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ग्रामीणों ने घेरी कचिया की दूकान
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Mon, 13 Jun 2016 11:38 PM IST
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विरोध जताया
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विकास खंड क्षेत्र के कोटिया गांव में कचिया शराब धंधे के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने गांव स्थित कचिया शराब विक्रेता की दूकान का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही दूकान बंद कराने की मांग की।
प्रशासन की तमाम कवायद के बाद भी मधुबन थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में कचिया शराब के कारोबार पर अंकुश नहीं लग सका है।हालत यह है कि ईट भट्ठों सहित गांवों मे बन रही कचिया शराब क्षेत्र में कुटीर उद्योग का रूप ले लिया है।
कचिया शराब के सेवन से भारी संख्या में युवा नशे के अभ्यस्त हो रहे हैं। चट्टी चौराहों पर आये दिन नशेड़ियों के उत्पात से राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के कोटिया गांव में शराब की दूकान को बंद कराने की मांग पूरी न होने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। साथ ही शराब विक्रेता का घेराव कर घंटों नारेबाजी किया।
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि व्यवसाय को स्थानीय पुलिस द्वारा खुली छूट दिए जाने के कारण कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। यहां तैयार शराब को बेखौफ गांवों मे बेचा जा रहा है। प्रशासन की ओर से छापेमारी अभियान कागज पर ही चलाया जाता है। सीओ मधुबन आनंद प्रकाश काकहना था कि कचिया शराब व्यवसाय के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। सलाउद्दीन, निर्मला, सुरसती, विमला, जगदीश आदि शामिल थे।
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प्रशासन की तमाम कवायद के बाद भी मधुबन थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में कचिया शराब के कारोबार पर अंकुश नहीं लग सका है।हालत यह है कि ईट भट्ठों सहित गांवों मे बन रही कचिया शराब क्षेत्र में कुटीर उद्योग का रूप ले लिया है।
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कचिया शराब के सेवन से भारी संख्या में युवा नशे के अभ्यस्त हो रहे हैं। चट्टी चौराहों पर आये दिन नशेड़ियों के उत्पात से राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के कोटिया गांव में शराब की दूकान को बंद कराने की मांग पूरी न होने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। साथ ही शराब विक्रेता का घेराव कर घंटों नारेबाजी किया।
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि व्यवसाय को स्थानीय पुलिस द्वारा खुली छूट दिए जाने के कारण कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। यहां तैयार शराब को बेखौफ गांवों मे बेचा जा रहा है। प्रशासन की ओर से छापेमारी अभियान कागज पर ही चलाया जाता है। सीओ मधुबन आनंद प्रकाश काकहना था कि कचिया शराब व्यवसाय के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। सलाउद्दीन, निर्मला, सुरसती, विमला, जगदीश आदि शामिल थे।