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भक्तों ने की सिद्धिदात्री की आराधना
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 11 Oct 2016 12:21 AM IST
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गोला बाजार में सजे आकर्षक पंडाल में मां दुर्गा का दर्शन करने उमड़ी भीड़।
- फोटो : mau
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देवी दुर्गा की पूजा पर्व के 10वें दिन सोमवार को दुर्गा मंदिरों में मां सिद्धिदात्री की आराधना की गई। नगर सहित जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में नवमी केे दिन मां का दर्शन पूजन करने के लिए दूर दराज सहित गैर जनपदों से आए श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेका। नवरात्र के अंतिम दिन नवमी की बेला पर मां दुर्गा का व्रत रखकर विधि विधान से पूजन अर्चन किया। दुर्गा पंडालों और मंदिरों मेें पूजन अर्चन करने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।
देवी भगवती का नौवां स्वरूप सिद्धिदात्री का है। ये सभी सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र की नवमी के दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि विधान से साधना करने वाले साधक को सिद्धियां प्राप्त होती हैं।
इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्धेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें मां का पूजन अर्चन करनेे के लिए दूर दराज सहित गैर जनपद से आए भक्तों का रेला टूट पड़ा।
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मां का दर्शन पूजन करने को भक्त बेताब नजर आ रहेे थे। माता रानी के सभी नव रूपों का स्मरण करते हुए श्रद्घालु शांत भाव से कतार में खड़े होकर अपने बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। बीच-बीच में जयकारे से मंदिर परिसर गूंजायमान हो जा रहा था। सुबह के समय आकाश में बादल होने से भक्त मां की कृपा मान रहे थे। इस दौरान लोग मां की महिमा का बखान करते थक नहीं रहे थे। अपनी बारी कब आ गई उनको आभास तक नहीं हो सका।
उधर नगर सहित जिले के विभिन्न दुर्गा पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देर राततक चहल पहल कर रह रही है। लोग विधि विधान से मां दुर्गा का पूजन अर्चन कर रहे हैं। हर ओर मेला जैसा दृश्य नजर आ रहा है।
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देवी भगवती का नौवां स्वरूप सिद्धिदात्री का है। ये सभी सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र की नवमी के दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि विधान से साधना करने वाले साधक को सिद्धियां प्राप्त होती हैं।
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इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्धेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें मां का पूजन अर्चन करनेे के लिए दूर दराज सहित गैर जनपद से आए भक्तों का रेला टूट पड़ा।
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मां का दर्शन पूजन करने को भक्त बेताब नजर आ रहेे थे। माता रानी के सभी नव रूपों का स्मरण करते हुए श्रद्घालु शांत भाव से कतार में खड़े होकर अपने बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। बीच-बीच में जयकारे से मंदिर परिसर गूंजायमान हो जा रहा था। सुबह के समय आकाश में बादल होने से भक्त मां की कृपा मान रहे थे। इस दौरान लोग मां की महिमा का बखान करते थक नहीं रहे थे। अपनी बारी कब आ गई उनको आभास तक नहीं हो सका।
उधर नगर सहित जिले के विभिन्न दुर्गा पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देर राततक चहल पहल कर रह रही है। लोग विधि विधान से मां दुर्गा का पूजन अर्चन कर रहे हैं। हर ओर मेला जैसा दृश्य नजर आ रहा है।