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Mau News: एनओसी मिलने के 48 दिन बाद भी काम शुरू नहीं
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नगर में बदहाल सईदी रोड।संवाद
मऊ। नगर के बीचोबीच से गुजरी छह सौ मीटर लंबी सईदी सड़क के लिए रेलवे से एनओसी मिले 48 दिन हो गए हैं। लेकिन इसे बनवाने की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पाई है। जबकि इसे बनवाने के लिए रेलवे से एनओसी लेने का श्रेय लेने की नपाध्यक्ष और सांसद में होड़ मची थी।
नपाध्यक्ष अरशद जमाल ने एनओसी के एक माह के भीतर इस सड़क का कार्य शुरू कराने का दावा किया था। इस सड़क को लेकर केवल बयानबाजी होती आई है। इस कारण सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस सड़क का मुद्दा घोसी से सपा के सांसद राजीव राय संसद में भी रेल मंत्री के समक्ष उठा चुके हैं।
तीन जुलाई को नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने अपने सोशल मीडिया के पोस्ट से जानकारी दी थी कि साल 2022 में रेलवे की ओर से विशेष अनुबंध के तहत बनाई गई छह सौ मीटर लंबे सईदी मार्ग का पुनर्निर्माण अब नगर पालिका कराएगी।
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रेलवे की जमीन होने के कारण एनओसी न मिलने के चलते नगर पालिका इसका निर्माण नहीं करा पा रही थी। अब एनओसी जारी होने के बाद एक माह के भीतर इस सड़क की टेंडर प्रक्रिया करके कार्य शुरू कराएंगे। घोसी के सांसद राजीव राय ने 19 जुलाई को दावा किया था कि इस सड़क का मुद्दा न उन्होंने केवल संसद में उठाया था बल्कि उनकी पहल पर ही रेलवे ने एनओसी जारी किया है। तीन जुलाई को एनओसी जारी होने के एक माह के भीतर यानी तीन अगस्त तक कार्य शुरू हो जाना था, लेकिन एक माह 17 दिन बीतने के बाद भी कुछ होता नहीं दिख रहा है।
नाले की मरम्मत के बाद बननी थी सड़क
मऊ। घोसी के सांसद राजीव राव ने दावा किया था कि रेलवे ने इस सड़क के निर्माण से पहले नगर पालिका को नाले की मरम्मत कराने का सुझाव भी दिया था, लेकिन बिना नाले की मरम्मत के यह सड़क बनाई थी। इस कारण सड़क जल्दी खराब हो गई। नपाध्यक्ष अरशद जमाल ने करीब 70 लाख की लागत से सड़क बनवाने की बात कही है। साथ ही नाले की मरम्मत की लागत अलग से रखने की बात कही है। लेकिन इन दोनों में से अब तक किसी कार्य की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
पांच साल थी गारंटी दो साल भी नहीं चली
रेलवे ने अनुबंध के तहत साल 2022 में करीब एक करोड़ 34 लाख की राशि से यह सड़क बनवाई गई थी। इस सड़क की गारंटी पांच साल की थी। लेकिन यह सड़क दो साल से पहले ही जगह-जगह गड्ढे में तब्दील हो गई।
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इसलिए जरूरी है इस मार्ग का काम
मऊ। वर्तमान में नगर के बाल निकेतन रेलवे क्राॅसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होने के चलते इस मार्ग से आवाजाही में वाहन चालकों को सदर चौक और बाजार के अंदर आने जाने में दिक्कत हो रही है। नगर के बीचोबीच से गुजरी सईदी रोड इसका बेहतर विकल्प है, लेकिन सड़क बदहाल है। इस मार्ग से प्रतिदिन दो हजार से अधिक बाइक, कार, स्कूली बस सहित दूसरे वाहनों की आवाजाही है। इस सड़क के बेहतर होने से बाजार के लोगों को आजमगढ़ मोड़ या गाजीपुर तिराहा पहुंचने में आसानी होगी। साथ ही इससे बालनिकेतन रेलवे क्राॅसिंग पर लगने वाला जाम की परेशानी भी कम होगी। इसी को देखते हुए 2022 में इस सड़क को बनवाया गया था।
