही है। किसान ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने में जुट गए। काफी मशक्कत कर चार घंटे के बाद किसानों ने आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक 22 किसानों के खेतों में खड़ी 100 बीघा से ज्यादा फसल जलकर राख हो चुकी थी। पीड़ित किसानों ने आग लगने से हुए नुकसान की जानकारी तहसीलदार और एसडीएम को देकर मुआवजे की मांग की है। इस संबंध में किसान सोमवार को अधिकारियों से मिलेंगे। रात में किसान ने घटना की तहरीर जानी थाने में भी दे दी। पुलिस ने जांच करने और आग लगने का कारण पता करने की बात कही है। पीड़ित किसान सुरेन्द्र, धर्मेन्द्र, सतवीर, अरुण, रघुनाथ, देवेन्द्र, नरेन्द्र, पंकज, मूनि, देवमणि, प्रेमवती, विपिन, चन्द्रपाल, सतपाल, ओमपाल, रामबीर, संदीप, राजबीर, वेदपाल आदि हैं।
किसानों ने रोते हुए बताया अपना दर्द
पीड़ित किसान चन्द्रपाल ने रोते हुए बताया कि बारिश से फसल को पहले ही नुकसान हो चुका है। आग लगने से जली फसल को खेत से काटने में भी काफी खर्च होगा। किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है। अब परिवारों के सामने रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। अन्य किसानों ने कहा कि पूरा परिवार इसी खेती पर निर्भर था, अगर मुआवजा नहीं मिलेगा, तो हमारे सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी।
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जानीखुर्द। गांव टीकरी में रविवार को करीब 22 किसानों की खेतों में खड़ी 100 बीघा फल जलकर राख हो गई। किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने मुआवजे की मांग की है। साथ ही जानी थाने में घटना की तहरीर दी है।
गांव टीकरी के जंगल में रविवार दोपहर बाद ग्रामीणों को आसमान में आग की ऊंची लपटें दिखाई दीं। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो देखा कि ईख के खेतों में आग लगी हुई है, जो कि तेजी से फैलती जा रही है। किसान ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने में जुट गए। काफी मशक्कत कर चार घंटे के बाद किसानों ने आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक 22 किसानों के खेतों में खड़ी 100 बीघा से ज्यादा फसल जलकर राख हो चुकी थी। पीड़ित किसानों ने आग लगने से हुए नुकसान की जानकारी तहसीलदार और एसडीएम को देकर मुआवजे की मांग की है। इस संबंध में किसान सोमवार को अधिकारियों से मिलेंगे। रात में किसान ने घटना की तहरीर जानी थाने में भी दे दी। पुलिस ने जांच करने और आग लगने का कारण पता करने की बात कही है। पीड़ित किसान सुरेन्द्र, धर्मेन्द्र, सतवीर, अरुण, रघुनाथ, देवेन्द्र, नरेन्द्र, पंकज, मूनि, देवमणि, प्रेमवती, विपिन, चन्द्रपाल, सतपाल, ओमपाल, रामबीर, संदीप, राजबीर, वेदपाल आदि हैं।
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किसानों ने रोते हुए बताया अपना दर्द
पीड़ित किसान चन्द्रपाल ने रोते हुए बताया कि बारिश से फसल को पहले ही नुकसान हो चुका है। आग लगने से जली फसल को खेत से काटने में भी काफी खर्च होगा। किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है। अब परिवारों के सामने रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। अन्य किसानों ने कहा कि पूरा परिवार इसी खेती पर निर्भर था, अगर मुआवजा नहीं मिलेगा, तो हमारे सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी।
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