मेरठ: कर्फ्यू आठ बजे से, शराब की दुकानें खुली नौ बजे तक, डीएम के आदेश को लेकर शराब विक्रेता असमंजस में
- डीएम के आदेश को लेकर शराब विक्रेता असमंजस में
- कई जगह दुकान बंद कराने को लेकर हो चुकी है पुलिस से झड़प
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मेरठ में लॉकडाउन में आबकारी विभाग के अनुज्ञापियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बार मुसीबत की वजह एक प्रशासनिक आदेश है, जिसके बाद अनुज्ञापी और पुलिस में टकराव के हालात पैदा हो रहे हैं। कई जगह दुकान बंद कराने को लेकर हो पुलिस से झड़प भी हो चुकी है।
जनपद के कंटेनमेंट जोन और बफर जोन के बाहर खुल रही शराब, बियर की दुकानों के लिए जिला प्रशासन ने एक मजबूत गाइडलाइन जारी की थी। गाइडलाइन के अनुसार, अनुज्ञापियों को कुछ निर्देशों का सख्ती से पालन करना था। सबसे महत्वपूर्ण गाइडलाइन में दुकानें खुलने की टाइमिंग थी, जिसके अनुसार अनुज्ञापी सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक अपनी दुकानें खोल सकते थे।
इसके अनुसार दुकानें खुलने लगी। इसी बीच कुछ जनपदों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शासन ने रात्रि कर्फ्यू की व्यवस्था बना दी। जनपद में भी रात्रि 8 बजे से सुबह 6 बजे तक व्यवस्था बहाल है। लेकिन शराब की दुकान खुलने का समय और कर्फ्यू का समय मैच न हो पाने के कारण यह व्यवस्था विवाद की वजह बन गई है।
जबरन बंद कराई जा रही दुकानें
शहर में कर्फ्यू रात्रि 8 बजे से सुबह 6 बजे तक है। जबकि शराब की दुकान खुलने का समय रात्रि 9 बजे तक का है। सवाल उठता है कि जब कर्फ्यू का समय 8 बजे से है तो शराब की दुकान 9 बजे तक क्यों खोलने की अनुमति दी गई।
प्रशासन के इन आदेशों का हवाला देकर कई जगह जबरन दुकानें बंद कराई गई। लगातार इस तरह की शिकायत मिल रही हैं कि पुलिस दुकान बंद करने के लिए अनुज्ञापियों से अभद्रता तक कर रही है। कई जगह मारपीट भी की गई है।
शराब की दुकान खुलने का समय सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक का है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस तरह की शिकायत मिली है कि पुलिस जबरन दुकान बंद करा रही है। सभी अनुज्ञापियों को यह आदेश अपने यहां चस्पा करने के लिए कहा गया है। प्रशासन को भी जानकारी दी गई है। -आलोक कुमार, जिला आबकारी अधिकारी