सईदी रोड के कार्य को लेकर टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। रेलवे से एनओसी मिलने के एक माह के अंदर टेंडर की कवायद की योजना थी, लेकिन इसमें थोड़ा और समय लग गया। - अरशद जमाल, नपाध्यक्ष नगर पालिका मऊ।
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नपाध्यक्ष अरशद जमाल ने एनओसी के एक माह के भीतर इस सड़क का कार्य शुरू कराने का दावा किया था। इस सड़क को लेकर केवल बयानबाजी होती आई है। इस कारण सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस सड़क का मुद्दा घोसी से सपा के सांसद राजीव राय संसद में भी रेल मंत्री के समक्ष उठा चुके हैं।
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तीन जुलाई को नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने अपने सोशल मीडिया के पोस्ट से जानकारी दी थी कि साल 2022 में रेलवे की ओर से विशेष अनुबंध के तहत बनाई गई छह सौ मीटर लंबे सईदी मार्ग का पुनर्निर्माण अब नगर पालिका कराएगी।
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रेलवे की जमीन होने के कारण एनओसी न मिलने के चलते नगर पालिका इसका निर्माण नहीं करा पा रही थी। अब एनओसी जारी होने के बाद एक माह के भीतर इस सड़क की टेंडर प्रक्रिया करके कार्य शुरू कराएंगे। घोसी के सांसद राजीव राय ने 19 जुलाई को दावा किया था कि इस सड़क का मुद्दा न उन्होंने केवल संसद में उठाया था बल्कि उनकी पहल पर ही रेलवे ने एनओसी जारी किया है। तीन जुलाई को एनओसी जारी होने के एक माह के भीतर यानी तीन अगस्त तक कार्य शुरू हो जाना था, लेकिन एक माह 17 दिन बीतने के बाद भी कुछ होता नहीं दिख रहा है।
नाले की मरम्मत के बाद बननी थी सड़क
मऊ। घोसी के सांसद राजीव राव ने दावा किया था कि रेलवे ने इस सड़क के निर्माण से पहले नगर पालिका को नाले की मरम्मत कराने का सुझाव भी दिया था, लेकिन बिना नाले की मरम्मत के यह सड़क बनाई थी। इस कारण सड़क जल्दी खराब हो गई। नपाध्यक्ष अरशद जमाल ने करीब 70 लाख की लागत से सड़क बनवाने की बात कही है। साथ ही नाले की मरम्मत की लागत अलग से रखने की बात कही है। लेकिन इन दोनों में से अब तक किसी कार्य की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
पांच साल थी गारंटी दो साल भी नहीं चली
रेलवे ने अनुबंध के तहत साल 2022 में करीब एक करोड़ 34 लाख की राशि से यह सड़क बनवाई गई थी। इस सड़क की गारंटी पांच साल की थी। लेकिन यह सड़क दो साल से पहले ही जगह-जगह गड्ढे में तब्दील हो गई।
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इसलिए जरूरी है इस मार्ग का काम
मऊ। वर्तमान में नगर के बाल निकेतन रेलवे क्राॅसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होने के चलते इस मार्ग से आवाजाही में वाहन चालकों को सदर चौक और बाजार के अंदर आने जाने में दिक्कत हो रही है। नगर के बीचोबीच से गुजरी सईदी रोड इसका बेहतर विकल्प है, लेकिन सड़क बदहाल है। इस मार्ग से प्रतिदिन दो हजार से अधिक बाइक, कार, स्कूली बस सहित दूसरे वाहनों की आवाजाही है। इस सड़क के बेहतर होने से बाजार के लोगों को आजमगढ़ मोड़ या गाजीपुर तिराहा पहुंचने में आसानी होगी। साथ ही इससे बालनिकेतन रेलवे क्राॅसिंग पर लगने वाला जाम की परेशानी भी कम होगी। इसी को देखते हुए 2022 में इस सड़क को बनवाया गया था।
सईदी रोड के कार्य को लेकर टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। रेलवे से एनओसी मिलने के एक माह के अंदर टेंडर की कवायद की योजना थी, लेकिन इसमें थोड़ा और समय लग गया। - अरशद जमाल, नपाध्यक्ष नगर पालिका मऊ।