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डेढ़ लाख लोग पानी को तरसे, दूषित पानी पीने के लिए मजबूर

Thu, 28 Sep 2017 11:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Thu, 28 Sep 2017 11:58 AM IST
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1.5 lakh people are not getting water, forced to drink contaminated water
हैंडपंप पर पीने के पानी के लिए लगी महिलाओं और बच्चों की लाइन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

मेरठ में रोहटा रोड स्थित गोलाबढ़ गांव में डेढ़ लाख लोग पीने के पानी के लिए तरस गए हैं। पांच दिन से टूटी पड़ी लाइन को जोड़ने के लिए नगर निगम, डूडा और राजकीय निर्माण निगम एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं। पानी न मिलने से परेशान जनता हैंडपंपों का दूषित पानी पीने के लिए मजबूर है।

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गोलाबढ़ गांव नगर निगम के नए वार्ड 22 के अंतर्गत आता है। गांव में साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए डूडा ने ट्यूबवेल लगाया। इसके संचालन की जिम्मेदारी अभी तक राजकीय निर्माण निगम के पास है। गत शनिवार को ट्यूबवेल के निकट पानी की पाइप लाइन फट गई। इससे पूरे गांव की जलापूर्ति ठप हो गई। लोगों को पाने का पानी नहीं मिलने से काफी परेशानी हो रही है। इस संबंध में समाजसेवी भरत सिंह सैनी का कहना है कि नगर निगम और डूडा में टूटी पाइप लाइन को ठीक करने के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन अधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं हैं।
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हां आई थी शिकायत
टूटी पाइप लाइन की शिकायत आई थी। उप्र राजकीय निर्माण निगम को अवगत करा दिया गया है। -आरपी सिंह, परियोजना प्रबंधक डूडा।

नहीं की हैंडओवर

1.5 lakh people are not getting water, forced to drink contaminated water
टूटी पाइप लाइन से बहता पानी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

गोलाबढ़ की ट्यूबवेल नगर निगम को हैंडओवर नहीं हुई है। जो संस्था ट्यूबवेल का संचालन कर रही है, वही ठीक करेगी। - सुनील सिंहल, अवर अभियंता जलकल विभाग नगर निगम।    

हैंडपंपों का पानी खराब 
गोलाबढ़ के हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है। यह रिपोर्ट पूर्व में जल निगम ने भूगर्भ जल की जांच के उपरांत प्रस्तुत की थी। इसके बाद ही ट्यूबवेल लगाई गई। सभी लोग हाउस टैक्स के साथ पानी का टैक्स भी देते हैं।

शहर में नहीं राजकीय निर्माण निगम के अधिकारी
राजकीय निर्माण निगम ने जहां महानगर में अरबों रुपये से सड़क भवनों का निर्माण किया है वहीं विभिन्न स्थानों पर ट्यूबवेल लगाए। ये ट्यूबवेल अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं किए गए हैं। वहीं एक साल पहले से उप्र राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों ने मेरठ छोड़ दिया। उन्होंने अपना कार्यालय भी रुड़की में खोल लिया है। इसलिए उनके विभाग की सभी योजना रामभरोसे हैं।

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