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कैशलेस की ओर बढ़ने लगे युवा
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Fri, 31 Mar 2017 10:53 PM IST
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युवा कैशलेस व्यवस्थ्ाा का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन दूसरी गांवों में छोटे बाजारों यहां तक कि तहसील मुख्यालयों पर भी स्वाइप मशीन का चलन शुरू नहीं हो सका है। चारो तहसीलों को मिलाकर लगभग एक दर्जन दूकानों पर स्वाइप मशीनें प्रयोग में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दूकानों पर सारे लेनदेन कैश से हो रहे हैं। हां, युवा वर्ग तेजी से कैशलेस सिस्टम अपना रहे हैं। प्रतियोगिताओं के आवेदन, रेलयात्राओं के टिकट अथवा आगे की कक्षाओं या बड़े कोचिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए पेटीएम , वालेट, नेट बैंकिंग सरीखे कैशलेस के विभिन्न विकल्प अपना रहे हैं।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील मुख्यालय के आस पास के खैराबाद, अतरारी, सुरहुरपुर, बनियापार, वलीदपुर हलीमाबाद करहां आदि गांवों में नेट बैंकिंग, पेटीएम, आक्सीजन आदि वालेट के माध्यम से लोग लेनदेन और बिलों का भुगतान कर रहे हैं। कस्बा में तो रेल, हवाई जहाज आदि के टिकट बनाने वाले दर्जनों ट्रवेल्स एजेंटों के पास स्वाइप मशीनें है और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कुछ युवक भी अपने डेविट कार्ड के माध्यम से टिकट खरीददारी कर रहे हैं। हालांकि अभी गांवों और चट्टी चौराहों की दूकानों पर में स्वाइप मशीनें नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वाइप मशीन का चलन न के बराबर है। खैराबाद के अनवारूल, सूफियान, वलीदपुर के जफर, करहां के रशीद सुरहुरपुर के मनीष यादव आदि युवकों ने बताया कि अपने निजी कार्य जैसे मोबाइल, डीटीएच रिचार्ज के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक धनराशि का भुगतान मोबाइल बैकिंग से कर रहें है। घोसी संवाददाता के अनुसार तहसील मुख्यालयपर एक इलेक्ट्रानिक और एक कपड़े की दूकान पर स्वाइप मशीनें लगी हैं। इक्का दुक्का ट्रेवल एजेंट भी कैशलेस सिस्टम से भुगतान ले रहे हैं। बाकी सब लेनदेन पूर्ववत कैश युक्त चल रहा है।
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मुहम्मदाबाद गोहना तहसील मुख्यालय के आस पास के खैराबाद, अतरारी, सुरहुरपुर, बनियापार, वलीदपुर हलीमाबाद करहां आदि गांवों में नेट बैंकिंग, पेटीएम, आक्सीजन आदि वालेट के माध्यम से लोग लेनदेन और बिलों का भुगतान कर रहे हैं। कस्बा में तो रेल, हवाई जहाज आदि के टिकट बनाने वाले दर्जनों ट्रवेल्स एजेंटों के पास स्वाइप मशीनें है और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कुछ युवक भी अपने डेविट कार्ड के माध्यम से टिकट खरीददारी कर रहे हैं। हालांकि अभी गांवों और चट्टी चौराहों की दूकानों पर में स्वाइप मशीनें नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वाइप मशीन का चलन न के बराबर है। खैराबाद के अनवारूल, सूफियान, वलीदपुर के जफर, करहां के रशीद सुरहुरपुर के मनीष यादव आदि युवकों ने बताया कि अपने निजी कार्य जैसे मोबाइल, डीटीएच रिचार्ज के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक धनराशि का भुगतान मोबाइल बैकिंग से कर रहें है। घोसी संवाददाता के अनुसार तहसील मुख्यालयपर एक इलेक्ट्रानिक और एक कपड़े की दूकान पर स्वाइप मशीनें लगी हैं। इक्का दुक्का ट्रेवल एजेंट भी कैशलेस सिस्टम से भुगतान ले रहे हैं। बाकी सब लेनदेन पूर्ववत कैश युक्त चल रहा है।
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