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कोटेदार की बहाली पर भड़कीं महिलाएं

Sat, 30 Jul 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ Updated Sat, 30 Jul 2016 12:21 AM IST
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women agitated against cota shop reallotment
गौरीडीह गांव में कोटेदार के बहाल करने के विरोध में तहसील का घेराव करते ग्रामीण।
तहसील क्षेत्र के गौरीडीह के कोटेदार को बहाल करने के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय में जम कर हंगामा किया। महिलाएं  बहाल कोटेदार को निलंबित किए  जाने की मांग पर अड़ी थीं। उनकी मांग थी कि कोटेदार की निकासी पर रोक लिया। एसडीएम सूर्यकान्त त्रिपाठी ने तहसीलदार श्रीप्रकाश  गुप्त व पूर्ति निरीक्षक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश के साथ ही कोटेदार के खाद्यान उठान पर रोक लगा  दिया। तब जाकर  ग्रामीण शांत हुए। 
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बता दें कि  कोटेदार द्वारा अनियमितता बरतने पर तत्कालीन एसडीएम ने कोटे की  दुकान को निलम्बित कर दिया था । बाद में आए  उपजिलाधिकारी सूर्यकान्त  त्रिपाठी ने जांच के बाद कोटेदार का जमानत राशि 5000रुपये  जब्त करते  हुए दुकान को बहाल कर दिया था।वहीं इसकी जानकारी होने पर प्रधान व एसडीएम के बीच वृहस्पतिवार  को बहस भी हुई थी जिसके बाद गांव के सैकड़ों ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंच कर  उपजिलाधिकारी के गाड़ी को रोक प्रदर्शन कर कोटे की दुकान को पुन: निलंबित  करने की मांग पर अड़े रहे। उपजिलाधिकारी सूर्यकांत त्रिपाठी के आश्वासन  देने पर समाप्त हुआ था।
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लेकिन 24 घंटे बीतने के बाद कार्रवाई नहीं होने पर क्षुब्ध सैंकड़ों  ग्रामीण शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पहुंच गए। ग्रामीण एसडीएम कार्यालय में हंगामा कर  कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए तथा कोटेदार पर त्वरित कार्रवाई करते  हुए उठान पर रोक लगाने व निलंबन की मांग कर रहे थे।  ग्रामीणों का उग्र विरोध देखते हुए उपजिलाधिकारी ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उठान पर रोक लगा दिया। एसडीएम ने तहसीलदार व पूर्ति निरीक्षक को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिया। तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।  इस मौके पर जितेश राय, अक्षैवर ,अर्जुन, रामजी, बाकेलाल ,विनोद राय ,सितावी देवी ,लीलावती भानमती, सुभागी , शिवकुमारी सहित सैकड़ों ग्रामीण रहे। इस बाबत उपजिलाधिकारी सूर्यकान्त  त्रिपाठी का कहना है कि जांच के निर्देश दे दिए गए हैं यदि आरोप सिद्ध  होता है तो कार्रवाई की जायेगी ।
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