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दो साल, दस हजार से अधिक आवेदन, रोजगार सिर्फ 3958
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मऊ। विधानसभा चुनाव में रोजगार को लेकर खूब सरगर्मी मची है, इस बीच जिले में रोजगार को लेकर दिखे तो जिला इस मामले में पिछड़ा नजर आ रहा है। यह हम नहीं बल्कि रोजगार कार्यालय के आंकड़ें खुद बयां कर रहे है। बीते दो वर्षो में जिले के युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए 22 रोजगार मेला का आयोजन किया गया। इसमें छह मेला ऑनलाइन भी आयोजित हुआ। मेला में दस हजार से अधिक युवाओं ने रोजगार की उम्मीद में इस मेले में शामिल हुए, लेकिन इसमें 3958 यानी 40 फीसदी से कम ही युवाओं को रोजगार मिल सका। उधर जिम्मेदार कोरोना संक्रमण का तर्क देकर अपनी इस खामियों को छुपा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।
25 लाख की आबादी वाले जिले में बीते दो वर्ष 2020 और 2021 में 22 रोजगार मेला का आयोजन कर रोजगार देने की प्रक्रिया संचालित की गई। लेकिन पंजीकृत 72 हजार से अधिक युवाओं के लिए यह नकाफी साबित हुआ। हालात यह रहा कि इन रोजगार मेले में करीब 14 हजार युवाओं ने आवेदन किया था, लेकिन इसके सापेक्ष 3958 युवाओं को ही रोजगार मिल सका। इसमें बीते वर्ष 2021 में 12 मेला का आयोजन हुुआ, जिसमें छह मेला का आयोजन ऑनलाइन हुआ। इन सभी मेला में चार हजार से ज्यादा युवाओं ने प्रतिभाग किया, इसमें ऑनलाइन मेला में 335 को जबकि 1105 को आफलाइन आयोजित मेला में रोजगार मिला।
वहीं 2020 में 10 रोजगार मेला का आयोजन किया गया, इसमें 2518 युवाओं को रोजगार मिला था जबकि करीब दस हजार युवाओं ने इसमें प्रतिभाग किया गया था। यह स्थिति उस समय है कि जब विभाग का दावा है कि युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए समय समय पर रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न कंपनियों द्वारा हर साल बड़ी संख्या में युवाओं को चयनित कर उन्हें रोजगार मुहैया करा रही हैं। विभागीय दावे के बावजूद जिले में बड़ी संख्या में बेरोजगार रोजगार के लिए रोजगार कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
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आंकड़ों पर गौर करे वर्तमान में रोजगार कार्यालय में 72614 युवाओं ने रोजगार की तलाश में अपना पंजीकरण कराया है। इसमें 24 हजार 820 महिला प्रतिभागी शामिल है।वहीं हर माह रोजगार कार्यालय में युवाओं को पंजीकरण के बढ़ते आंकड़े से जिले में बेरोजगारी दर को समझा जा सकता है। हालांकि जिले में अब भी बड़ी संख्या में ऐसे भी युवा जो है शिक्षित होने के बाद बेरोजगार हैं, लेकिन रोजगार कार्यालय में उनका पंजीयन नहीं कराया है।
सेवा योजना कार्यालय के अपर सांख्यिकी अधिकारी एमआर प्रजापति ने बताया कि रोजगार उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास जारी है। गत वर्ष 2021 में 12 रोजगार मेला के माध्यम से 1440 लक्ष्य के सापेक्ष शतप्रतिशत रोजगार दिया गया। वहीं 2020 में 10 रोजगार मेला में 2533 को रोजगार मुहैया कराया गया है।
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25 लाख की आबादी वाले जिले में बीते दो वर्ष 2020 और 2021 में 22 रोजगार मेला का आयोजन कर रोजगार देने की प्रक्रिया संचालित की गई। लेकिन पंजीकृत 72 हजार से अधिक युवाओं के लिए यह नकाफी साबित हुआ। हालात यह रहा कि इन रोजगार मेले में करीब 14 हजार युवाओं ने आवेदन किया था, लेकिन इसके सापेक्ष 3958 युवाओं को ही रोजगार मिल सका। इसमें बीते वर्ष 2021 में 12 मेला का आयोजन हुुआ, जिसमें छह मेला का आयोजन ऑनलाइन हुआ। इन सभी मेला में चार हजार से ज्यादा युवाओं ने प्रतिभाग किया, इसमें ऑनलाइन मेला में 335 को जबकि 1105 को आफलाइन आयोजित मेला में रोजगार मिला।
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वहीं 2020 में 10 रोजगार मेला का आयोजन किया गया, इसमें 2518 युवाओं को रोजगार मिला था जबकि करीब दस हजार युवाओं ने इसमें प्रतिभाग किया गया था। यह स्थिति उस समय है कि जब विभाग का दावा है कि युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए समय समय पर रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न कंपनियों द्वारा हर साल बड़ी संख्या में युवाओं को चयनित कर उन्हें रोजगार मुहैया करा रही हैं। विभागीय दावे के बावजूद जिले में बड़ी संख्या में बेरोजगार रोजगार के लिए रोजगार कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
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आंकड़ों पर गौर करे वर्तमान में रोजगार कार्यालय में 72614 युवाओं ने रोजगार की तलाश में अपना पंजीकरण कराया है। इसमें 24 हजार 820 महिला प्रतिभागी शामिल है।वहीं हर माह रोजगार कार्यालय में युवाओं को पंजीकरण के बढ़ते आंकड़े से जिले में बेरोजगारी दर को समझा जा सकता है। हालांकि जिले में अब भी बड़ी संख्या में ऐसे भी युवा जो है शिक्षित होने के बाद बेरोजगार हैं, लेकिन रोजगार कार्यालय में उनका पंजीयन नहीं कराया है।
सेवा योजना कार्यालय के अपर सांख्यिकी अधिकारी एमआर प्रजापति ने बताया कि रोजगार उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास जारी है। गत वर्ष 2021 में 12 रोजगार मेला के माध्यम से 1440 लक्ष्य के सापेक्ष शतप्रतिशत रोजगार दिया गया। वहीं 2020 में 10 रोजगार मेला में 2533 को रोजगार मुहैया कराया गया है।