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Mau News: वायरल के मरीज बढ़े, जांच के आकड़ों में बढ़ोतरी
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जिले में इन दिनों वायरल के मरीज बढ़े हैं। साथ ही जांच के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी हुुई है। जिला अस्पताल में 700 की ओपीडी बढ़ कर प्रतिदिन 1200 पहुंच चुकी है। जबकि लैब में रोजाना 400 मरीजो की जांच भी की जा रही है।
अगस्त और सितंबर माह में मौसम में हो रहे लगातार बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजाें की सुबह से लंबी कतार लग रही है। दिन में तेज धूप और उमस भरी तो रात में मौसम ठंडा होने के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। कोई बुखार तो कोई सर्दी जुकाम की चपेट में है। मरीजों में सबसे अधिक लोग बुखार, सर्दी व जुकाम से पीड़ित हैं। बुखार के बाद से लोगों को मलेरिया के साथ डेंगू का भी डर सता रहा है। जनपद के दूर दराज क्षेत्रों से ही मरीज ओपीडी शुरू होने के साथ आने लगे है। अस्पताल में पहले जहां 700 से 800 मरीजों को परामर्श दिया जाता था। अब यह आकड़ा बढ़कर 1200 के पार हो चुका है।
जिला अस्पताल में अभी मुख्य चिकित्सक सहित 22 चिकित्सकों के पद है। अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे से शुरू होकर दोपहर दो बजे तक चलती है। सुबह पर्ची लेने के बाद इन मरीजों का चिकित्सक द्वारा सबसे पहले खून की जांच कराई जा रही है। इसमें सबसे ज्यादा संक्रमण के ही मरीज मिल रहे है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. शैलेष कुशवाहा बताते है कि मौसम में बदलाव से अस्पताल में पिछले कुछ दिनाें से मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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जिला अस्पताल के पैथोलाॅजी में तैनात सीनियर लैब टेक्नीशियन दारोगा सिंह ने बताया कि पहले जहां प्रतिदिन 100 मरीज की जांच होती थी अब वह बढ़कर औसतन 400 हो गई है। बताया कि इस समय अस्पताल की ओपोडी दोपहर दो बजे समाप्त हो जाती है। लेकिन अब जांच करने में शाम के चार बज जाता है। जांच में अधिकतर टायफायड और मलेरिया के मरीज मिल रहे है।
इनसेट
जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या पहुंची 66
मऊ। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण डेंगू के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो जिले में अब तक डेंगू के 66 मरीज मिल चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया कि मंगलवार को डेंगू के 5 नए मरीज मिले है। सभी का निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
कोट
अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों के जांच व उपचार के लिए दवा उपलब्ध है। मरीजों के उपचार के लिए सभी चिकित्सक को आदेशित किया गया है। -डा. एपी गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल
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अगस्त और सितंबर माह में मौसम में हो रहे लगातार बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजाें की सुबह से लंबी कतार लग रही है। दिन में तेज धूप और उमस भरी तो रात में मौसम ठंडा होने के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। कोई बुखार तो कोई सर्दी जुकाम की चपेट में है। मरीजों में सबसे अधिक लोग बुखार, सर्दी व जुकाम से पीड़ित हैं। बुखार के बाद से लोगों को मलेरिया के साथ डेंगू का भी डर सता रहा है। जनपद के दूर दराज क्षेत्रों से ही मरीज ओपीडी शुरू होने के साथ आने लगे है। अस्पताल में पहले जहां 700 से 800 मरीजों को परामर्श दिया जाता था। अब यह आकड़ा बढ़कर 1200 के पार हो चुका है।
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जिला अस्पताल में अभी मुख्य चिकित्सक सहित 22 चिकित्सकों के पद है। अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे से शुरू होकर दोपहर दो बजे तक चलती है। सुबह पर्ची लेने के बाद इन मरीजों का चिकित्सक द्वारा सबसे पहले खून की जांच कराई जा रही है। इसमें सबसे ज्यादा संक्रमण के ही मरीज मिल रहे है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. शैलेष कुशवाहा बताते है कि मौसम में बदलाव से अस्पताल में पिछले कुछ दिनाें से मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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जिला अस्पताल के पैथोलाॅजी में तैनात सीनियर लैब टेक्नीशियन दारोगा सिंह ने बताया कि पहले जहां प्रतिदिन 100 मरीज की जांच होती थी अब वह बढ़कर औसतन 400 हो गई है। बताया कि इस समय अस्पताल की ओपोडी दोपहर दो बजे समाप्त हो जाती है। लेकिन अब जांच करने में शाम के चार बज जाता है। जांच में अधिकतर टायफायड और मलेरिया के मरीज मिल रहे है।
इनसेट
जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या पहुंची 66
मऊ। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण डेंगू के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो जिले में अब तक डेंगू के 66 मरीज मिल चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया कि मंगलवार को डेंगू के 5 नए मरीज मिले है। सभी का निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
कोट
अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों के जांच व उपचार के लिए दवा उपलब्ध है। मरीजों के उपचार के लिए सभी चिकित्सक को आदेशित किया गया है। -डा. एपी गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल