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Mau News: बीएसए बन धन उगाही करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 90 शिक्षकों से कर चुके वसूली

Tue, 14 Apr 2026 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:12 AM IST
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Two accused who extorted money by posing as BSA arrested, recovered money from 90 teachers
इंटरनेट से शिक्षकों का शिकायत संबंधी डाटा लेकर फर्जी बीएसए उनके ट्रांसफर और पोस्टिंग की धमकी देकर साइबर ठगी करने वाले बरेली के नरेंद्र पाल और सौरभ पाल को पुलिस ने रविवार शाम उनके घर से गिरफ्तार किया।
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पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने बताया कि दोनों के पास से शिक्षकों के डाटा से संबंधित कागजात, एटीएम और बैंक पासबुक बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों ने 90 शिक्षकों को डरा-धमकाकर करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये की धनराशि की उगाही व ठगी की है।
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मामले में विक्रम मिश्रा निवासी आर्य नगर, दिल्ली की पुलिस तलाश कर रही है। 21 मार्च को घोसी के रघौली निवासी रोली ने पुलिस में शिकायत की थी कि उसकी मां चिंता देवी दोहरीघाट कंपोजिट विद्यालय रियांव में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं।
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बीते 16 फरवरी को उनके मोबाइल नंबर पर दिन में करीब 2:30 बजे अज्ञात नंबर से एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि लखनऊ में एक कैंसर पीड़ित अध्यापक है, जिसकी वरीयता के आधार पर दोहरीघाट में नियुक्ति होनी है।
यदि आप तत्काल भेजे गए स्कैनर पर 50 हजार रुपये जमा कर देंगी तो आपका ट्रांसफर नहीं होगा। पैसा नहीं देने पर आपका दोहरीघाट से लखनऊ ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
भयवश कॉल करने वाले व्यक्ति के झांसे में आकर उनकी मां ने अपने खाते से स्कैनर पर 50 हजार रुपये भेज दिए। कुछ देर बाद जब उक्त मोबाइल नंबर पर कॉल किया गया, तो वह बंद मिला। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
संयुक्त टीम की जांच के दौरान भौतिक व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में नरेंद्र पाल निवासी रहपुरा जागीर थाना फतेहगंज पश्चिमी, जिला बरेली व सौरभ पाल निवासी सीवीगंज टेवुलिया थाना फतेहगंज पश्चिमी, जिला बरेली का नाम सामने आया।
लोकेशन के आधार पर बरेली से 12 अप्रैल की शाम करीब छह बजे दोनों को उनके घर से गिरफ्तार कर 13 अप्रैल की सुबह 07:30 बजे घोसी लाया गया।

एसे किया शिक्षिका को गुमराह
पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि इंटरनेट पर प्रदेश में नियुक्त अध्यापकों के संबंध में न्यूज सर्च की जाती है। किसी अध्यापक के खिलाफ कोई शिकायत या जांच प्रचलित होने अथवा किसी अध्यापक के स्थानांतरण या अन्य प्रकरण सामने आने पर उस ग्राम सभा के ग्राम प्रधान का नाम व मोबाइल नंबर इंटरनेट से प्राप्त कर फोन किया जाता है। उस शिक्षक के खिलाफ दर्ज शिकायत के संबंध में ग्राम प्रधान से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव, पीआरओ या बीएसए बनकर बात की जाती थी और अध्यापक को उनका नंबर दिया जाता था। ग्राम प्रधान से नंबर लेकर जब शिक्षक फोन करता था, तो उससे स्कैनर भेजकर पैसे की मांग की जाती थी। बताया कि सौरभ और विक्रम के सहयोग से खाते में पैसे मंगवाए जाते थे, जो कुछ कमीशन काटकर उसे दे देते थे।


हरियाणा, बिजनौर, मुजफ्फर नगर, बरेली में भी दर्ज है प्राथमिकी
एसपी कमलेश बहादुर ने बताया कि दोनों के खिलाफ हरियाणा के भिवानी जिले के थाना लोहारू में एक मुकदमा दर्ज है। मुजफ्फर नगर के थाना छपार में एक, बिजनौर जनपद के चांदपुर थाना में एक और बरेली जनपद के थाना फतेहगंज ईस्ट में दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
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