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माया प्रेस बिल्डिंग मामला : मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी हाईकोर्ट में तलब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Wed, 24 Oct 2018 04:00 PM IST
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allahabad high court
हाईकोर्ट ने प्रयागराज के मुट्ठीगंज स्थित मित्र प्रकाशन (माया प्रेस) की बिल्डिंग गिराए जाने के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी अजय कुमार सिंह को तलब कर लिया है। कोर्ट ने उनको 29 अक्तूबर को व्यक्तिगत हलफनामे के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने जानना चाहा है कि विवादित भवन के ध्वस्तीकरण को लेकर उन्होंने मंडलायुक्त और प्रयागराज के डीएम को क्या आदेश दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम की पत्रावली पेश हुई तो पता चला कि बिल्डिंग गिराने का आदेश ओएसडी अजय कुमार सिंह ने दिया था। जबकि यह भवन हाईकोर्ट की अभिरक्षा में था।
कोर्ट ने नगर निगम की उक्त पत्रावली को स्कैन कर अन्य दस्तावेजों के साथ रखने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर एसएसपी नितिन तिवारी पेश हुए। उनको अगली सुनवाई पर उपस्थिति से माफी दे दी गई है।
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माया प्रेस के इस विवादित भवन में नवीन उदासीन अखाड़ा स्थित था। अखाड़े के महंत ने जर्जर भवन ढहाने की गुजारिश की थी। जबकि माया प्रेस के समापन की प्रक्रिया के तहत हाईकोर्ट ने प्रेस की समस्त संपत्तियों पर आधिकारिक समापक नियुक्त किया है। संपत्तियां एक प्रकार से हाईकोर्ट के आधीन है।
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कोर्ट ने जानना चाहा है कि विवादित भवन के ध्वस्तीकरण को लेकर उन्होंने मंडलायुक्त और प्रयागराज के डीएम को क्या आदेश दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम की पत्रावली पेश हुई तो पता चला कि बिल्डिंग गिराने का आदेश ओएसडी अजय कुमार सिंह ने दिया था। जबकि यह भवन हाईकोर्ट की अभिरक्षा में था।
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कोर्ट ने नगर निगम की उक्त पत्रावली को स्कैन कर अन्य दस्तावेजों के साथ रखने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर एसएसपी नितिन तिवारी पेश हुए। उनको अगली सुनवाई पर उपस्थिति से माफी दे दी गई है।
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माया प्रेस के इस विवादित भवन में नवीन उदासीन अखाड़ा स्थित था। अखाड़े के महंत ने जर्जर भवन ढहाने की गुजारिश की थी। जबकि माया प्रेस के समापन की प्रक्रिया के तहत हाईकोर्ट ने प्रेस की समस्त संपत्तियों पर आधिकारिक समापक नियुक्त किया है। संपत्तियां एक प्रकार से हाईकोर्ट के आधीन है।
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इस तथ्य की जानकारी होने के बावजूद भवन के ध्वस्तीकरण को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए आधिकारिक समापक को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उन सभी अधिकारियों को तलब कर पूछताछ की है, जिनकी ध्वस्तीकरण में भूमिका रही है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र कर रहे हैं।